केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तराखंड दौरा,, 21-22 जनवरी को ऋषिकेश-हरिद्वार में कई अहम कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत,, सुरक्षा, ट्रैफिक और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर

इन्तजार रजा हरिद्वार- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तराखंड दौरा,,
21-22 जनवरी को ऋषिकेश-हरिद्वार में कई अहम कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत,,
सुरक्षा, ट्रैफिक और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर
देहरादून।
उत्तराखंड एक बार फिर केंद्रीय राजनीति के बड़े घटनाक्रम का गवाह बनने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 21 और 22 जनवरी को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। उनके आगमन को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। दौरे से पहले मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरिद्वार और देहरादून जिलों के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस-प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में गृह मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, वीआईपी मूवमेंट और आम जनता की सुविधा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दौरे के दौरान किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी की जाएं।
21-22 जनवरी को उत्तराखंड में रहेंगे अमित शाह
पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि केंद्रीय गृह मंत्री 20 जनवरी को उत्तराखंड पहुंचेंगे, लेकिन उसी दिन भाजपा के एक अहम संगठनात्मक कार्यक्रम के चलते उनका दौरा स्थगित हो गया था। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह 21 जनवरी को दोपहर लगभग 3 बजे उत्तराखंड पहुंचेंगे और 22 जनवरी तक राज्य में रहेंगे।
इस दौरान उनका प्रवास मुख्य रूप से ऋषिकेश और हरिद्वार में रहेगा। यह दौरा न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि आगामी कुंभ से पहले केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय, सुरक्षा रणनीति और व्यवस्थागत तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम है।
ऋषिकेश में गीता प्रेस कार्यक्रम, हरिद्वार में रात्रि प्रवास
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 21 जनवरी को उत्तराखंड पहुंचने के बाद सीधे ऋषिकेश के प्रसिद्ध गीता भवन जाएंगे। यहां वे गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी विशेषांक का विमोचन करेंगे। यह कार्यक्रम धार्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें संत समाज और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति संभावित है।
इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री शाम को ऋषिकेश से हरिद्वार के लिए रवाना होंगे और पतंजलि योगपीठ पहुंचेंगे, जहां उनका रात्रि प्रवास निर्धारित है। पतंजलि योगपीठ परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। एसपीजी, राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय के साथ लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज और अखंड ज्योति सम्मेलन में भागीदारी
22 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह हरिद्वार स्थित गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचेंगे। यहां वे अखंड ज्योति पत्रिका के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अखंड ज्योति पर पुष्प अर्पित करेंगे। इसके बाद बैरागी कैंप में आयोजित अखंड ज्योति सम्मेलन में शामिल होंगे।
इस सम्मेलन में देशभर से बड़ी संख्या में संत, साधु, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष योजना तैयार की है। सम्मेलन के बाद अमित शाह दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान और रूट डायवर्जन पर विशेष फोकस
केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए ट्रैफिक प्लान और रूट डायवर्जन की पूरी तैयारी कर ली गई है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी की जाएगी। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
कुंभ से पहले अहम माना जा रहा है दौरा
अमित शाह का यह उत्तराखंड दौरा आगामी कुंभ मेले से पहले बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के बीच सुरक्षा, व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तालमेल को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं। साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश भी जाएगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, रूट डायवर्जन से जुड़ी सूचनाओं पर ध्यान दें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि दौरा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।



