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आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर सख्त एक्शन प्लान तैयार,, एआरटीओ कार्यालय हरिद्वार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, ट्रेवल्स यूनियनों ने रखीं कई तीखी मांगें, बाहरी वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी,, ग्रीन कार्ड विवाद से सबक, 24 घंटे पंजीकरण और सिंगल चेकिंग सिस्टम लागू करने के संकेत

इन्तजार रजा हरिद्वार- आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर सख्त एक्शन प्लान तैयार,,

एआरटीओ कार्यालय हरिद्वार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, ट्रेवल्स यूनियनों ने रखीं कई तीखी मांगें, बाहरी वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी,,

ग्रीन कार्ड विवाद से सबक, 24 घंटे पंजीकरण और सिंगल चेकिंग सिस्टम लागू करने के संकेत

हरिद्वार, 28 फरवरी 2026।
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर परिवहन विभाग ने इस बार पहले से ज्यादा आक्रामक और संगठित रणनीति तैयार कर ली है। हरिद्वार स्थित एआरटीओ कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यात्रा संचालन को लेकर कई बड़े निर्णयों के संकेत दिए गए। बैठक की अध्यक्षता आरटीओ (प्रशासन) देहरादून श्री संदीप सैनी ने की, जबकि हरिद्वार और रुड़की के एआरटीओ अधिकारियों व विभिन्न ट्रांसपोर्ट यूनियनों के प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी बात रखी। बैठक में माहौल साफ तौर पर यह दर्शा रहा था कि इस बार यात्रा के दौरान अव्यवस्था, अवैध संचालन और तकनीकी खामियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बाहरी राज्यों के वाहनों पर रोक की मांग, स्थानीय कारोबारियों का सीधा सवाल

ट्रेवल्स एसोसिएशन हरिद्वार, पंचपुरी टेम्पो ट्रैवल यूनियन, टैक्सी-मैक्सी यूनियन, लक्सर बस यूनियन और लक्ज़री कोच यूनियन के प्रतिनिधियों ने बैठक में तीखे सवाल उठाए। उनका कहना था कि हर साल यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों के वाहन उत्तराखंड से सवारी उठाकर स्थानीय कारोबारियों की आजीविका पर चोट करते हैं। कई बार ये वाहन बिना उचित अनुमति या नियमों के संचालन करते हैं, जिससे अव्यवस्था भी फैलती है।

एक ट्रेवल्स कारोबारी ने साफ शब्दों में कहा:
“अगर बाहरी राज्यों के वाहन यहां से सीधे सवारी उठाएंगे तो स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। प्रशासन को सख्ती से नियम लागू करने होंगे।”इस पर आरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियमों के तहत वाहन अपने गृह राज्य से ही संचालन शुरू कर सकेंगे। अवैध रूप से सवारी उठाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड प्रक्रिया में बड़ा सुधार

पिछले वर्ष ग्रीन कार्ड को लेकर भारी असंतोष देखने को मिला था। लंबी प्रक्रिया, तकनीकी दिक्कतें और कैंसिलेशन में परेशानियों ने ट्रांसपोर्टरों को खासी नाराजगी दी थी।इस बार विभाग ने पहले से तैयारी करते हुए ट्रिप कार्ड निरस्तीकरण प्रक्रिया को सरल कर दिया है। अब वाहन स्वामी ऑनलाइन और त्वरित तरीके से प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

आरटीओ (प्रशासन) श्री संदीप सैनी ने कहा:
“चारधाम यात्रा राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शी परिवहन संचालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले वर्ष जो समस्याएं सामने आईं, उन्हें दूर करने के लिए इस बार व्यवस्थाओं को पहले से बेहतर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है।”उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ग्रीन कार्ड वितरण और सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल मॉनिटरिंग से जोड़ा जाएगा ताकि फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे।

सिंगल चेकिंग सिस्टम: जाम से राहत की उम्मीद

यात्रा के दौरान बार-बार चेकिंग के कारण लगने वाले जाम को देखते हुए इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। अब हर चेकपोस्ट पर जांच नहीं होगी, बल्कि केवल उनियाल चेकपोस्ट पर आवश्यक सत्यापन किया जाएगा। इस सिंगल चेकिंग सिस्टम से यात्रा मार्ग पर अनावश्यक रुकावट कम होगी और यातायात सुचारु रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे समय की बचत होगी और यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

हरिद्वार में 24 घंटे पंजीकरण कैंप पर सहमति का आश्वासन 

यूनियनों की मांग पर प्रशासन ने हरिद्वार में भी ऋषिकेश की तर्ज पर 24 घंटे यात्रा पंजीकरण कैंप संचालित करने पर सहमति जताई है। आरटीओ सचिव ने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय कर जल्द ही इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इससे यात्रियों को रात्रि के समय भी पंजीकरण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

ई-रिक्शा और क्यूआर कोड सिस्टम की सख्त निगरानी

बैठक के बाद अधिकारियों ने जनपद में चल रहे ई-रिक्शा सत्यापन अभियान और क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली का निरीक्षण किया।प्रत्येक पंजीकृत वाहन पर क्यूआर कोड अनिवार्य किया जा रहा है। इससे किसी भी वाहन की जानकारी तुरंत स्कैन कर प्राप्त की जा सकेगी। अवैध संचालन करने वाले वाहनों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई संभव होगी।

निरीक्षण के दौरान आरटीओ (प्रशासन) देहरादून श्री संदीप सैनी ,एआरटीओ (प्रशासन) हरिद्वार निखिल शर्मा, एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा, एआरटीओ (प्रशासन) रुड़की जितेंद्र चंद और एआरटीओ (प्रवर्तन) कृष्ण पलारिया,, परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी मौजूद रहे।

समन्वय, सख्ती और पारदर्शिता—तीन स्तंभों पर टिकी रणनीति

बैठक के समापन पर आरटीओ (प्रशासन) श्री संदीप सैनी ने कहा कि विभाग और यूनियनों के बीच मजबूत समन्वय ही यात्रा को सफल बनाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही, फर्जीवाड़ा या अवैध संचालन पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन का रुख साफ है—सुरक्षा से समझौता नहीं, पारदर्शिता पर जोर और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा।

चारधाम यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए आरटीओ हरिद्वार की निर्णायक बैठक। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक में लिए गए निर्णय जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं। लेकिन इतना तय है कि इस बार यात्रा को लेकर परिवहन विभाग पूरी तैयारी और सख्त तेवर के साथ मैदान में उतर चुका है।

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