कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में तेजी,, अखाड़ों के साथ समन्वय समीक्षा बैठक, छावनी आवंटन की प्रक्रिया एक माह में पूरी होगी,, अमृत स्नान पर्वों पर परंपरागत धर्मध्वजा स्थापना और भव्य पेशवाई की तैयारी

इन्तजार रजा हरिद्वार- कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में तेजी,,
अखाड़ों के साथ समन्वय समीक्षा बैठक, छावनी आवंटन की प्रक्रिया एक माह में पूरी होगी,,
अमृत स्नान पर्वों पर परंपरागत धर्मध्वजा स्थापना और भव्य पेशवाई की तैयारी
हरिद्वार, 25 फरवरी 2026। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने अखाड़ों और संत समाज के साथ समन्वय को और मजबूत कर दिया है। सीसीआर भवन में आयोजित अहम बैठक में मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने अखाड़ों के श्रीमहंतों एवं प्रतिनिधि संतों के साथ विस्तृत चर्चा कर व्यवस्थाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में यह तय किया गया कि अखाड़ों की छावनी आवंटन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और एक माह के भीतर भूमि निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं अखाड़ों की परंपराओं और धार्मिक गरिमा के अनुरूप सुनिश्चित की जाएंगी।
संत समाज की सहमति से आगे बढ़ेंगी तैयारियां
बैठक में संतों ने कहा कि कुंभ मेला केवल आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति है। इसलिए पेशवाई, धर्मध्वजा स्थापना, अमृत स्नान और छावनी निर्माण की व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित हों।
ने कहा कि कुंभ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने के लिए सभी अखाड़े प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने भूमि आवंटन शीघ्र पूर्ण करने की मांग रखते हुए कहा कि समय पर छावनी क्षेत्र उपलब्ध होने से अखाड़े अपनी तैयारियां व्यवस्थित ढंग से कर सकेंगे। वहीं ने प्रशासनिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि परंपरानुसार धर्मध्वजा स्थापना, पेशवाई और अमृत स्नान की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अखाड़े पूर्ण सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष चर्चा की गई। संत प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि स्नान पर्वों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम हों और घाटों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने जानकारी दी कि निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। कुंभ क्षेत्र में सेक्टरवार व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है और प्रत्येक अखाड़े के समन्वय के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं और संत समाज की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी व्यवस्थाएं संतों की सम्मति से चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी।
पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर जोर
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और कुंभ नगरी के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। संतों ने सुझाव दिया कि हरित क्षेत्र का संरक्षण, कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छ घाट सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कुंभ-2027 को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक योजना पर कार्य चल रहा है।बैठक में जूना अखाड़ा, श्री पंच अग्नि अखाड़ा और श्री पंच दशनाम आह्वान अखाड़ा के प्रतिनिधियों सहित कई संत उपस्थित रहे। अपर मेला अधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने संत समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सुझावों पर प्राथमिकता से अमल किया जाएगा।
एसपी सिटी अभय सिंह, उप मेला अधिकारी आकाश जोशी, मनजीत सिंह गिल, सीओ (ट्रैफिक) बिपेंद्र सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। कुंभ मेला-2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए प्रशासन और अखाड़े एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। संत समाज की सम्मति और प्रशासनिक तैयारी के साथ हरिद्वार में आस्था का यह महासंगम ऐतिहासिक रूप लेने की ओर अग्रसर है।



