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बेरोजगारों, किसानों और कमजोर वर्ग को ऋण में प्राथमिकता,, डीएम मयूर दीक्षित का बैंकों को सख्त संदेश—अनावश्यक आपत्ति न लगाएं, लंबित आवेदन तुरंत निस्तारित करें,, कम सीडी रेशो पर नाराजगी, पीएमएफएमई में सुस्ती पर वेतन रोका—साइबर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश,, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा, लक्ष्य पूर्ण होने पर सराहना

जनपद में स्वरोजगार योजनाओं को गति देने और वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं विशेष जिला सलाहकार समिति (DCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 की जिला ऋण योजना (ACP) की विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ वर्ष 2026–27 के वार्षिक ऋण लक्ष्यों पर भी चर्चा

इन्तजार रजा हरिद्वार- बेरोजगारों, किसानों और कमजोर वर्ग को ऋण में प्राथमिकता,,

डीएम मयूर दीक्षित का बैंकों को सख्त संदेश—अनावश्यक आपत्ति न लगाएं, लंबित आवेदन तुरंत निस्तारित करें,,

कम सीडी रेशो पर नाराजगी, पीएमएफएमई में सुस्ती पर वेतन रोका—साइबर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश,,

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा, लक्ष्य पूर्ण होने पर सराहना

हरिद्वार, 13 फरवरी 2026।
जनपद में स्वरोजगार योजनाओं को गति देने और वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं विशेष जिला सलाहकार समिति (DCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 की जिला ऋण योजना (ACP) की विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ वर्ष 2026–27 के वार्षिक ऋण लक्ष्यों पर भी चर्चा की गई।

बैठक में डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद के बेरोजगार युवाओं, किसानों और कमजोर वर्ग के लोगों को विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऋण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों द्वारा बैंकों को प्रेषित किए गए आवेदन पत्रों को प्राथमिकता से स्वीकृत करते हुए पात्र आवेदकों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराया जाए।

लंबित आवेदनों पर सख्ती, अनुपस्थित बैंक प्रबंधकों को नोटिस

समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई बैंक शाखा प्रबंधक बैठक में अनुपस्थित रहे। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी को संबंधित प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, ऐसे में लंबित आवेदन पत्रों को आपसी समन्वय से शीघ्र निस्तारित किया जाए और पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने दो टूक कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर जानबूझकर देरी या अनावश्यक आपत्तियां लगाई गईं तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

सीडी रेशो बढ़ाने पर जोर, कृषि व डेयरी क्षेत्र को प्राथमिकता

बैठक में ऋण जमा अनुपात (C D Ratio) की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिन बैंक शाखाओं का सीडी रेशो 40 प्रतिशत से कम पाया गया, उन्हें विशेष रूप से कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अधिकाधिक ऋण वितरण के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए किसानों, दुग्ध उत्पादकों और छोटे उद्यमियों को आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे बैंक भी अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकें और जनपद का आर्थिक चक्र मजबूत हो।

उन्होंने सभी विभागों और बैंकों को यह भी निर्देश दिया कि वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले आंकड़ों में किसी प्रकार की विसंगति न हो। डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

पीएमएफएमई योजना में सुस्ती पर कार्रवाई

बैठक में पीएमएफएमई योजना की समीक्षा के दौरान उद्यान विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने बैंकों को भेजे गए आवेदन पत्रों की धीमी प्रगति और लक्ष्य पूर्ण न करने पर नाराजगी जताई। साथ ही बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला उद्यान अधिकारी का माह फरवरी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। यह निर्णय प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा, लक्ष्य पूर्ण होने पर सराहना

बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अग्रणी जिला प्रबंधक दिनेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक जनपद में कुल 29,15,817 बचत खाते खोले जा चुके हैं। इसी प्रकार के तहत 8,60,856 व्यक्तियों का बीमा किया गया है, जबकि के अंतर्गत 28,215 लोगों को बीमा लाभ मिला है। वहीं में 1,95,734 व्यक्तियों को जोड़ा जा चुका है। इन उपलब्धियों पर जिलाधिकारी ने बैंकों के सक्रिय सहयोग और उत्कृष्ट कार्य की सराहना की।

स्वरोजगार योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति

बैठक में विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं—जैसे , , तथा —की प्रगति की भी समीक्षा की गई। यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की गई कि इन योजनाओं के वार्षिक लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों और डीएम ने बैंकों की कार्यकुशलता की प्रशंसा की।

साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता अभियान

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और आम लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं को निर्देश दिए कि ग्राहकों को एसएमएस, पोस्टर, बैनर और अन्य माध्यमों से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। बैंक कर्मचारियों को भी ग्राहकों को समय-समय पर सतर्क रहने की सलाह देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित

बैठक में डीडीएम नाबार्ड अखिलेश डबराल, निदेशक आरसीटी शिव कुमार, महाप्रबंधक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, जिला कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग गरिमा मिश्रा, आरएफसी अभिषेक कुमार सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन की इस सख्त और स्पष्ट कार्यशैली से यह संदेश साफ है कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर, किसानों को सशक्त आर्थिक सहयोग और कमजोर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा—इन तीनों मोर्चों पर प्रशासन सक्रियता से काम कर रहा है। आने वाले समय में जनपद हरिद्वार में ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में और अधिक सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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