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मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान में चलता था फर्जी दस्तावेज़ों का गोरखधंधा,, कप्तान नवनीत सिंह की अगुवाई में सत्यापन अभियान के दौरान सिडकुल पुलिस ने कर दिया बड़ा खुलासा,, फर्जी आधार कार्ड और मार्कशीट बनाने वाला बिजनौर निवासी युवक गिरफ्तार

इन्तजार रजा हरिद्वार- मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान में चलता था फर्जी दस्तावेज़ों का गोरखधंधा,,

कप्तान नवनीत सिंह की अगुवाई में सत्यापन अभियान के दौरान सिडकुल पुलिस ने कर दिया बड़ा खुलासा,,

फर्जी आधार कार्ड और मार्कशीट बनाने वाला बिजनौर निवासी युवक गिरफ्तार

हरिद्वार, 23 फरवरी 2026।
जनपद में चल रहे सघन सत्यापन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ने मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान की आड़ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक शातिर युवक को गिरफ्तार कर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष सत्यापन एवं चेकिंग अभियान के दौरान की गई।

पुलिस के अनुसार, थाना सिडकुल क्षेत्र में पिपलेश्वर मंदिर, रावली महदूद के पास संचालित एक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान में छापेमारी की गई। यह दुकान बाहर से सामान्य मोबाइल मरम्मत केंद्र नजर आती थी, लेकिन भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से फर्जी आधार कार्ड, फर्जी हाईस्कूल अंकतालिकाएं और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।

कैसे खुला फर्जीवाड़े का राज?

पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में जिले में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना सिडकुल पुलिस को सूचना मिली कि रावली महदूद क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। संयुक्त टीम ने सघन चेकिंग के दौरान दुकान पर छापा मारा तो मौके पर एक युवक दस्तावेज तैयार करते हुए पाया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पुनीत कुमार (28 वर्ष) पुत्र वेदपाल सिंह निवासी ग्राम कासमाबाद, पोस्ट बुढनपुर, थाना स्योहरा, जिला बिजनौर (उ.प्र.) बताया। वर्तमान में वह पिपलेश्वर मंदिर, रावली महदूद में रह रहा था और वहीं से अपना यह अवैध कारोबार चला रहा था।

आरोपी ने स्वीकार किया कि सिडकुल क्षेत्र में नौकरी की तलाश में आने वाले बाहरी राज्यों के लोगों को उत्तराखंड के दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। ऐसे में वह आधार कार्ड में नाम, पता और उम्र बदलकर प्रिंट निकाल देता था। इसके अलावा हाईस्कूल की अंकतालिकाओं की भी कूटरचित प्रतियां तैयार कर ग्राहकों को उपलब्ध कराता था। इसके एवज में वह मोटी रकम वसूलता था।

भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद

दुकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम सामान बरामद किए। बरामदगी में शामिल हैं:

  • 01 लैपटॉप (सिल्वर)
  • 01 लैपटॉप चार्जर
  • 01 कलर प्रिंटर-स्कैनर
  • 01 की-बोर्ड
  • 04 आधार कार्ड (जिनमें 02 कूटरचित पाए गए)
  • 09 हाईस्कूल अंकतालिकाओं की कूटरचित छायाप्रतियां

इन बरामद दस्तावेजों और उपकरणों के आधार पर थाना सिडकुल में मु0अ0सं0 74/2026 के तहत धारा 318(2)/336(3)/338/339 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा बन रहे थे फर्जी दस्तावेज

पुलिस अधिकारी अभय प्रताप सिंह एसपी सिटी हरिद्वार के अनुसार, इस तरह के फर्जी दस्तावेज न केवल सरकारी व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में देश के विभिन्न हिस्सों से लोग रोजगार के लिए आते हैं। यदि फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर कोई भी व्यक्ति नौकरी या निवास प्राप्त कर ले, तो इससे कानून-व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में किसी भी प्रकार के कूटरचित दस्तावेज तैयार करने या उनका उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

पुलिस टीम की सतर्कता से मिली सफलता

इस कार्रवाई में थाना सिडकुल की टीम की सक्रिय भूमिका रही। थानाध्यक्ष नितेश शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे प्रकरण का खुलासा किया। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेन्द्र तोमर, उपनिरीक्षक बबलू चौहान, अपर उपनिरीक्षक संजय चौहान सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। सभी की सजगता और समन्वय के चलते यह अवैध नेटवर्क समय रहते पकड़ में आ गया।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी अब तक कितने फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। बरामद लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि डाटा के आधार पर पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।

हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सत्यापन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और आने वाले दिनों में भी ऐसे अवैध कार्यों पर सख्त प्रहार जारी रहेगा।

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