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उत्तराखंड को ‘हिल्स से हाई-टेक’ की ओर ले जाने की तैयारी,, आईटी विभाग का पदभार संभालते ही अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक, कई बड़े निर्देश जारी,, मल्टीलिंगुअल पर्यटन वेबसाइट, साइंस सिटी और AI आधारित कोर्स पर सरकार का फोकस

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड को ‘हिल्स से हाई-टेक’ की ओर ले जाने की तैयारी,,

आईटी विभाग का पदभार संभालते ही अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक, कई बड़े निर्देश जारी,,

मल्टीलिंगुअल पर्यटन वेबसाइट, साइंस सिटी और AI आधारित कोर्स पर सरकार का फोकस

देहरादून में आईटी विभाग का पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय अधिकारियों और आईटीडीए के नोडल अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार, डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने और युवाओं को तकनीक से जोड़ने को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रदेश में आईटी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए ठोस और तेज़ी से काम किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी योजनाओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाया जाए, ताकि उत्तराखंड तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।

अधिकारियों से कहा गया कि आईटी के क्षेत्र में उत्तराखंड को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए नवाचार, साइबर सुरक्षा, पर्यटन और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में ठोस रणनीति के साथ कार्य किया जाए।


पर्यटकों की सुविधा के लिए बनेगी आधुनिक मल्टीलिंगुअल वेबसाइट

बैठक में पर्यटन क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए एक आधुनिक मल्टीलिंगुअल टूरिज्म डिपार्टमेंट वेबसाइट तैयार की जाए।

यह वेबसाइट ऐसी होगी जिसमें अलग-अलग भाषाओं में पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे विदेशी पर्यटकों को उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने से राज्य में पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने की तैयारी

बैठक में साइबर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रदेश की डिजिटल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा रणनीति लागू की जाए।

डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि सरकारी पोर्टल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह सुरक्षित हों। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय बनाकर आधुनिक सुरक्षा प्रणाली लागू करने पर जोर दिया गया।


अल्मोड़ा, चंपावत और देहरादून में बनेगी साइंस सिटी

प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करने के लिए साइंस सिटी के निर्माण पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अल्मोड़ा, चंपावत और देहरादून में प्रस्तावित साइंस सिटी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।

इसके साथ ही रुड़की को भी इस योजना से जोड़ने की बात कही गई है। साइंस सिटी बनने से छात्रों और युवाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सीखने के नए अवसर मिलेंगे।

यह पहल राज्य के युवाओं को विज्ञान और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी और प्रदेश में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देगी।

IIT रुड़की के साथ मिलकर विकसित होंगे AI आधारित कोर्स

बैठक में युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कोर्सों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए। इसके लिए के साथ समन्वय स्थापित कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉड्यूल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है।इस पहल से युवाओं को भविष्य की तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण मिलेगा और वे आईटी सेक्टर में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

‘Code In Hills, Create for the World’ से बढ़ेगा रिवर्स पलायन

बैठक में “Code In Hills, Create for the World” पहल पर भी विशेष चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को अपने ही राज्य में आईटी सेक्टर में अवसर उपलब्ध कराना है।

सरकार का मानना है कि यदि प्रदेश में मजबूत आईटी इकोसिस्टम तैयार किया जाता है तो इससे रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिलेगा। यानी जो युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों में जा रहे हैं, वे वापस अपने राज्य में आकर काम कर सकेंगे। इसके लिए आईटी उद्योगों को उत्तराखंड में निवेश के लिए आकर्षित करने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।

स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में यह भी कहा गया कि प्रदेश में इनोवेशन हब स्थापित कर स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है। इससे युवाओं को नए विचारों पर काम करने और अपने स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को सही प्लेटफॉर्म और संसाधन मिलें तो वे तकनीक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

उत्तराखंड को मिलेगी ‘हिल्स से हाई-टेक’ की नई पहचान

बैठक के अंत में कहा गया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तराखंड को “हिल्स से हाई-टेक” की दिशा में नई पहचान मिले। सरकार चाहती है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और डिजिटल सुविधाएं हर क्षेत्र में मजबूत हों। यदि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड न केवल पर्यटन बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

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