हरिद्वार में ई-रिक्शा संचालन पर सख्ती,, पुलिस सत्यापन और वाहन जांच के बिना नहीं चलेंगे ई-रिक्शा,, 01 फरवरी से 31 मार्च तक प्रतिदिन 200 ई-रिक्शाओं का होगा भौतिक सत्यापन

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में ई-रिक्शा संचालन पर सख्ती,,
पुलिस सत्यापन और वाहन जांच के बिना नहीं चलेंगे ई-रिक्शा,,
01 फरवरी से 31 मार्च तक प्रतिदिन 200 ई-रिक्शाओं का होगा भौतिक सत्यापन

हरिद्वार।
शहर में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। अध्यक्ष जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिलाधिकारी हरिद्वार के निर्देशों के क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार द्वारा ई-रिक्शा संचालन हेतु निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
इस संबंध में पूर्व में कार्यालय पत्रांक 1432/ई-रिक्शा SOP/2025 दिनांक 20 दिसंबर 2025 के माध्यम से हरिद्वार शहर के समस्त ई-रिक्शा वाहन स्वामियों एवं चालकों को निर्देशित किया गया था कि वे पुलिस सत्यापन के पश्चात अपने वाहनों के प्रपत्रों एवं वाहन का भौतिक सत्यापन निर्धारित अवधि में कराना सुनिश्चित करें।
पुलिस सत्यापन के लिए 11 दिन की अतिरिक्त मोहलत
प्रशासन ने ई-रिक्शा चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस सत्यापन के लिए अतिरिक्त 11 दिन का समय प्रदान किया है। अब ई-रिक्शा वाहन स्वामी और चालक निर्धारित अवधि के भीतर अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। यह सत्यापन सार्वजनिक सुरक्षा, महिला सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कई बिना सत्यापन और बिना वैध दस्तावेजों के चल रहे थे। इससे न केवल यातायात अव्यवस्था उत्पन्न हो रही थी, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आ रही थीं।
01 फरवरी से 31 मार्च तक चलेगा सत्यापन अभियान
पुलिस सत्यापन के उपरांत 01 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक ई-रिक्शाओं के प्रपत्रों एवं वाहनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया प्रतिदिन 200 ई-रिक्शाओं की होगी, जिसे “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर संपन्न किया जाएगा।
भौतिक सत्यापन के दौरान ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही वाहन की स्थिति, फिटनेस और सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया जाएगा।
सत्यापन के बाद मिलेगा स्टीकर और पहचान पत्र
जो ई-रिक्शा वाहन इस प्रक्रिया में सफल पाए जाएंगे, उनके वाहनों पर विशेष स्टीकर चस्पा किया जाएगा। साथ ही ई-रिक्शा चालकों को आधिकारिक पहचान पत्र भी निर्गत किया जाएगा। यह पहचान पत्र न केवल चालक की वैधता सिद्ध करेगा, बल्कि यात्रियों के लिए भी विश्वास का माध्यम बनेगा।
प्रशासन का मानना है कि इससे अवैध और असत्यापित ई-रिक्शाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी।
नियमों की अनदेखी पर संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हरिद्वार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के पश्चात बिना पुलिस सत्यापन तथा बिना वाहन व प्रपत्रों के भौतिक सत्यापन के किसी भी ई-रिक्शा को सड़क पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित ई-रिक्शा के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का यह कदम शहर में बढ़ती यातायात समस्याओं, अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यातायात सुधार और सुरक्षा की दिशा में अहम पहल
जिला प्रशासन की यह पहल हरिद्वार की यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। ई-रिक्शा चालकों से अपील की गई है कि वे समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्पष्ट है कि अब हरिद्वार में नियमों से समझौता नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन ही प्रशासन की प्राथमिकता है।



