बहादराबाद में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापना दिवस पर श्रद्धा का संगम,, हवन–पूजन के साथ शौर्य, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश,, कड़ाके की ठंड में भी उमड़ा क्षत्रिय समाज, जनप्रतिनिधियों ने किया नमन

इन्तजार रजा हरिद्वार- बहादराबाद में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापना दिवस पर श्रद्धा का संगम,,
हवन–पूजन के साथ शौर्य, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश,,
कड़ाके की ठंड में भी उमड़ा क्षत्रिय समाज, जनप्रतिनिधियों ने किया नमन

सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापना दिवस के अवसर पर बहादराबाद में रविवार, 4 जनवरी 2026 को श्रद्धा, भक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में हवन–पूजन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान आज भी जनमानस के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजकुमार चौहान द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन–पूजन कराकर किया गया। यज्ञ में क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह चौहान (मीरपुर) एवं महामंत्री एडवोकेट श्री उत्तम सिंह चौहान यजमान के रूप में संयुक्त रूप से उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रों की गूंज और अग्नि में आहुतियों के साथ वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया।
हवन–पूजन के दौरान उपस्थित लोगों ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शौर्य, पराक्रम, न्यायप्रियता और मातृभूमि के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान केवल एक योद्धा ही नहीं थे, बल्कि वे भारतीय स्वाभिमान और आत्मसम्मान के प्रतीक थे। उनके जीवन से युवाओं को साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रानीपुर विधायक श्री आदेश चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास के ऐसे महान नायक हैं, जिनकी गाथाएं आज भी देशभक्ति का संचार करती हैं। उन्होंने कहा कि बहादराबाद में स्थापित यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे अपने महापुरुषों के आदर्शों को केवल स्मरण ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में भी उतारें।
इस अवसर पर राज्यमंत्री डॉ. जयपाल चौहान ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान जैसे महापुरुषों की स्मृति हमें अपने कर्तव्यों का बोध कराती है।
कार्यक्रम में चौहान क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह चौहान ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज सदैव राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने कड़ाके की सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित हुए समाज के लोगों की सराहना की और इसे समाज की एकजुटता का प्रतीक बताया।
हवन–पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। महामंत्री एडवोकेट श्री उत्तम सिंह चौहान ने भी कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, सहयोगकर्ताओं और समाज के लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में समिति के राणा नंदलाल जी, अरविंद चौहान, केपी सिंह, पवन चौहान, भारत भूषण चौहान, दिनेश चौहान, मास्टर राजकुमार, नरेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान मोहित चौहान, नीरज चौहान, हिमांशु चौहान सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर भाजपा नेता योगेश चौहान, जिला महामंत्री हीरा सिंह विष्ट, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभिनव चौहान, जिला मंत्री रेशु चौहान, जिला पंचायत सदस्य विजय चौहान, जयंत चौहान, चमन चौहान, ब्लॉक उप प्रमुख उधम चौहान, प्रदेश मंत्री युवा मोर्चा तरुण चौहान, सहकारी समिति के चेयरमैन अनिल चौहान, अमितराज चौहान, नितिन चौहान, विभांशु, अखिल चौहान, विपुल चौहान, मोनू चौहान, वरुण चौहान, रवि चौहान, नीतीश चौहान, सुशांत चौहान, निशांत चौहान, गोपी चौहान, विवेक चौहान, अर्जुन चौहान सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समग्र रूप से यह आयोजन न केवल श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में एकता, इतिहास के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।



