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उद्योग मित्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता,(सीडीओ) डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न,, एकल खिड़की व्यवस्था के लंबित आवेदनों पर सख्त निर्देश,, हरिद्वार में जिला स्तरीय उद्योग मित्र समिति की अहम बैठक

इन्तजार रजा हरिद्वार- उद्योग मित्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता,(सीडीओ) डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न,,
एकल खिड़की व्यवस्था के लंबित आवेदनों पर सख्त निर्देश,,
हरिद्वार में जिला स्तरीय उद्योग मित्र समिति की अहम बैठक

 

हरिद्वार, 26 दिसम्बर 2025।
जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उद्योग मित्र समिति एवं एकल खिड़की जिला प्राविधिक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. ललित नारायण मिश्र ने की। जिला कार्यालय के सभागार में हुई इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त प्रस्तावों, लंबित आवेदनों और व्यावहारिक समस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए उद्योग बंधुओं की समस्याओं का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सड़क सुरक्षा पर फोकस
बैठक के दौरान सीडीओ ने उन औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया, जहां पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए ताकि उद्योगों के संचालन में कोई बाधा न आए।

इसके साथ ही सलेमपुर राजपूताना औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की कमी को गंभीरता से लेते हुए एचआरडीए को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग भगवानपुर पर ग्राम रायपुर से ग्राम चौली तक दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए एनएचआई रूड़की को वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। वहीं, रायपुर और माहाड़ी चौक पर बस स्टॉप की आवश्यकता को देखते हुए उत्तराखण्ड परिवहन निगम को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एकल खिड़की व्यवस्था पर सख्ती

मुख्य विकास अधिकारी ने महाप्रबंधक उद्योग को निर्देश दिए कि एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों पर नियमानुसार और समयबद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के स्तर पर जो आवेदन लंबित हैं, उनका आपसी समन्वय से शीघ्र निस्तारण किया जाए ताकि निवेशकों और उद्योग मित्रों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा सीडीओ ने यह भी निर्देश दिए कि मिनी औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूखंड या शेड लेने के बावजूद यदि इकाइयों द्वारा उत्पादन शुरू नहीं किया गया है, तो उन्हें अंतिम अवसर दिया जाए। इसके लिए समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि औद्योगिक भूमि का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
ब्याज उपादान मामलों पर सहमति
बैठक में ब्याज उपादान से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की गई और प्राप्त प्रस्तावों पर सहमति संस्तुति दी गई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों का निस्तारण भी तय समय सीमा के भीतर किया जाएगा।
सीडीओ का स्पष्ट संदेश
बैठक के अंत में सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि हरिद्वार में उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान समय पर होगा, तो न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
“उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एकल खिड़की व्यवस्था के तहत प्राप्त आवेदनों पर किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और जनपद में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिले।”
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में महाप्रबंधक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, श्रम विभाग से प्रशान्त कुमार, अग्निशमन अधिकारी वंश यादव, अधिशासी अभियंता लोनिवि रूड़की विपुल सैनी, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रूड़की अमरजीत कौर, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार ऋषभ उनियाल, आरएम सिडकुल कमल किशोर, उद्योग मित्रों में गौतम कपूर, हरेन्द्र गर्ग, केतन भारद्वाज, भारती, एस.के. पाण्डे, सुनील कुमार पाण्डे सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर बैठक में प्रशासन का रुख स्पष्ट रहा—उद्योग मित्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान, पारदर्शिता और समन्वय के साथ हरिद्वार को औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र बनाना।

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