टीबी मुक्त हरिद्वार अभियान को मिली गति,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल,, “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा हरिद्वार
इन्तजार रजा हरिद्वार – टीबी मुक्त हरिद्वार अभियान को मिली गति,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल,,
“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा हरिद्वार
हरिद्वार, 07 नवंबर 2025।
जनपद हरिद्वार अब “टीबी मुक्त” बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल नेतृत्व और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ व्यापक मुहिम छेड़ दी है। यह प्रयास केवल चिकित्सा क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जनजागरूकता को भी केंद्र में रखता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिला क्षय रोग कार्यालय हरिद्वार ने जनपद में करीब 5 लाख संभावित टीबी मरीजों को चिन्हित कर उन्हें स्वस्थ बनाने का लक्ष्य रखा है। अब तक 2.25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। इन जांचों में बलगम की जांच, एक्स-रे और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। जांच के बाद मरीजों को निशुल्क दवाइयां और उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सीएमओ ने बताया कि टीबी की सबसे बड़ी चुनौती एचआईवी संक्रमित और नशे की लत में फंसे लोगों में देखने को मिलती है, क्योंकि इन वर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जिला क्षय रोग कार्यालय ने इस दिशा में भी विशेष अभियान चलाते हुए एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों की नियमित जांच, दवाइयों की उपलब्धता और फॉलोअप उपचार सुनिश्चित किया है। साथ ही, नशे के शिकार लोगों को टीबी के संक्रमण से मुक्त रखने के लिए लगातार परामर्श और चिकित्सीय देखभाल दी जा रही है।
टीबी उन्मूलन के इस राष्ट्रीय लक्ष्य को सफल बनाने में निक्षय मित्र योजना एक बड़ी भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत समाज के विभिन्न वर्गों, संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों ने टीबी मरीजों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। हरिद्वार में अब तक 7000 से अधिक निक्षय मित्र इस मुहिम से जुड़ चुके हैं जो टीबी रोगियों को पोषण युक्त आहार और मानसिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि टीबी मरीजों को इलाज के दौरान प्रत्येक माह ₹1000 का पोषण भत्ता दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को उचित आहार मिल सके और वे नियमित रूप से दवाइयाँ लेते रहें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सामूहिक भागीदारी से हरिद्वार जल्द ही टीबी मुक्त जिला बनने की दिशा में इतिहास रचने जा रहा है।
अभियान का नारा —
“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” —
अब हरिद्वार की जनचेतना का प्रतीक बन चुका है। प्रशासनिक सहयोग, चिकित्सा विशेषज्ञों की मेहनत और जनता की सहभागिता से हरिद्वार का यह अभियान आने वाले दिनों में पूरे उत्तराखंड के लिए एक मॉडल जिले के रूप में उदाहरण पेश करेगा।
