इन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

प्रोजेक्ट सक्षम : युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल,, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने किया हॅलोनिक्स टेक्नोलॉजीज़ के सीएसआर ट्रेनिंग सेंटर का शुभारंभ,, हरिद्वार में खुला रोजगार और कौशल विकास का नया द्वार

इन्तजार रजा हरिद्वार- प्रोजेक्ट सक्षम : युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल,,
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने किया हॅलोनिक्स टेक्नोलॉजीज़ के सीएसआर ट्रेनिंग सेंटर का शुभारंभ,,
हरिद्वार में खुला रोजगार और कौशल विकास का नया द्वार

हरिद्वार, 11 नवम्बर 2025
हरिद्वार में आज रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। हॅलोनिक्स टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट सक्षम” के ट्रेनिंग सेंटर का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएं और बड़ी संख्या में युवक-युवतियां उपस्थित रहे।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल

उद्घाटन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि “प्रोजेक्ट सक्षम” हरिद्वार के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा। इस ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से न केवल हरिद्वार बल्कि आसपास के जनपदों व राज्यों के युवक-युवतियों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है, जरूरत है केवल कौशल और मार्गदर्शन की।

डॉ. मिश्रा ने कहा—

“यह पहल हरिद्वार की युवा शक्ति को सशक्त करने का कार्य करेगी। ब्यूटी एंड वेलनेस, होम अप्लायंसेस रिपेयरिंग और क्लाउड किचन जैसे कोर्स युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाएंगे।”

उन्होंने बताया कि इस सेंटर में ब्यूटी एंड वेलनेस ट्रेनिंग के तहत निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षित युवतियां आगे चलकर अपने स्वयं के पार्लर खोल सकती हैं या रोजगार के अन्य अवसर प्राप्त कर सकती हैं। प्रशासन की ओर से ऐसे युवाओं को लोन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे अपने छोटे व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।

तकनीकी कौशल से खुलेगा रोजगार का नया अध्याय

मुख्य विकास अधिकारी ने आगे कहा कि होम अप्लायंसेस ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ने वाले युवक दैनिक रूप से ₹1000 से ₹2000 तक की आय कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रायोगिक और तकनीकी कोर्स युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

“जब युवाओं को घर के पास ही कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर मिलेगा, तब बेरोजगारी पर स्वाभाविक रूप से अंकुश लगेगा,” — डॉ. मिश्रा ने कहा।

उन्होंने “क्लाउड किचन” की अवधारणा पर विशेष जोर देते हुए बताया कि महिलाएं घर बैठे इस मॉडल के माध्यम से छोटे निवेश से व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। क्लाउड किचन के लिए प्रशिक्षण लेकर महिलाएं घर से ही भोजन व्यवसाय शुरू करेंगी, जिससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।

सामाजिक सहयोग से सशक्त होगी महिला शक्ति

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने भी “प्रोजेक्ट सक्षम” को समाज और युवाओं के लिए क्रांतिकारी पहल बताया। ओम आरोग्यम योग मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक योगी रजनीश ने कहा कि उद्योगों द्वारा समाज के प्रति इस प्रकार की जिम्मेदारी निभाना आज के युग की आवश्यकता है। मुख्य संरक्षक सिडकुल के जगदीश लाल पाहवा ने कहा कि उद्योग और समाज के बीच तालमेल से ही देश की असली प्रगति संभव है।

हॅलोनिक्स टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. के प्लांट हेड प्रभा कांत शुक्ला ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल उत्पाद निर्माण नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से हर साल सैकड़ों युवक-युवतियों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे अपने बलबूते पर आगे बढ़ सकें।
जीएम क्वालिटी अंकित शर्मा ने कहा कि कंपनी आगे भी अन्य सामाजिक परियोजनाओं के माध्यम से हरिद्वार के विकास में योगदान देती रहेगी।

संयुक्त प्रयास से साकार होगा “सक्षम हरिद्वार” का सपना

इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अविनाश सिंह भदौरिया, एमटीपी चैरिटेबल सोसाइटी के संस्थापक विनय गर्ग, और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने “प्रोजेक्ट सक्षम” के उद्देश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल हरिद्वार को कौशल विकास हब बनाने में सहायक होगी।

ट्रेनिंग सेंटर में उपस्थित युवक-युवतियों ने कहा कि उन्हें ऐसे प्रोजेक्ट्स की जरूरत लंबे समय से थी, जो न केवल प्रशिक्षण दें बल्कि उन्हें रोज़गार की दिशा में आगे भी मार्गदर्शन प्रदान करें।

समापन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने सभी प्रशिक्षुओं से कहा कि—

“यह अवसर आपके जीवन को दिशा देने वाला है, इसे केवल प्रशिक्षण न समझें, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अपने योगदान के रूप में देखें।”

हरिद्वार में ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ का शुभारंभ न केवल कौशल विकास की नई यात्रा की शुरुआत है, बल्कि यह समाज, उद्योग और प्रशासन के संयुक्त सहयोग का एक प्रेरक उदाहरण भी है। आने वाले समय में यह पहल सैकड़ों युवाओं के जीवन में नई उम्मीदें और अवसर लेकर आएगी।

Related Articles

Back to top button