कप्तान तृप्ति भट्ट के नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार की बड़ी सफलता,, 24 घंटे के भीतर महाराष्ट्र–आसाम के तीन शातिर ठग चढ़े पुलिस के हत्थे,, भोले-भाले यात्रियों को झांसे में लेकर ठगने वाले नटवरलाल अब जेल के अंदर,, “बंटी और बबली” जैसी कहानी – गोवा से शुरू हुई दोस्ती,, लग्जरी लाइफस्टाइल और शातिर दिमाग ने बना दिया ठग

इन्तजार रजा हरिद्वार- कप्तान तृप्ति भट्ट के नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार की बड़ी सफलता,,
24 घंटे के भीतर महाराष्ट्र–आसाम के तीन शातिर ठग चढ़े पुलिस के हत्थे,,
भोले-भाले यात्रियों को झांसे में लेकर ठगने वाले नटवरलाल अब जेल के अंदर,,
“बंटी और बबली” जैसी कहानी – गोवा से शुरू हुई दोस्ती,,
लग्जरी लाइफस्टाइल और शातिर दिमाग ने बना दिया ठग
हरिद्वार। कप्तान तृप्ति भट्ट के अनुशासित नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल की है। महज़ 24 घंटे के भीतर हरिद्वार व लक्सर में सक्रिय महाराष्ट्र और आसाम के तीन शातिर ठगों को दबोचकर जेल भेजा गया। ये ठग ऑनलाइन पेमेंट का झूठा मैसेज दिखाकर भोले-भाले वेंडरों और यात्रियों से कैश ठगते थे। पकड़े गए आरोपियों में एक युवक और दो महिलाएं शामिल हैं, जो खुद को टूरिस्ट बताकर प्लेटफॉर्म व एसी कोच में सफर करते समय लोगों को झांसा देते थे।
घटनाक्रम : ऑनलाइन पेमेंट का झांसा और 20 हजार की ठगी
3 सितंबर 2025 को हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर गोंडा (उत्तर प्रदेश) निवासी वेंडर आलोक मिश्रा अपने मैनेजर के साथ हिसाब-किताब कर रहे थे। इसी दौरान मुख्य आरोपी अरुण सोनी (नागपुर, महाराष्ट्र) अपनी दो महिला साथियों के साथ उनके पास पहुंचा। खुद को टूरिस्ट बताते हुए उसने कहा कि वे ताजमहल देखने आगरा जा रहे हैं और उनके पास कैश नहीं है। उसने ₹20,000 उधार मांगे और भरोसा दिलाया कि तुरंत ₹20,500 ऑनलाइन भेज देगा।
अभियुक्त ने अपने मोबाइल पर नकली मैसेज दिखाया और आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया। लगेज और बोलचाल का तरीका देख वेंडर को कोई शक नहीं हुआ और उसने रकम सौंप दी। लेकिन थोड़ी देर बाद जब खाते में पैसे नहीं पहुंचे, तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। आरोपी पहले ही वहां से खिसक चुका था।
लग्जरी लाइफस्टाइल और शातिर दिमाग
मुख्य आरोपी अरुण सोनी और उसकी दोनों साथी महिलाएं लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन थे। ये हमेशा एसी कोच में सफर करते थे, ब्रांडेड कपड़े पहनते थे और महंगे सूटकेस लेकर चलते थे ताकि कोई शक न कर सके। महिलाओं को साथ रखने से इनके अपराध को और भी ढाल मिलती थी।
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अरुण ने पहले खुद भी एक बार ऐसी ही ठगी का शिकार होकर पैसे गंवाए थे। इसके बाद उसने गूगल की मदद से नकली ऑनलाइन मैसेज भेजने का तरीका सीखा और पेशेवर ठग बन गया।
“बंटी और बबली” जैसी कहानी – गोवा से शुरू हुई दोस्ती
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अरुण सोनी और वर्षा (गोलाघाट, असम) की दोस्ती बेंगलुरु में ट्रेन छूटने के बाद हुई थी। यही दोस्ती जल्द ही गहरी हो गई और दोनों भारत के कई हिस्सों में साथ घूमने लगे। बाद में वर्षा ने अपनी मौसी की बेटी भारती बोरा को भी इस गैंग में शामिल कर लिया। तीनों ने मिलकर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
लक्सर व रुड़की में भी किया था खेल
हरिद्वार में वारदात के बाद गैंग लक्सर पहुंचा, जहां एक दुकान से ढाई हजार रुपये इसी तरीके से ठगे। इस मामले में थाना लक्सर में मुकदमा अपराध संख्या 42/25 धारा 318(2) बीएनएस दर्ज है। यही नहीं, तीनों ठग रुड़की में भी अगले शिकार की तलाश में थे, लेकिन जीआरपी पुलिस की सतर्कता से पकड़े गए।
पुलिस की तत्परता और 100% रिकवरी
थाना जीआरपी हरिद्वार में मुकदमा अपराध संख्या 85/25 धारा 318(4) बीएनएस दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों को रुड़की स्टेशन से धर दबोचा। आरोपियों से कुल ₹22,500 नकद और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल बरामद हुए। दोनों मामलों में पुलिस ने शत-प्रतिशत रिकवरी की है।
बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 3(5), 317(2) बीएनएस भी बढ़ाई गई।
कप्तान तृप्ति भट्ट ने टीम को सराहा
एसपी जीआरपी तृप्ति भट्ट ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई और कहा—
“समाज में नए-नए प्रकार के फ्रॉड सामने आ रहे हैं। सभी को सतर्क रहते हुए ऐसे झांसे में आने से बचना चाहिए। जीआरपी टीम ने त्वरित कार्रवाई कर बेहतरीन काम किया है।”
स्थानीय जनता ने भी पुलिस की इस सफलता पर खुशी जाहिर की और ठगों के जेल पहुंचने पर राहत की सांस ली।
पकड़े गए आरोपी
- अरुण सोनी, पुत्र अनूप सोनी, निवासी पडयमना थाना बाड़ी जिला नागपुर, महाराष्ट्र (बीकॉम प्रथम वर्ष छात्र)
- भारती बोरा, निवासी पुली काइटोनी थाना गालाधारी, जिला गोलाघाट, असम (12वीं पास)
- वर्षा, निवासी मिनारी बोरा सारू लंगेथा जिला गोलाघाट, असम (12वीं पास)

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
जीआरपी हरिद्वार
- प्रभारी निरीक्षक बिपिन चंद्र पाठक
- एसआई प्रमोद कुमार
- एचसी श्याम दास
- कॉन्स्टेबल जाहुल हसन, मोहित कुमार, ललित, पृथ्वी सिंह
- महिला कांस्टेबल आंचल, सुमन लोधी
जीआरपी लक्सर/रुड़की
- एसआई रचना (थानाध्यक्ष लक्सर)
- एसआई प्रीति सैनी
- एएसआई जगत सिंह
- कॉन्स्टेबल परमिंदर सिंह, राजीव कुमार, अमित, संजय, जितेंद्र पंचाल
- महिला कांस्टेबल ममता, शर्मिला, सरयू
एसओजी जीआरपी
- प्रभारी इंस्पेक्टर कमल कोरंगा
- एचसी करुणेश कुमार
- कॉन्स्टेबल मनोज
कप्तान तृप्ति भट्ट के नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार की यह कार्रवाई पुलिस की तेज़ी, अनुशासन और पेशेवर क्षमता का प्रमाण है। लगातार हो रही ऐसी सफलताएं आम जनता के मन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा रही हैं।



