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नशा मुक्ति कार्यक्रम में बड़ा लापरवाही कांड,, छात्रों को परोसे गए एक्सपायरी चिप्स,, खाद्य सुरक्षा विभाग की तत्पर कार्रवाई, दुकान पर छापेमारी कर मुकदमा दर्ज की प्रक्रिया शुरू

इन्तजार रजा हरिद्वार- नशा मुक्ति कार्यक्रम में बड़ा लापरवाही कांड,,

छात्रों को परोसे गए एक्सपायरी चिप्स,,

खाद्य सुरक्षा विभाग की तत्पर कार्रवाई, दुकान पर छापेमारी कर मुकदमा दर्ज की प्रक्रिया शुरू

हरिद्वार, 18 नवंबर 2025।
नशा मुक्त भारत अभियान जैसे संवेदनशील कार्यक्रम में छात्रों को परोसे गए एक्सपायरी डेट के चिप्स ने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग को कड़ी कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से की गई शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने तुरंत टीम गठित कर छापेमारी की, जहां दुकान से बड़ी संख्या में एक्सपायरी चिप्स बरामद किए गए। मामले में आरोपी प्रतिष्ठान के खिलाफ निर्णायक अधिकारी की अदालत में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कार्यक्रम में छात्रों को परोस दिए एक्सपायरी चिप्स, शिकायत के बाद मचा हड़कंप

जिला समाज कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया ने वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन को शिकायत दर्ज कराई थी कि ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम में छात्रों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान छात्रों को परोसे गए पैकेटों में बिंगो चिप्स के 14 एक्सपायरी पैकेट पाए गए।

शिकायत मिलते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। ऐसे कार्यक्रम में जहां छात्रों को जागरूक किया जाता है, वहां उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को गंभीर लापरवाही माना गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी की तत्परता से पहले ही छात्रों को दिए गए सभी पैकेट वापस ले लिए गए, जिससे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या की आशंका को तुरंत टाल दिया गया।

दीप गंगा शॉपिंग मॉल में महादेव इंटरप्राइजेज पर छापेमारी, बड़ी मात्रा में एक्सपायरी सामान बरामद

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में तुरंत एक टीम गठित की गई। टीम ने शिकायत में शामिल महादेव इंटरप्राइजेज की दुकान पर फौरन छापेमारी की। जांच के दौरान दुकान संचालक ने स्वीकार किया कि जलपान की सामग्री की सप्लाई में गलती से एक्सपायरी चिप्स के पैकेट निकल गए थे।

लेकिन जांच यहीं नहीं रुकी।
टीम ने दुकान पर गहन चेकिंग की तो बीकानो चिप्स 45 ग्राम के 15 पैकेट एक्सपायरी डेट के बरामद किए गए। यह स्पष्ट था कि दुकान में पुराना और असुरक्षित खाद्य सामग्री रखी हुई थी, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। बरामद सभी सामान को कब्जे में लेते हुए खाद्य सुरक्षा टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने बताया कि दुकान के विरुद्ध माननीय न्यायालय निर्णायक अधिकारी की अदालत में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि, प्रशासन की तेजी से रुकी संभावित समस्या

कार्यक्रम में शामिल छात्रों को दिए गए 14 एक्सपायरी पैकेट तुरंत वापस ले लिए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए तत्काल रोकथाम की कार्रवाई की।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक्सपायरी खाद्य पदार्थ बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर तेज़ी से बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह पूरा मामला उपभोक्ता सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले कानूनों का सीधा उल्लंघन है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक्सपायरी सामग्री बेचना या बाँटना दंडनीय अपराध है।

कौन-कौन रहे कार्रवाई में शामिल?

छापेमारी और जांच में खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश और योगेन्द्र पांडे सक्रिय रूप से शामिल रहे। टीम ने दुकान की पूरी इन्वेंट्री खंगालकर लापरवाही की पुष्टि की और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जिम्मेदार व्यक्ति को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

नशा मुक्ति कार्यक्रम में लापरवाही पर उठे सवाल

यह पूरा प्रकरण प्रशासन की सतर्कता का उदाहरण तो पेश करता है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठाता है कि आखिर सप्लाई चेन में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
नशा मुक्त भारत जैसे सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में जहां युवा और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं, वहां उन्हें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना आयोजकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस घटना ने कार्यक्रम आयोजकों और खाद्य आपूर्तिकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए निरीक्षण और नियमों का पालन सख्ती के साथ सुनिश्चित किया जाएगा।

हरिद्वार में आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम में एक्सपायरी चिप्स परोसे जाने की घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की त्वरित छापेमारी और कानूनी कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि उपभोक्ता सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकान से बरामद एक्सपायरी खाद्य सामग्री और आरोपी के खिलाफ दर्ज होने वाला मुकदमा आने वाले समय में अन्य दुकानदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए चेतावनी साबित होगा।

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