मर्दाना ताकत, बवासीर और मनचाहा प्यार के भद्दे विज्ञापनों पर सिस्टम का कहर,, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर दर्ज हुआ पहला मुकदमा, बिल्डर से झोलाछाप तक फंसे,, हरिद्वार की सूरत बिगाड़ने वालों को सख्त चेतावनी—कोई नहीं बख्शा जाएगा,, मर्दाना ताकत और मनचाहा प्यार बेचने वालों की दीवारों पर लिखी कहानी अब थानों की फाइलों में दर्ज

इन्तजार रजा हरिद्वार- मर्दाना ताकत, बवासीर और मनचाहा प्यार के भद्दे विज्ञापनों पर सिस्टम का कहर,,
डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर दर्ज हुआ पहला मुकदमा, बिल्डर से झोलाछाप तक फंसे,,
हरिद्वार की सूरत बिगाड़ने वालों को सख्त चेतावनी—कोई नहीं बख्शा जाएगा,,
मर्दाना ताकत और मनचाहा प्यार बेचने वालों की दीवारों पर लिखी कहानी अब थानों की फाइलों में दर्ज

हरिद्वार।
धर्मनगरी हरिद्वार की दीवारों, फ्लाईओवरों और हाईवे किनारे सार्वजनिक संपत्तियों को बदसूरत बनाने वाले भद्दे और भ्रामक विज्ञापनों पर आखिरकार जिला प्रशासन का डंडा चल ही गया। मर्दाना ताकत बढ़ाने, बवासीर का चमत्कारी इलाज और मनचाहा प्यार दिलाने जैसे फूहड़ नारों से शहर की सूरत बिगाड़ने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर पहला मुकदमा कनखल थाने में दर्ज कराया गया है। इस कार्रवाई में झोलाछाप डॉक्टरों के साथ-साथ एक नामी बिल्डर और कंपनियां भी फंस गई हैं।
यह मुकदमा सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम 2003 के तहत दर्ज किया गया है, जिसे प्रशासन ने साफ संकेत के तौर पर लिया है कि अब हरिद्वार को विज्ञापन की दीवार समझने वालों की खैर नहीं।
हाईवे से शहर की दीवारों तक फैला था गंदा खेल
दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों, बिजली के खंभों, दीवारों और पुलों पर लंबे समय से चूने और पेंट से लिखे अश्लील व भ्रामक विज्ञापन नजर आ रहे थे। इन विज्ञापनों में मोबाइल नंबर लिखकर आम लोगों को झांसा देने का खुला खेल चल रहा था।
शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुंच रही थीं कि इस तरह के विज्ञापन न केवल शहर की सुंदरता पर दाग हैं, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों को गुमराह करने का जरिया भी बन चुके हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वच्छता अभियान और शहरी सौंदर्यीकरण के तहत सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा, नाम भी आए सामने
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के महाप्रबंधक विशाल कुमार गोयल की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में जिन लोगों और संस्थाओं के नाम सामने आए हैं, उनमें झोलाछाप डॉक्टरों से लेकर कंपनियां और एक बिल्डर तक शामिल हैं।
मुकदमे में जिनके नाम दर्ज किए गए हैं, उनमें—
- Dr Koran
- Sanchi Clinic
- Sadashiv Infra
- Dr Bharat
- Bhagander Clinic
- Dr Singhla
- Guru Kripa
- AFI पशुआहार
- J K Maxx
जैसी इकाइयां शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दायरे को आगे और भी बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज होंगे।
डीएम मयूर दीक्षित का साफ संदेश—कोई नहीं बचेगा
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दो टूक कहा कि हरिद्वार को साफ, सुंदर और गरिमामय शहर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा—
“शहर की सड़कों और हाईवे किनारे इस तरह के भद्दे विज्ञापन न केवल अवैध हैं, बल्कि हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सार्वजनिक संपत्तियों पर गैर-कानूनी तरीके से विज्ञापन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कोई भी व्यक्ति या संस्था बख्शी नहीं जाएगी।”
डीएम ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर शहरभर में ऐसे विज्ञापनों को हटाया जाएगा और दोषियों से जुर्माना भी वसूला जाएगा।
प्रशासन की सख्ती से मचा हड़कंप
इस पहली एफआईआर के बाद झोलाछाप डॉक्टरों, फर्जी क्लीनिक संचालकों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। कई जगहों पर आनन-फानन में विज्ञापनों को मिटाने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।
हालांकि प्रशासन का साफ कहना है कि अब केवल पेंट मिटाने से नहीं, कानून का सामना करना पड़ेगा।
स्वच्छता अभियान को मिलेगा बल
प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वच्छ भारत मिशन और हरिद्वार को पर्यटन-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि लंबे समय बाद प्रशासन ने शहर की असली समस्या पर हाथ डाला है।
अब देखना यह होगा कि यह कार्रवाई केवल एक एफआईआर तक सीमित रहती है या आने वाले दिनों में पूरे हरिद्वार में अवैध विज्ञापन माफिया के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा जाता है। फिलहाल इतना तय है कि मर्दाना ताकत और मनचाहा प्यार बेचने वालों की दीवारों पर लिखी कहानी अब थानों की फाइलों में दर्ज हो चुकी है।



