हरिद्वार में बिना सत्यापन दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर परिवहन प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,, प्रवर्तन चैकिंग अभियान के पहले दिन 50 ई-रिक्शा सीज, नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सख्त कार्रवाई, रिक्शा चालको से जल्द सत्यापन कराने की अपील
बिना सत्यापन दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर चला प्रशासन का शिकंजा पहले ही दिन 50 ई-रिक्शा सीज, नियमों का उल्लंघन करने वालों को सख्त चेतावनी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार में शुरू हुआ सघन प्रवर्तन अभियान

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में बिना सत्यापन दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर परिवहन प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,,
प्रवर्तन चैकिंग अभियान के पहले दिन 50 ई-रिक्शा सीज, नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सख्त कार्रवाई, रिक्शा चालको से जल्द सत्यापन कराने की अपील
हरिद्वार। जनपद में अनियंत्रित रूप से संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना सत्यापन के चल रहे 50 ई-रिक्शाओं को सीज (जब्त) कर लिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से ई-रिक्शा चालकों और स्वामियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि ई-रिक्शाओं के अनियंत्रित संचालन के कारण शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसके साथ ही सुरक्षा और पहचान से जुड़े कई सवाल भी उठ रहे थे। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा स्वामियों और चालकों का अनिवार्य सत्यापन अभियान शुरू किया था। निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद अब बिना सत्यापन के चलने वाले ई-रिक्शाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सत्यापन के बाद ही मिलेगा संचालन का अधिकार
जिला प्रशासन द्वारा गठित जिला सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता में ई-रिक्शा स्वामियों और चालकों के लिए सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत ई-रिक्शा के मालिक और चालक दोनों का पुलिस सत्यापन कराया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या पहचान से जुड़ी समस्या से बचा जा सके।
सत्यापन पूरा होने के बाद ई-रिक्शा पर रूट आधारित रंग-कोडित क्यूआर स्टिकर लगाए जा रहे हैं। यह स्टिकर यह बताता है कि ई-रिक्शा किस मार्ग पर संचालित होगा। इसके साथ ही चालकों को क्यूआर आधारित पहचान पत्र भी जारी किए जा रहे हैं। इससे प्रशासन को यह सुनिश्चित करने में आसानी होगी कि कौन सा वाहन किस रूट पर चल रहा है और उसका चालक कौन है।
अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी क्योंकि किसी भी चालक की पहचान तुरंत की जा सकेगी।
31 मार्च थी अंतिम तिथि, अब शुरू हुई सख्ती
ई-रिक्शा सत्यापन के लिए जिला प्रशासन द्वारा 31 मार्च तक की समयसीमा निर्धारित की गई थी। इस दौरान ई-रिक्शा स्वामियों और चालकों को अपना सत्यापन कराने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। कई संचालकों ने इस अवधि में अपने दस्तावेज जमा कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन कुछ ई-रिक्शा अभी भी बिना सत्यापन के सड़कों पर दौड़ रहे थे।
समयसीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने मंगलवार से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। अभियान के पहले दिन ही परिवहन विभाग और प्रवर्तन टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना सत्यापन के चल रहे 50 ई-रिक्शाओं को पकड़कर सीज कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सघन अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा संचालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
हरिद्वार शहर में पिछले कुछ वर्षों में ई-रिक्शाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बिना किसी तय रूट के शहर की सड़कों पर चल रहे थे, जिससे ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही थी। कई बार दुर्घटनाओं और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे थे।
जिला प्रशासन का मानना है कि ई-रिक्शाओं का सत्यापन और रूट आधारित संचालन व्यवस्था लागू होने से यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुधरेगी। इससे अनावश्यक भीड़ कम होगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा।
इसके अलावा क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली से प्रशासन को किसी भी वाहन या चालक की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
ई-रिक्शा संचालकों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी ई-रिक्शा स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना सत्यापन कार्य पूरा कराएं। जिन संचालकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे एआरटीओ कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा कर सत्यापन करा सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन की प्रक्रिया एआरटीओ कार्यालय में निरंतर जारी रहेगी, लेकिन बिना सत्यापन के वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी रहेगी। इसलिए सभी संचालकों को नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
इन अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान
इस सघन प्रवर्तन अभियान के दौरान परिवहन विभाग और प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अभियान में एआरटीओ (प्रशासन) हरिद्वार निखिल शर्मा, एआरटीओ (प्रवर्तन) हरिद्वार नेहा झा, परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, परिवहन कर अधिकारी मनीषा शाह तथा परिवहन उप निरीक्षक अश्वनी कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर बिना सत्यापन के संचालित ई-रिक्शाओं को रोका और आवश्यक कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि हरिद्वार में ई-रिक्शा संचालन को पूरी तरह नियमबद्ध और सुरक्षित बनाया जा सके।
आने वाले दिनों में और तेज होगा परिवहन विभाग का चैकिंग अभियान
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई ई-रिक्शा बिना सत्यापन के संचालित पाया जाता है तो उसे तुरंत सीज कर दिया जाएगा और संबंधित चालक व स्वामी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन का लक्ष्य हरिद्वार में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी यातायात व्यवस्था स्थापित करना है। ई-रिक्शा सत्यापन और प्रवर्तन अभियान उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी कर सड़क पर उतरना आसान नहीं होगा। जो भी ई-रिक्शा संचालक नियमों का पालन करेंगे, वही सड़कों पर वाहन चला सकेंगे। इससे हरिद्वार की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



