हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादा नशीं ख़्वाजा सैयद मोहम्मद निज़ामी का इंतक़ाल,, गैस गीज़र धमाके में हुआ दर्दनाक हादसा, पत्नी गंभीर रूप से घायल

इन्तजार रजा हरिद्वार- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादा नशीं ख़्वाजा सैयद मोहम्मद निज़ामी का इंतक़ाल,,
गैस गीज़र धमाके में हुआ दर्दनाक हादसा, पत्नी गंभीर रूप से घायल

देश की राजधानी दिल्ली स्थित विश्व प्रसिद्ध सूफ़ी दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया (रह.) से एक बेहद दुःखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। दरगाह के सज्जादा नशीं और सूफ़ी परंपरा के प्रमुख वारिस ख़्वाजा सैयद मोहम्मद निज़ामी का गैस गीज़र फटने से हुए भीषण धमाके में इंतक़ाल हो गया। इस दर्दनाक हादसे में उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा उनके आवास पर हुआ, जहां अचानक गैस गीज़र में विस्फोट हो गया। धमाका इतना ज़ोरदार था कि पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद ख़्वाजा सैयद मोहम्मद निज़ामी को बचाया नहीं जा सका। इस घटना से न सिर्फ़ निज़ामुद्दीन क्षेत्र बल्कि देश-विदेश में फैले उनके अनुयायियों और चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।
ख़्वाजा सैयद मोहम्मद निज़ामी सूफ़ी परंपरा की एक अहम शख्सियत थे। वह दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया (रह.) की सदियों पुरानी आध्यात्मिक विरासत के संरक्षक थे और उनकी पहचान आपसी भाईचारे, मोहब्बत, इंसानियत और अमन के पैग़ाम को आगे बढ़ाने वाले सूफ़ी संत के रूप में थी। उनकी मजलिसों और तक़रीरों में हर मज़हब और तबके के लोग शामिल होते थे।
उनके इंतक़ाल की खबर मिलते ही दरगाह परिसर में सन्नाटा पसर गया। अकीदतमंदों की आंखें नम हैं और हर ज़ुबान पर बस यही दुआ है कि परवरदिगार उन्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता करे। कई धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे सूफ़ी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाज़ुक लेकिन स्थिर बताई जा रही है। परिवार, अकीदतमंद और चाहने वाले उनके जल्द सेहतयाब होने की दुआ कर रहे हैं।
इस दुःखद मौके पर पूरे देश से दुआओं का सिलसिला जारी है।
परवरदिगार मरहूम ख़्वाजा सैयद मोहम्मद निज़ामी साहब को जन्नत में आला मुक़ाम अता फरमाए, उनके अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील दे और उनकी ज़ख़्मी पत्नी को जल्द मुकम्मल शिफ़ा अता करे।
आमीन।
यह हादसा एक बार फिर घरेलू गैस उपकरणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, वहीं सूफ़ी परंपरा ने आज अपना एक अहम रहनुमा खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।



