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पोस्टमार्टम हाउस में चूहे ने शव की आंख कुतरी,, हरिद्वार प्रशासन में हड़कंप, डीएम ने CMS और डे-इंचार्ज से मांगा जवाब,, ठेकेदार एजेंसी पर FIR दर्ज करने की तैयारी, गंभीर लापरवाही उजागर

इन्तजार रजा हरिद्वार- पोस्टमार्टम हाउस में चूहे ने शव की आंख कुतरी,,

हरिद्वार प्रशासन में हड़कंप, डीएम ने CMS और डे-इंचार्ज से मांगा जवाब,,

ठेकेदार एजेंसी पर FIR दर्ज करने की तैयारी, गंभीर लापरवाही उजागर

हरिद्वार के पोस्टमार्टम हाउस से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां रखे गए एक शव की आंख चूहे ने कुतर दी—और यह घटना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, सिस्टम की जर्जर व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी की कमी का वीभत्स प्रमाण बनकर उभरी है। मामला सामने आते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

डीएम ने चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (CMS) और पोस्टमार्टम डे-इंचार्ज डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब तलब किया है। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस की सफाई व रखरखाव संभालने वाली ठेकेदार एजेंसी पर भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है।

चौंकाने वाला मामला—मृतक की आंख चूहे ने खा ली

पूरा प्रकरण पंजाबी धर्मशाला के मैनेजर लक्की शर्मा की मौत से जुड़ा है। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए हरिद्वार के पीएम हाउस में रखा गया था। परिजनों को जब शव मिला, तो वे हैरान रह गए—एक आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त थी, जिसे चूहों ने कुतरा था।

यह दृश्य देख परिजनों का आक्रोश स्वाभाविक था। उन्होंने तत्काल पुलिस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। मामला गंभीर था, इसलिए जिलाधिकारी ने भी बिना देरी किए उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया।

जांच रिपोर्ट ने खोली पोल—पोस्टमार्टम हाउस की हकीकत शर्मनाक

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपकर साफ कहा कि—

  • पीएम हाउस में बेतहाशा गंदगी है
  • चूहों की समस्या लंबे समय से है
  • सैनिटेशन ठेकेदार पूरी तरह नाकाम साबित हुआ
  • इंचार्ज डॉक्टर और स्टाफ ने भी अपनी ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती

रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई। CMS और डे-इंचार्ज डॉक्टर को तुरंत नोटिस जारी किया गया, जिसमें पूछा गया है कि “ऐसा कैसे हुआ और जिम्मेदारी किसकी है?”

ठेकेदार एजेंसी पर गिर सकती है बड़ी गाज—FIR की तैयारी

सबसे गंभीर आरोप पोस्टमार्टम हाउस के रखरखाव से जुड़ी ठेकेदार एजेंसी पर लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार—

  • एजेंसी की सेवाएं रद्द करने का निर्णय लगभग तय है
  • साथ ही उस पर FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
  • ठेकेदार को पहले भी कई बार सफाई और रखरखाव सुधारने को कहा गया था
  • मगर एजेंसी ने कोई सुधार नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप यह अमानवीय घटना हुई

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए, और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल

यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं के सड़ चुके ढांचे का खुला सबूत है।
प्रश्न उठना स्वाभाविक है—

  • पोस्टमार्टम हाउस में चूहों की समस्या क्यों बढ़ रही थी?
  • मृतकों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा कौन करेगा?
  • स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे?
  • ठेकेदार एजेंसी को रोकने वाला कोई तंत्र क्यों नहीं था?

इसीलिए डीएम ने न केवल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है, बल्कि कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

मृतक परिजनों में आक्रोश—मानव गरिमा का अपमान

लक्की शर्मा के परिवार ने कहा कि—
“जिस जगह इंसान का आखिरी सम्मान होना चाहिए, वहां ऐसी घिनौनी घटना होना शर्म की बात है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मृतक के साथ अत्याचार है।”

परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

सिस्टम को झकझोरने वाला मामला

पोस्टमार्टम हाउस में चूहों द्वारा शव की आंख खा लिया जाना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का भयावह उदाहरण है।
अब प्रशासन हरकत में जरूर आया है, लेकिन सवाल यह है कि—
क्या कार्रवाई दोषियों को बचाने के लिए औपचारिकता होगी, या वास्तव में कड़ी कार्रवाई कर व्यवस्था में सुधार किया जाएगा?

हरिद्वार का यह मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन चुका है, और सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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