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दो दिवसीय प्रवास पर देहरादून आ रहे हैं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत,, 22 फरवरी को जन गोष्ठी, 23 फरवरी को पूर्व सैनिकों से करेंगे संवाद,, गढ़वाल मंडल के संगठन प्रतिनिधियों की जुटान, तैयारियों में जुटा संघ

इन्तजार रजा हरिद्वार- दो दिवसीय प्रवास पर देहरादून आ रहे हैं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत,,

22 फरवरी को जन गोष्ठी, 23 फरवरी को पूर्व सैनिकों से करेंगे संवाद,,

गढ़वाल मंडल के संगठन प्रतिनिधियों की जुटान, तैयारियों में जुटा संघ

देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 22 और 23 फरवरी को दो दिवसीय प्रवास पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंच रहे हैं। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर संघ की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस प्रवास को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सामाजिक, वैचारिक और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विषयों पर मंथन होगा।

22 फरवरी को डॉ. मोहन भागवत देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित एक प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करेंगे। इस गोष्ठी में देहरादून सहित पूरे गढ़वाल मंडल से विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सेवा संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल होंगे। संघ सूत्रों के अनुसार, इस जन गोष्ठी में राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर सरसंघचालक का मार्गदर्शन मिलेगा।

आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड जैसे सीमांत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में इस प्रकार की गोष्ठियों का विशेष महत्व है। गढ़वाल मंडल के कई जिलों से स्वयंसेवक और संगठन प्रतिनिधि पहले ही देहरादून पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

23 फरवरी को मोहन भागवत का कार्यक्रम पूर्व सैनिकों के साथ संवाद का है। इस दिन आयोजित पूर्व सैनिक गोष्ठी में सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों से सीधा संवाद होगा। गोष्ठी में राष्ट्र सुरक्षा, सैनिकों के अनुभव, सामाजिक योगदान और युवाओं में देशभक्ति की भावना को लेकर चर्चा होने की संभावना है। उत्तराखंड को “वीरभूमि” कहा जाता है और यहां बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक निवास करते हैं, ऐसे में यह संवाद कार्यक्रम काफी अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले आरएसएस प्रमुख वर्ष 2019 में देहरादून प्रवास पर आए थे। उस दौरान भी उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद किया था। लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस दौरे को लेकर स्वयंसेवकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थानीय इकाइयों ने प्रवास को सफल बनाने के लिए बैठकें तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थलों की तैयारियों से लेकर अतिथियों के आवागमन और व्यवस्था तक, हर पहलू पर संघ कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। कुल मिलाकर, मोहन भागवत का यह दो दिवसीय देहरादून प्रवास उत्तराखंड के सामाजिक और संगठनात्मक जीवन में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है।

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