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सैनिक सम्मेलन: मातहतों के बीच अभिभावक बनकर खड़े दिखे एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल,, जवानों की समस्याएं सुनीं, कई का मौके पर समाधान, शेष के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश,, जनसेवा व अपराध अनावरण में उत्कृष्ट योगदान पर 36 जवान ‘पुलिस मैन ऑफ द मंथ’ से सम्मानित

इन्तजार रजा हरिद्वार- सैनिक सम्मेलन: मातहतों के बीच अभिभावक बनकर खड़े दिखे एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल,,

जवानों की समस्याएं सुनीं, कई का मौके पर समाधान, शेष के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश,,

जनसेवा व अपराध अनावरण में उत्कृष्ट योगदान पर 36 जवान ‘पुलिस मैन ऑफ द मंथ’ से सम्मानित

हरिद्वार।
जनपद के पुलिस कप्तान एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल न केवल एक सख्त प्रशासक के रूप में, बल्कि एक संवेदनशील अभिभावक के रूप में भी लगातार अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार दिनांक 29 जनवरी 2025 को पुलिस कार्यालय रोशनाबाद स्थित सभागार में सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसपी डोबाल मातहत पुलिसकर्मियों के बीच सीधे संवाद करते नजर आए।

सम्मेलन की शुरुआत में एसएसपी डोबाल ने मौजूद सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से उनकी कुशलक्षेम जानी। इसके बाद उन्होंने एक-एक कर जवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। आवास, वेतन, ड्यूटी समय, पारिवारिक परिस्थितियों, स्वास्थ्य और संसाधनों से जुड़ी कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य उच्चस्तरीय मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट व समयबद्ध निर्देश दिए गए।

“जवान संतुष्ट होगा तभी पुलिस मजबूत होगी”

सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि पुलिस बल की मजबूती का आधार उसका जवान होता है। यदि जवान मानसिक रूप से संतुष्ट और समस्याओं से मुक्त रहेगा, तभी वह जनता को बेहतर सुरक्षा दे पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सम्मेलन के दौरान एसएसपी डोबाल का व्यवहार पूरी तरह अभिभावक सरीखा नजर आया। उन्होंने जवानों को न सिर्फ सुना, बल्कि भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याएं उनकी प्राथमिकता हैं। यही कारण है कि सम्मेलन के दौरान माहौल पूरी तरह सकारात्मक और भरोसे से भरा रहा।

सम्मान से बढ़ा जवानों का मनोबल

सैनिक सम्मेलन का सबसे प्रेरणादायी क्षण वह रहा, जब एसएसपी डोबाल द्वारा जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और अपराधों के सफल अनावरण में अहम भूमिका निभाने वाले 36 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इन सभी को माह दिसम्बर 2025 के “पुलिस मैन ऑफ द मंथ” से नवाजा गया।

सम्मानित जवानों में 05 महिला पुलिस व होमगार्ड कर्मियों का शामिल होना विभाग में महिलाओं की सशक्त भूमिका को भी दर्शाता है। एसएसपी डोबाल ने कहा कि महिला कर्मी आज किसी भी मोर्चे पर पुरुषों से कम नहीं हैं और उनकी भूमिका निरंतर मजबूत हो रही है।

सम्मानित जवानों में हर यूनिट का प्रतिनिधित्व

सम्मानित किए गए कार्मिकों में कोतवाली नगर, ज्वालापुर, रुड़की, गंगनहर, मंगलौर, लक्सर, बहादराबाद, खानपुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, बुग्गावाला, सिड़कुल, कलियर, पथरी सहित यातायात, फायर सर्विस, दूरसंचार, अभियोजन, एएनटीएफ, सीपीयू, पीसी-3, एमसीयू और नेफिस जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों के जवान शामिल रहे।

एसएसपी डोबाल ने सभी सम्मानित कार्मिकों के कार्यों की खुले मंच से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जवान ही पुलिस विभाग की असली ताकत हैं। उन्होंने अन्य पुलिसकर्मियों से भी इन्हें आदर्श मानते हुए और बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

महिला कर्मियों की भूमिका की विशेष सराहना

सम्मेलन में सम्मानित महिला कर्मियों — होमगार्ड शायरा बानो, महिला कांस्टेबल नेहा डुकलान, महिला कांस्टेबल फुल्लो राय, महिला कांस्टेबल किरण और अन्य — की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। एसएसपी डोबाल ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी आज कानून-व्यवस्था से लेकर अपराध अनावरण तक हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।

स्पष्ट संदेश: मेहनत का मिलेगा सम्मान

सैनिक सम्मेलन के माध्यम से एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने पूरे जनपद पुलिस बल को स्पष्ट संदेश दिया कि ईमानदारी, मेहनत और जनसेवा करने वाले हर जवान को पहचान और सम्मान मिलेगा। वहीं, कार्य में लापरवाही बरतने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।

सम्मेलन के अंत में जवानों के चेहरे पर संतोष और उत्साह साफ नजर आया। यह आयोजन न सिर्फ समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि पुलिस बल के मनोबल को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

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