UCC के तहत पंजीकरण अब अनिवार्य,, समय सीमा चूकी तो लगेगा विलंब शुल्क, सभी छूट समाप्त,, उत्तराखंड सरकार का साफ संदेश – अब कोई राहत नहीं

इन्तजार रजा हरिद्वार- UCC के तहत पंजीकरण अब अनिवार्य,,
समय सीमा चूकी तो लगेगा विलंब शुल्क, सभी छूट समाप्त,,
उत्तराखंड सरकार का साफ संदेश – अब कोई राहत नहीं

उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत पंजीकरण को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराना पूरी तरह अनिवार्य होगा। तय समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों को अब विलंब शुल्क देना पड़ेगा। सरकार यह भी साफ कर चुकी है कि अब किसी भी तरह की नई छूट नहीं दी जाएगी।
सरकार इससे पहले जनता को राहत देते हुए दो बार छह-छह माह की छूट प्रदान कर चुकी है। इस दौरान पंजीकरण शुल्क में भी राहत दी गई थी, ताकि लोग बिना आर्थिक बोझ के UCC के अंतर्गत पंजीकरण करा सकें। लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद अपेक्षित संख्या में पंजीकरण नहीं हो पाए, जिसके बाद सरकार ने अब सख्ती का फैसला लिया है।
दो बार बढ़ी समयसीमा, अब तीसरा मौका नहीं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, UCC के लागू होने के बाद पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया। ऑनलाइन पोर्टल, जन सेवा केंद्र और ऑफलाइन माध्यमों से आवेदन की सुविधा दी गई। इसके बावजूद कई लोगों ने समयसीमा को गंभीरता से नहीं लिया।
सरकार का कहना है कि बार-बार छूट देना कानून की भावना के खिलाफ है। इसलिए अब समयसीमा के बाद पंजीकरण कराने पर विलंब शुल्क तय किया गया है, ताकि लोग नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
विलंब शुल्क से बचना है तो तुरंत कराएं पंजीकरण
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें। अधिकारियों के अनुसार, विलंब शुल्क केवल आर्थिक दंड नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि अब सरकार UCC के क्रियान्वयन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
भविष्य में पंजीकरण न होने की स्थिति में विभिन्न सरकारी सेवाओं और कानूनी प्रक्रियाओं में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
UCC को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता
उत्तराखंड सरकार UCC को सामाजिक समानता और कानूनी एकरूपता की दिशा में बड़ा कदम मानती है। सरकार का दावा है कि इससे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों में स्पष्टता आएगी। इसी क्रम में पंजीकरण को अनिवार्य बनाना आवश्यक कदम बताया जा रहा है।
सरकार का अंतिम संदेश साफ है—
UCC के तहत पंजीकरण अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। समय पर पंजीकरण कराएं और विलंब शुल्क से बचें।



