पश्चिम बंगाल में दहाड़े पुष्कर सिंह धामी,, हिंगलगंज से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत, बड़ी जनसभा में ममता सरकार पर तीखा हमला,, ‘धामी मॉडल’ की चर्चा, तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

इन्तजार रजा हरिद्वार- पश्चिम बंगाल में दहाड़े पुष्कर सिंह धामी,,
हिंगलगंज से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत, बड़ी जनसभा में ममता सरकार पर तीखा हमला,,
‘धामी मॉडल’ की चर्चा, तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत कर राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। परिवर्तन यात्रा के तहत आयोजित जनसभा और रोड शो में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभा स्थल पर उमड़ी भीड़ ने धामी के भाषण के दौरान कई बार जोरदार नारे लगाए और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति ने विकास की गति को रोक दिया है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है।
सनातन मूल्यों और राष्ट्रवाद का दिया संदेश
जनसभा को संबोधित करते हुए धामी ने सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा भारत की आत्मा है और सनातनी समाज हमेशा सत्य और राष्ट्रहित के लिए खड़ा रहता है।
धामी ने कहा कि सनातनी हिंदू कभी डरने वाला नहीं होता। वह हमेशा धर्म, सत्य और राष्ट्र की रक्षा के लिए आगे आता है। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ समर्थन व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि देश में आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और भाजपा इसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ रही है। धामी ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ है और इसी सिद्धांत के साथ पार्टी समाज के हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है।
ममता सरकार पर धामी का तीखा हमला
मुख्यमंत्री धामी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है।
धामी ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल में युवाओं को कर्मवीर बनाने के बजाय भत्तावीर बनाया जा रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार और अवसर देने के बजाय उन्हें भत्तों पर निर्भर बना रही है, जिससे उनकी क्षमता और आत्मनिर्भरता प्रभावित हो रही है।
उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। धामी ने कहा कि पश्चिम बंगाल आज भारी कर्ज के बोझ से दबा हुआ है और वित्तीय प्रबंधन की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कर्मचारियों को भी उनके अधिकार समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। कई सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य लाभ समय पर नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में धामी ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और मातृशक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। यदि नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो विकास की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
धामी ने शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हजारों स्कूल बंद हो चुके हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है और इस क्षेत्र में गिरावट बेहद चिंताजनक है।
अवैध घुसपैठ और सीमाई सुरक्षा का मुद्दा
मुख्यमंत्री धामी ने सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। धामी ने कहा कि यदि भाजपा की सरकार राज्य में बनती है तो अवैध घुसपैठ और अराजकता पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में सुशासन स्थापित किया जाएगा और विकास की नई दिशा तय की जाएगी।
‘धामी मॉडल’ बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में लिए गए कई अहम फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू की गई आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून लागू किया गया है और अवैध मदरसों तथा अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्ती से कार्रवाई की गई है। इन फैसलों के कारण उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज देश के कई राज्यों में “धामी मॉडल” की चर्चा हो रही है और लोग इसे मजबूत एवं निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण मान रहे हैं।
जनसभा के अंत में धामी ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में भी विकास, सुशासन और सुरक्षा का नया दौर शुरू होगा।सभा के बाद आयोजित रोड शो में भी बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। लोगों ने फूल बरसाकर और नारे लगाकर मुख्यमंत्री धामी का स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया।



