जिलाधिकारी के सख्त निर्देश — स्लीपर बसों पर चला एक्शन,, ARTO निखिल शर्मा और ARTO नेहा झा की संयुक्त टीम मैदान में,, 10 बसें सीज, 50 से अधिक चालान — हरिद्वार में जारी सख्त कार्रवाई,, 🚍 अनुमति से अधिक सीटें और अवैध मॉडिफिकेशन बड़ा खतरा,, 💬 परिवहन अधिकारी बोले — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं,, ⚠ बस संचालकों को चेतावनी
हरिद्वार जनपद में अवैध और नियमों के विपरीत चल रही स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी है। सोमवार देर शाम तक चली कार्रवाई में प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है — "यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है, और नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" यह कार्रवाई ARTO (प्रशासन) निखिल शर्मा और ARTO (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में की गई, जिसमें संयुक्त टीम ने चंडी चौक और बहादराबाद क्षेत्र में सघन निरीक्षण कर कई स्लीपर बसों की जांच की। अब तक की जांच में 10 ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों को विभिन्न गंभीर अनियमितताओं के चलते बंद कर दिया गया है, जबकि 50 से अधिक बसों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई है।
इन्तजार रजा हरिद्वार -जिलाधिकारी के सख्त निर्देश — स्लीपर बसों पर चला एक्शन,,
ARTO निखिल शर्मा और ARTO नेहा झा की संयुक्त टीम मैदान में,,
10 बसें सीज, 50 से अधिक चालान — हरिद्वार में जारी सख्त कार्रवाई,,
🚍 अनुमति से अधिक सीटें और अवैध मॉडिफिकेशन बड़ा खतरा,,
💬 परिवहन अधिकारी बोले — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं,,
⚠ बस संचालकों को चेतावनी
हरिद्वार जनपद में अवैध और नियमों के विपरीत चल रही स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी है। सोमवार देर शाम तक चली कार्रवाई में प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है — “यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है, और नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यह कार्रवाई ARTO (प्रशासन) निखिल शर्मा और ARTO (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में की गई, जिसमें संयुक्त टीम ने चंडी चौक और बहादराबाद क्षेत्र में सघन निरीक्षण कर कई स्लीपर बसों की जांच की।

🔍 निरीक्षण में मिले कई बड़े खामियां
जांच के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने बसों में निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की:
- यात्री संख्या से अधिक ओवरलोडिंग
- बिना अनुमति किए गए संरचनात्मक परिवर्तन जैसे स्लीपर बर्थ, एक्स्ट्रा सीटें, कैबिन
- परमिट की वैधता और रूट क्लीनरेंस
- चालक व परिचालक के लाइसेंस और दस्तावेज
- फिटनेस, टैक्स क्लियरेंस और इंश्योरेंस
- यात्रियों की सूची (Passenger List) का अभाव
कई बसें दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, आगरा और अन्य मार्गों पर बिना निर्धारित नियमों का पालन किए संचालित होती मिलीं।
🚍 अनुमति से अधिक सीटें और अवैध मॉडिफिकेशन बड़ा खतरा
जांच के दौरान कई बसों में यात्रियों की तुलना में सीटें अधिक पाई गईं। वहीं, कुछ बस संचालकों ने बिना अनुमति संरचनात्मक बदलाव कर बसों में लोहे के पाइप, अनफ़िट स्लीपर कोच और अतिरिक्त कम्पार्टमेंट बनाए थे — जो दुर्घटना की स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
ARTO टीम के मुताबिक, ऐसे अवैध बदलाव सड़क सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन हैं।
💬 अधिकारी बोले — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा रहे अधिकारियों ने कहा:
“यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और बस संचालन को नियमों के दायरे में लाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नियमित रूप से और सख्ती के साथ आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
⚠ बस संचालकों को चेतावनी
परिवहन विभाग ने बस मालिकों और संचालकों को चेतावनी दी है कि:
- बिना परमिट संचालन
- टैक्स बकाया
- फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र का अभाव
- अवैध सीटिंग/स्लीपर मॉडिफिकेशन
जैसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बस सीज, भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्यवाही शामिल है।
📌 क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?
हरिद्वार में हाल के वर्षों में स्लीपर बसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई बसें नियमों का पालन किए बिना हाईवे और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से संचालित की जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- ओवरलोडिंग दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है
- अवैध स्लीपर बर्थ में बैठे/सोते यात्री दुर्घटना में बुरी तरह घायल होते हैं
- डॉक्यूमेंट और फिटनेस न होने पर वाहन तकनीकी रूप से असुरक्षित होते हैं
इसलिए प्रशासन की यह कार्रवाई आम जनता की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
🚨 अभियान आगे भी जारी रहेगा
ARTO निखिल शर्मा और ARTO नेहा झा ने बताया कि:

“जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ आगे भी जारी रहेगा। यात्री सुरक्षा और नियमों के पालन में शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
हरिद्वार में स्लीपर बसों की अनियमितताओं पर की गई यह कार्रवाई न केवल प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा और उम्मीद है कि इससे अवैध बस संचालन पर रोक लगेगी।



