बहदराबाद ATS सेंटर पर परिवहन अधिकारीयों का कड़ा निरीक्षण,, फिटनेस जांच में बड़ा खुलासा—28 में से 10 वाहन अनफिट घोषित, फिटनेस व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई,, ARTO निखिल शर्मा ने दिए कड़े निर्देश, पारदर्शिता पर जोर,, मशीनें, सिस्टम और स्टाफ—सबकी हुई लाइव जांच,, पारदर्शिता और जवाबदेही—निरीक्षण की असली मंशा,, ATS संचालकों को सख्त हिदायत—व्यवस्था सुधारें—रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर तत्काल होगी कार्रवाई,, ढिलाई पर जीरो टॉलरेंस, सड़क सुरक्षा सर्वोपरि
बहदराबाद स्थित ATS सेंटर पर बुधवार को हुए सघन निरीक्षण ने फिटनेस प्रक्रिया की खामियों को उजागर कर दिया। ARTO (प्रशासन) श्री निखिल शर्मा ने संभावित निरीक्षक श्री आनंद वर्धन के साथ मौके पर पहुंचकर न सिर्फ फिटनेस टेस्टिंग की वास्तविक स्थिति की जांच की, बल्कि स्टाफ को कड़े निर्देश भी दिए। निरीक्षण का अंदाज़ साफ था—ढिलाई नहीं, समझौता नहीं, और वाहन जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं।अनफिट वाहन अब सड़क पर नहीं उतर पाएंगे। ATS की जवाबदेही बढ़ाई जाएगी। रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। वाहन मालिकों को अब किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।

इन्तजार रजा हरिद्वार- बहदराबाद ATS सेंटर पर परिवहन अधिकारीयों का कड़ा निरीक्षण,,
फिटनेस जांच में बड़ा खुलासा—28 में से 10 वाहन अनफिट घोषित, फिटनेस व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई,,
ARTO निखिल शर्मा ने दिए कड़े निर्देश, पारदर्शिता पर जोर,,
मशीनें, सिस्टम और स्टाफ—सबकी हुई लाइव जांच,,
पारदर्शिता और जवाबदेही—निरीक्षण की असली मंशा,,
ATS संचालकों को सख्त हिदायत—व्यवस्था सुधारें—रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर तत्काल होगी कार्रवाई,,
ढिलाई पर जीरो टॉलरेंस, सड़क सुरक्षा सर्वोपरि
हरिद्वार। बहदराबाद स्थित ATS सेंटर पर बुधवार को हुए सघन निरीक्षण ने फिटनेस प्रक्रिया की खामियों को उजागर कर दिया। ARTO (प्रशासन) श्री निखिल शर्मा ने संभावित निरीक्षक श्री आनंद वर्धन के साथ मौके पर पहुंचकर न सिर्फ फिटनेस टेस्टिंग की वास्तविक स्थिति की जांच की, बल्कि स्टाफ को कड़े निर्देश भी दिए। निरीक्षण का अंदाज़ साफ था—ढिलाई नहीं, समझौता नहीं, और वाहन जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
फिटनेस जांच में बड़ा खुलासा—28 में से 10 वाहन अनफिट घोषित
निरीक्षण के दौरान सेंटर पर खड़े वाहनों की एक-एक कर बारीकी से जांच की गई। तकनीकी टीम ने 28 वाहनों का परीक्षण किया, जिनमें से 10 वाहनों ने फिटनेस मानकों की धज्जियां उड़ा दीं और उन्हें मौके पर ही अनफिट घोषित कर दिया गया।
यह स्पष्ट संकेत था कि कई वाहन ऑपरेटर फिटनेस प्रक्रिया को महज औपचारिकता मानकर सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे वाहनों का सड़क पर उतरना सीधे तौर पर दुर्घटना, प्रदूषण और यातायात जोखिम को बढ़ाता है।
ARTO निखिल शर्मा ने इस गंभीर स्थिति पर अपनी नाराज़गी जताते हुए स्टाफ को सख्त निर्देश दिए—
“फेल फिटनेस रिपोर्ट पोर्टल पर समय से और पूरी स्पष्टता के साथ अपलोड की जाए। रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी या हेरफेर पाए जाने पर कार्रवाई तय है।”
मशीनें, सिस्टम और स्टाफ—सबकी हुई लाइव जांच
निरीक्षण टीम ने फिटनेस मशीनों, ब्रेक टेस्टिंग यूनिट, सस्पेंशन चेक मशीन, लाइट टेस्टिंग और अन्य तकनीकी उपकरणों की वास्तविक स्थिति भी परखी। कई जगह मशीनें चालू हालत में थीं, परन्तु कुछ में देखभाल और अपग्रेड की ज़रूरत साफ झलक रही थी।
यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं था, बल्कि लाइव टेस्टिंग के साथ यह सुनिश्चित करने का प्रयास था कि वाहन फिटनेस केवल कागज़ी प्रक्रिया न रहे, बल्कि वास्तविक और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित हो।
श्री निखिल शर्मा ने स्पष्ट कहा—
