देवभूमि उत्तराखंड में UCC लागू होने का एक वर्ष पूरा,, समान नागरिक संहिता पर आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित दिग्गजों की मौजूदगी,, छात्र-छात्राओं, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ गूंजा “एक कानून-एक पहचान” का संदेश

इन्तजार रजा हरिद्वार- देवभूमि उत्तराखंड में UCC लागू होने का एक वर्ष पूरा,,
समान नागरिक संहिता पर आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित दिग्गजों की मौजूदगी,,
छात्र-छात्राओं, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ गूंजा “एक कानून-एक पहचान” का संदेश

देहरादून/हरिद्वार।
देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक भव्य एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मा० पुष्कर सिंह धामी जी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम ने उत्तराखंड को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मा० सांसद श्री नरेश बंसल, आदरणीय शत्रुघन सिंह, उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, मा० गृह सचिव श्री शैलेश बगौली, विशेष सचिव गृह श्रीमती नविदिता कुकरेती, श्रीमती सुलेखा डंगवाल, गौड़ साहब सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी का संदेश: UCC सामाजिक समरसता और समानता का आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता को धरातल पर उतारकर संविधान की भावना को साकार किया। उन्होंने कहा कि UCC किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान कानून और समान न्याय देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “UCC ने समाज में पारदर्शिता, लैंगिक समानता और न्यायपूर्ण व्यवस्था को मजबूती दी है। यह कानून महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने इस कानून को लागू करने से पहले व्यापक संवाद, विशेषज्ञों की राय और समाज के हर वर्ग की भावनाओं को ध्यान में रखा।
कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों ने बताया ऐतिहासिक निर्णय
कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि UCC ने उत्तराखंड को सुशासन और सुधारों का मॉडल राज्य बनाया है। यह कानून सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और एक समान व्यवस्था स्थापित करने में सहायक सिद्ध हुआ है।
वहीं, डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि समान नागरिक संहिता ने शिक्षा, सामाजिक न्याय और महिला अधिकारों के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्होंने युवाओं और छात्रों से इस कानून की मूल भावना को समझने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
मा० सांसद श्री नरेश बंसल ने कहा कि UCC केवल एक कानून नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला कदम है, जो “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को साकार करता है।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम में DGP उत्तराखंड श्री दीपम सेठ ने UCC के प्रभावी क्रियान्वयन में पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कानून लागू होने के बाद इसकी निगरानी, जनजागरूकता और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है।
गृह सचिव श्री शैलेश बगौली और विशेष सचिव गृह श्रीमती नविदिता कुकरेती ने UCC के प्रशासनिक पहलुओं, नियमावली और इसके सफल संचालन की जानकारी साझा की।
छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से UCC को लेकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने सरल भाषा में उनके सवालों के उत्तर दिए, जिससे युवाओं में कानून को लेकर स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिला।
एक वर्ष की उपलब्धियां और आगे की दिशा
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने UCC लागू होने के एक वर्ष की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस कानून ने समाज में न्याय, समानता और पारदर्शिता को नई मजबूती दी है। साथ ही भविष्य में इसके प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता को और सशक्त करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम राष्ट्रगान और “एक कानून-एक पहचान” के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।



