ऑपरेशन कालनेमी,, धार्मिक आस्था का फायदा उठाने वाले ढोंगियों पर हरिद्वार पुलिस का करारा प्रहार,, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देशों पर पूरे जिले में बहरुपिए बाबाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 105 गिरफ्तार

इन्तजार रजा हरिद्वार- ऑपरेशन कालनेमी,,
धार्मिक आस्था का फायदा उठाने वाले ढोंगियों पर हरिद्वार पुलिस का करारा प्रहार,,
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देशों पर पूरे जिले में बहरुपिए बाबाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 105 गिरफ्तार
हरिद्वार।
धार्मिक नगरी हरिद्वार में आस्था की आड़ में भोले-भाले श्रद्धालुओं को ठगने और उनका शोषण करने वाले ढोंगियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत बड़ा और निर्णायक एक्शन लिया है। एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा हाल ही में आयोजित अपराध गोष्ठी में दिए गए सख्त निर्देशों का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।
इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में पुलिस ने जिले भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गठित विशेष टीमों ने घाटों, आश्रमों, पुलों के नीचे, भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। इस अभियान में अब तक कुल 105 ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जो साधु-संत, बाबा या धार्मिक प्रतीकों की आड़ में आमजन की आस्था से खिलवाड़ कर रहे थे।
आस्था के नाम पर ठगी, अब नहीं चलेगी ढोंगी परंपरा
हरिद्वार देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। इसी आस्था का फायदा उठाकर कई ढोंगी वर्षों से यहां सक्रिय थे। कोई तंत्र-मंत्र के नाम पर भय दिखाकर पैसे ऐंठ रहा था, तो कोई भविष्य संवारने या कष्ट दूर करने का झांसा देकर श्रद्धालुओं को ठग रहा था। पुलिस को लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अपराध गोष्ठी में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि धार्मिक आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद ही “ऑपरेशन कालनेमी” को प्रभावी रूप से लागू किया गया।
पूरे जिले में एक साथ कार्रवाई, ढोंगियों में मचा हड़कंप
ऑपरेशन के तहत कोतवाली नगर हरिद्वार, ज्वालापुर, बहादराबाद, श्यामपुर सहित जिले के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर उन लोगों को चिन्हित किया, जो खुद को साधु, बाबा या धार्मिक गुरु बताकर श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे थे।
कार्रवाई इतनी सख्त और अचानक थी कि ढोंगियों में हड़कंप मच गया। कई वर्षों से अलग-अलग घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर डेरा जमाए बैठे लोग पुलिस के शिकंजे में आ गए। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में अलग-अलग राज्यों से आए लोग भी शामिल हैं, जो हरिद्वार को ठगी का अड्डा बनाए हुए थे।
एसएसपी का साफ संदेश – आस्था के नाम पर ठगी नहीं
इस पूरे अभियान को लेकर एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“हरिद्वार आस्था की नगरी है। यहां श्रद्धालु विश्वास लेकर आते हैं, न कि ठगे जाने के लिए। आस्था के नाम पर लोगों को डराना, भ्रमित करना या उनसे पैसा ऐंठना अपराध है। ऐसे ढोंगियों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। ऑपरेशन कालनेमी आगे भी जारी रहेगा।”
एसएसपी के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि हरिद्वार पुलिस इस तरह की गतिविधियों पर अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना चुकी है।
अभियान रहेगा जारी, आमजन से भी अपील
हरिद्वार पुलिस ने साफ किया है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आमजन और श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि यदि कहीं कोई व्यक्ति धार्मिक आस्था की आड़ में ठगी या शोषण करता नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ऑपरेशन कालनेमी के जरिए हरिद्वार पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि धर्म की आड़ में अधर्म करने वालों के लिए अब हरिद्वार में कोई जगह नहीं है। यह कार्रवाई न सिर्फ कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि सच्चे अर्थों में धार्मिक नगरी की गरिमा को भी सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