“फिटनेस टेस्टिंग में किसी भी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप या औपचारिकता के नाम पर समझौता नहीं चलेगा।”
रेट लिस्ट छिपाना नहीं चलेगा, आवेदकों को परेशान करने पर रोक
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई बार फिटनेस के लिए आने वाले वाहन मालिकों को रेट लिस्ट न दिखाए जाने की वजह से अनावश्यक बहस और दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
इस पर ARTO ने कड़े शब्दों में निर्देश देते हुए कहा—
“रेट लिस्ट हमेशा स्पष्ट, विजिबल और सार्वजनिक स्थान पर लगी होनी चाहिए। किसी applicant को इधर-उधर भटकाया जाना, या देरी के नाम पर परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
आवेदकों से अनावश्यक शुल्क मांगना, प्रक्रिया में देरी करना या उन्हें गलत जानकारी देना अब ATS संचालनकर्ताओं के लिए भारी पड़ सकता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही—निरीक्षण की असली मंशा
इस निरीक्षण का मूल उद्देश्य यह था कि वाहन फिटनेस प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और बिना किसी ‘मानवीय ढिलाई’ के संचालित हो।
आज के समय में फिटनेस पास होना एक गंभीर और संवेदनशील विषय है—चाहे यातायात सुरक्षा की बात हो, बढ़ते सड़क दुर्घटना आंकड़े हों या प्रदूषण नियंत्रण।
ARTO प्रशासन ने साफ संदेश दिया है—
- कागज़ों में फिट और सड़क पर अनफिट वाहन नहीं चलेंगे।
- फिटनेस में गड़बड़ी करने वालों पर अब सख्त निगरानी और कार्रवाई होगी।
- हर वाहन की तकनीकी जांच वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।
सेंटर स्टाफ को चेतावनी—रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के बाद स्टाफ को यह निर्देश दिए गए कि अनफिट वाहनों की रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की ढिलाई या देरी न हो। पोर्टल पर हर एक फेल फिटनेस रिपोर्ट समय पर अपलोड हो, ताकि सरकारी रिकॉर्ड और मॉनिटरिंग व्यवस्था सुचारू रहे।

“रिकॉर्ड में हेरफेर या रिपोर्ट अपलोड करने में देरी पाए जाने पर तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
यह संदेश संचालनकर्ताओं और स्टाफ दोनों के लिए स्पष्ट है कि अब ATS सेंटर की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की अनिवार्यता लागू हो चुकी है।
ATS संचालकों को सख्त हिदायत—व्यवस्था सुधारें, नहीं तो कार्रवाई तय
निरीक्षण के दौरान कई ऑपरेटर नियमों का पालन करते दिखे, लेकिन ढिलाई और अव्यवस्था के कुछ बिंदु भी सामने आए।
ARTO निखिल शर्मा ने दो टूक कहा—
“फिटनेस व्यवस्था में लापरवाही अब भारी पड़ेगी। सभी ऑपरेटर अपने सिस्टम, स्टाफ और मशीनरी को अपडेट रखें। आने वाले निरीक्षण अचानक भी होंगे और अधिक व्यापक भी।”
सड़क सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क—लगातार निरीक्षण जारी रहेंगे
परिवहन विभाग का यह निरीक्षण अभियान अब एक नियमित और मजबूत व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है।
बहदराबाद ATS सेंटर पर हुई कार्रवाई यह संकेत देती है कि विभाग अब फिटनेस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
ARTO ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया—
“जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, और जरूरत पड़ी तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
ढिलाई पर जीरो टॉलरेंस, सड़क सुरक्षा सर्वोपरि
आज का निरीक्षण न केवल बहदराबाद सेंटर की व्यवस्था का आईना था, बल्कि सिस्टम के लिए एक कड़ा संदेश भी—
- अनफिट वाहन अब सड़क पर नहीं उतर पाएंगे।
- ATS की जवाबदेही बढ़ाई जाएगी।
- रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
- वाहन मालिकों को अब किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
सड़क सुरक्षा और जनता की जान की कीमत पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं—यही संदेश आज के निरीक्षण ने पूरे ज़ोर से दिया।



