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हरिद्वार में परिवहन विभाग का दमदार प्रदर्शन: 2025–26 में बने रिकॉर्ड, प्रवर्तन और राजस्व में ऐतिहासिक उछाल,, 🟡 लक्ष्य से आगे निकला विभाग, 69 हजार से अधिक चालान और 12 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूली,, 🟢 ई-चालान, टोकन सिस्टम और सख्त कार्रवाई से बना मॉडल जिला—राज्य के लिए मिसाल

परिवहन मंत्री श्री प्रदीप बत्रा के गृह जनपद हरिद्वार में परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित के कुशल निर्देशन तथा आरटीओ (प्रवर्तन) देहरादून श्रीमती अनीता चमोला और आरटीओ (प्रशासन) देहरादून श्री संदीप सैनी के प्रभावी मार्गदर्शन में जनपद में प्रवर्तन और प्रशासनिक कार्यों को नई गति

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 हरिद्वार में परिवहन विभाग का दमदार प्रदर्शन: 2025–26 में बने रिकॉर्ड, प्रवर्तन और राजस्व में ऐतिहासिक उछाल,,

🟡 लक्ष्य से आगे निकला विभाग, 69 हजार से अधिक चालान और 12 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूली,,

🟢 ई-चालान, टोकन सिस्टम और सख्त कार्रवाई से बना मॉडल जिला—राज्य के लिए मिसाल

हरिद्वार। परिवहन मंत्री श्री प्रदीप बत्रा के गृह जनपद हरिद्वार में परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित के कुशल निर्देशन तथा आरटीओ (प्रवर्तन) देहरादून श्रीमती अनीता चमोला और आरटीओ (प्रशासन) देहरादून श्री संदीप सैनी के प्रभावी मार्गदर्शन में जनपद में प्रवर्तन और प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिली है।

जनपद के दोनों एआरटीओ कार्यालय—हरिद्वार और रुड़की—ने लक्ष्य आधारित रणनीति के तहत सख्त और परिणामोन्मुख कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की। हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय द्वारा वर्ष 2025–26 में कुल 35,986 चालान किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 109.05 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। वहीं, रुड़की एआरटीओ कार्यालय ने 33,531 चालान करते हुए 107.47 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हासिल की, जो गत वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को दर्शाता है।

इस प्रकार पूरे जनपद में कुल लगभग 69,500 चालान किए गए, जो परिवहन विभाग की सक्रियता और सख्ती का स्पष्ट प्रमाण है। अवैध और अनियमित वाहनों के खिलाफ भी विभाग ने कठोर रुख अपनाया। हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय द्वारा 2,301 वाहन सीज किए गए, जो लक्ष्य के सापेक्ष 110 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि है। वहीं, रुड़की में 2,377 वाहनों को सीज कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई।

राजस्व प्राप्ति के मामले में भी विभाग ने शानदार प्रदर्शन किया। हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय ने लगभग ₹529.77 लाख और रुड़की एआरटीओ कार्यालय ने ₹680.82 लाख की वसूली की। इस प्रकार जनपद में कुल मिलाकर ₹12 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो विभागीय कार्यकुशलता और प्रभावी वसूली प्रणाली को दर्शाता है।

तकनीकी सुधारों के तहत ई-चालान प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया गया, जिससे चालान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हुई है। चालानों के त्वरित निस्तारण, न्यायालय में प्रेषण और दंड वसूली की प्रक्रिया को व्यवस्थित कर विभाग ने आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया।

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे एआरटीओ (प्रवर्तन) हरिद्वार श्रीमती नेहा झा और एआरटीओ (प्रवर्तन) रुड़की श्री कृष्ण पलारिया की सक्रिय और रणनीतिक कार्यशैली का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी और प्रभावी टीम प्रबंधन के जरिए प्रवर्तन कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

प्रशासनिक मोर्चे पर भी हरिद्वार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। एआरटीओ (प्रशासन) हरिद्वार श्री निखिल शर्मा और रुड़की के श्री जितेंद्र चंद ने कर वसूली और प्रशासनिक सुधारों में उल्लेखनीय कार्य किया। उनके प्रयासों से कर वसूली में लगभग 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित की गई, साथ ही पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह प्रदर्शन ₹100 करोड़ से अधिक लक्ष्य वाले एआरटीओ कार्यालयों में श्रेष्ठ श्रेणी में आता है।

जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यालयों में टोकन प्रणाली लागू की गई, जिससे आम जनता को लंबी कतारों से राहत मिली और कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी। इसके साथ ही हरिद्वार उपक्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई, जो राज्य स्तर पर एक आदर्श पहल के रूप में उभर रही है।

कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2025–26 में हरिद्वार परिवहन विभाग ने प्रवर्तन और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। विभाग की यह उपलब्धियां न केवल राज्य के अन्य जनपदों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, बल्कि भविष्य में भी इसी तरह की जनहितकारी और प्रभावी कार्यवाही की दिशा में मजबूत आधार तैयार करती हैं।

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