अलर्टइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरेंपुण्यतिथिपुष्प वर्षापॉलिटिकल तड़काप्रतिबंधितप्रशासनराज्य स्थापना दिवसश्रद्धांजलिसमीक्षा

विजय दिवस पर शौर्य को नमन,, 1971 के शहीदों को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व मेयर किरण जैसल ने दी श्रद्धांजलि,, वीरनारियों व पूर्व सैनिकों का सम्मान, देशहित में निष्ठा व ईमानदारी का आह्वान

इन्तजार रजा हरिद्वार- विजय दिवस पर शौर्य को नमन,,
1971 के शहीदों को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व मेयर किरण जैसल ने दी श्रद्धांजलि,,
वीरनारियों व पूर्व सैनिकों का सम्मान, देशहित में निष्ठा व ईमानदारी का आह्वान

हरिद्वार, 16 दिसम्बर 2025।
विजय दिवस के पावन अवसर पर जिला सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में जिला कार्यालय सभागार एवं परिसर में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने 1971 के भारत–पाक युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मेयर नगर निगम हरिद्वार किरण जैसल उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि 1971 का युद्ध भारत के सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है, जिसमें हमारे जांबाज़ सैनिकों ने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में लगभग 3900 भारतीय सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए शहीदों का यह सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

जिलाधिकारी ने कहा कि देश को केवल बाहरी दुश्मनों से ही नहीं, बल्कि आंतरिक चुनौतियों और बुराइयों से भी सजग एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जनपदवासियों से आह्वान किया कि वे जिस भी क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से करें, ताकि देश, प्रदेश और जनपद निरंतर उन्नति एवं प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके और हरिद्वार एक आदर्श जनपद के रूप में स्थापित हो।

उन्होंने आश्वासन दिया कि शहीद सैनिकों की वीरनारियों, उनके परिजनों, सेवारत सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन सदैव सैनिक परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मेयर नगर निगम हरिद्वार किरण जैसल ने भी 1971 के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय सेना के साहस और बलिदान के कारण ही आज हम सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जो विजय प्राप्त की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को शत-शत नमन है।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मेयर किरण जैसल द्वारा शहीद सैनिकों की वीरनारियों, परिजनों एवं पूर्व सैनिकों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती मीशा देवी (राइफलमैन स्व. मनोज सिंह), श्रीमती मंजू त्यागी (नायक राधेश्याम), श्रीमती शीला देवी (सिपाही पारस नाथ), श्रीमती माहेश्वरी देवी (सूबेदार राजे सिंह नेगी), श्रीमती मिथलेश देवी (सिपाही बृजपाल सिंह), श्रीमती गीता सैनी (हवलदार सोनित कुमार सैनी) सहित पूर्व सैनिक कुंवर सिंह, मुकेश कुमार, जगदीश प्रसाद, जरीफ अहमद, दुर्गा दत्त, रामेश्वर प्रसाद आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों द्वारा देशभक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसने वातावरण को देशप्रेम से ओतप्रोत कर दिया। इसके पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। शहीद सैनिकों के सम्मान में पुलिस के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा सभी उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर डॉ. सरिता पवार (अ.प्रा.) ने समस्त पूर्व सैनिकों, वीरनारियों, आश्रितों एवं गणमान्य नागरिकों का स्वागत किया। उन्होंने विजय दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए 1971 के युद्ध में भारतीय सैन्य बलों की वीरता और शौर्य का विस्तृत वर्णन किया। साथ ही सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए नागरिकों से सैनिकों के बलिदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरनारियां, उनके परिजन, एनसीसी कैडेट एवं पुलिस जवान उपस्थित रहे। विजय दिवस का यह कार्यक्रम देशभक्ति, सम्मान और कृतज्ञता की भावना के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

Related Articles

Back to top button