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सरचार्ज माफ, बिजली बिल हाफ” का शंखनाद हरिद्वार ग्रामीण में कांग्रेस की पदयात्रा से गूंजा परिवर्तन का संदेश,, नूरपुर पंजनहेड़ी से बुड्डी माता बिजली घर तक विधायक अनुपमा रावत के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन,, मनोज धनगर बोले – कांग्रेस ने समाज को दिया सम्मान, बिजली बिल राहत के लिए संघर्ष जारी रहेगा

इन्तजार रजा हरिद्वार- “सरचार्ज माफ, बिजली बिल हाफ” का शंखनाद

हरिद्वार ग्रामीण में कांग्रेस की पदयात्रा से गूंजा परिवर्तन का संदेश,,

नूरपुर पंजनहेड़ी से बुड्डी माता बिजली घर तक विधायक अनुपमा रावत के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन,,

मनोज धनगर बोले – कांग्रेस ने समाज को दिया सम्मान, बिजली बिल राहत के लिए संघर्ष जारी रहेगा

हरिद्वार। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आज बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी और सरचार्ज के विरोध में कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। “सरचार्ज माफ, बिजली बिल हाफ” के नारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक के नेतृत्व में नूरपुर पंजनहेड़ी से बुड्डी माता बिजली घर तक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का उद्देश्य प्रदेश सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करना और आम जनता को राहत दिलाने की मांग को मजबूत करना था।

सुबह से ही क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। हाथों में तख्तियां, बैनर और “उत्तराखंड मांगे परिवर्तन” के नारों के साथ कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। पदयात्रा के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम को जनसमर्थन का स्पष्ट संकेत मिला।

बिजली बिलों की मार से त्रस्त जनता की आवाज बनी पदयात्रा

विधायक अनुपमा रावत ने पदयात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में आम आदमी पहले ही महंगाई से जूझ रहा है, ऐसे में बिजली बिलों में बढ़ोतरी और सरचार्ज ने लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं से मुंह मोड़कर केवल राजस्व बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा, “हमारी मांग स्पष्ट है — बिजली बिल में लगाया गया अतिरिक्त सरचार्ज तुरंत माफ किया जाए और बिल आधा किया जाए, ताकि गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से आम जनता के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

पदयात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई परिवारों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे घरेलू बजट बिगड़ गया है। व्यापारियों ने भी बढ़े हुए बिलों को कारोबार पर अतिरिक्त बोझ बताया।

मनोज धनगर का ब्यान: “कांग्रेस ने मेरे समाज को सम्मान दिया”

इस पदयात्रा में ऑल इंडिया धनगर महासभा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनोज धनगर की उपस्थिति भी चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने खुलकर कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उनके समाज को सम्मान देने का काम किया है और उन्हें पार्टी में शामिल कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।

मनोज धनगर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का काम किया है। मुझे पार्टी में शामिल कर जो सम्मान दिया गया, वह मेरे समाज के लिए गर्व की बात है। आज मैं ‘सरचार्ज माफ, बिजली बिल हाफ’ की इस लड़ाई में पूरी ताकत के साथ शामिल हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि बिजली बिलों में राहत की मांग पूरी तरह जायज है और यदि सरकार ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनके इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।

“उत्तराखंड मांगे परिवर्तन” के नारों से गूंजा क्षेत्र

पूरी पदयात्रा के दौरान “उत्तराखंड मांगे परिवर्तन”, “जय कांग्रेस, जय उत्तराखंड” और “सरचार्ज माफ करो” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे आगामी राजनीतिक संघर्ष की शुरुआत बताया। उनका कहना था कि यह केवल बिजली बिल का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की नीतियों में व्यापक बदलाव की मांग है।

कार्यक्रम के अंत में बुड्डी माता बिजली घर के समीप सभा आयोजित की गई, जहां ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई। विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो विधानसभा से लेकर सड़क तक आंदोलन जारी रहेगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पदयात्रा के जरिए कांग्रेस ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सक्रियता का संदेश देने की कोशिश की है। लगातार बढ़ती महंगाई और बिजली बिलों को लेकर जनता में असंतोष को मुद्दा बनाकर पार्टी आने वाले समय में इसे बड़े जनआंदोलन का रूप दे सकती है।

जनता की उम्मीदें और आगे की रणनीति

इस कार्यक्रम ने साफ संकेत दिया कि बिजली बिल का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन चुका है। कांग्रेस इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। वहीं, स्थानीय जनता भी इस पहल को अपनी आवाज मानकर समर्थन देती नजर आई।

विधायक अनुपमा रावत ने अंत में कहा, “यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि हर उस परिवार की है जो बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान है। हम जनता के साथ खड़े हैं और जब तक राहत नहीं मिलेगी, संघर्ष जारी रहेगा।”

हरिद्वार ग्रामीण में आयोजित इस पदयात्रा ने न केवल कांग्रेस संगठन को ऊर्जा दी, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल, “सरचार्ज माफ, बिजली बिल हाफ” का नारा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और कांग्रेस इसे परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में पेश कर रही है।

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