धर्मनगरी हरिद्वार को मिलेगा नया स्वरूप,, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी की बड़ी बैठक प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण व स्वच्छता पर व्यापक कार्ययोजना तैयार,, मॉडल जनपद हरिद्वार बनाने की तैयारी तेज,, अधिकारियों को फील्ड में उतरकर मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश,, सभी एसडीएम, ईओ, बीडीओ को 24 घंटे में बैठक करने के आदेश,, प्रवेश द्वारों पर फुलवारी, प्लांटेशन और पैचवर्क को गति देने पर जोर

इन्तजार रजा हरिद्वार- धर्मनगरी हरिद्वार को मिलेगा नया स्वरूप,,
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी की बड़ी बैठक
प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण व स्वच्छता पर व्यापक कार्ययोजना तैयार,,
मॉडल जनपद हरिद्वार बनाने की तैयारी तेज,,
अधिकारियों को फील्ड में उतरकर मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश,,
सभी एसडीएम, ईओ, बीडीओ को 24 घंटे में बैठक करने के आदेश,,
प्रवेश द्वारों पर फुलवारी, प्लांटेशन और पैचवर्क को गति देने पर जोर
हरिद्वार, 18 नवंबर 2025
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आज जिला कार्यालय सभागार में नगर निगम, उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, नगर पालिका/नगर पंचायत ईओ सहित एनएच, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को बिना किसी देरी के व्यापक कार्ययोजना तैयार करने और फील्ड में उतरकर स्वच्छता की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार: देवभूमि का प्रवेश द्वार, स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार उत्तराखंड का प्रवेश द्वार है और करोड़ों श्रद्धालुओं का पहला पड़ाव भी। चारधाम यात्रा, गंगा स्नान, वैश्विक धार्मिक आयोजनों और पर्यटन की दृष्टि से हरिद्वार देश और विदेश के लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में धर्मनगरी की छवि स्वच्छ, अनुशासित और सुंदर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इच्छा है कि हरिद्वार को एक मॉडल जनपद के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए सभी विभागों को तत्काल प्रभाव से एकजुट होकर कार्य करना होगा। जिलाधिकारी ने साफ किया कि केवल कागजी योजना से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर स्वच्छता, सफाई, सफाई कार्मिकों की तैनाती और मशीनरी के उपयोग की लगातार निगरानी करें।
प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण होगा प्राथमिकता—फुलवारी व प्लांटों की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद के सभी प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण तत्काल प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि बाहरी इलाकों से हरिद्वार में प्रवेश करने वाले यात्रियों को पहली नज़र में स्वच्छता और शहर की सांस्कृतिक पहचान दिखनी चाहिए।
सौंदर्यीकरण कार्यों में निम्न शामिल होंगे—
- प्रवेश द्वारों पर आकर्षक फुलवारी लगाना
- पौधारोपण और हरियाली बढ़ाना
- टूटी-फूटी दीवारों और ढांचों की मरम्मत
- सड़क किनारे गंदगी और अवैध ढेरों को हटाना
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि इन कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो तो संबंधित विभाग तुरंत प्रस्ताव भेजें, जिला प्रशासन आवश्यक बजट उपलब्ध कराने में प्राथमिकता देगा।
एनएच और पीडब्ल्यूडी को सड़कों की साफ-सफाई व पैचवर्क पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी सड़कों की सफाई के लिए पर्याप्त कार्मिक तैनात करें और प्रतिदिन की मॉनिटरिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे जमा मिट्टी, प्लास्टिक, निर्माण सामग्री के अवशेषों को तत्काल हटाया जाए तथा जहां भी पैचवर्क आवश्यक है वहां बिना देरी के मरम्मत कार्य कर गड्ढा-मुक्त सड़कें सुनिश्चित की जाएं।
सभी एसडीएम, ईओ और बीडीओ को 24 घंटे में बैठक कर कार्ययोजना बनाने के आदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसीलों में स्वच्छता की समीक्षा बैठक कल ही आयोजित करें।
- नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के ईओ टीम बनाकर फील्ड में निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करें।
- खंड विकास अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई और जागरूकता अभियानों को गति दें।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी कूड़ा ढेर, गंदगी, टूटी सड़कें, जलभराव या अव्यवस्था न दिखे।
“हरिद्वार को मॉडल जनपद बनाना हम सभी का लक्ष्य”—डीएम मयूर दीक्षित
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम या सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है। यह सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है और हर अधिकारी को यह लक्ष्य अपने लिए व्यक्तिगत रूप से तय करना होगा।उन्होंने कहा कि अगले एक माह में जनपद में दिखाई देने वाला स्पष्ट बदलाव बेहद आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मौजूद रहे विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, उप जिलाधिकारी राजस्व दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी प्रशासन पीआर चौहान, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह, अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित एनएच, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, नगर पालिका एवं जिला पंचायत के अधिकारी उपस्थित रहे।



