लक्सर तहसील में राजस्व कर्मियों के साथ मारपीट पर बवाल,, लेखपाल संघ का सांकेतिक धरना, 23 फरवरी से कार्य बहिष्कार की चेतावनी,, दोषियों पर कठोर कार्रवाई न हुई तो पूरे जनपद में आंदोलन तेज करने का ऐलान

इन्तजार रजा हरिद्वार- लक्सर तहसील में राजस्व कर्मियों के साथ मारपीट पर बवाल,,
लेखपाल संघ का सांकेतिक धरना, 23 फरवरी से कार्य बहिष्कार की चेतावनी,,
दोषियों पर कठोर कार्रवाई न हुई तो पूरे जनपद में आंदोलन तेज करने का ऐलान
हरिद्वार जनपद की लक्सर तहसील में तैनात राजस्व उपनिरीक्षक श्री रीशराज राणा के साथ हुई गाली-गलौज और कथित मारपीट की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। इस घटना के विरोध में की उपशाखा लक्सर ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी शामिल हुए।
संघ द्वारा जिलाधिकारी हरिद्वार को भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि धरना स्थल पर कुछ अधिवक्ताओं और असामाजिक तत्वों ने पहुंचकर न केवल विरोध प्रदर्शन को बाधित किया, बल्कि वहां बिछाई गई दरी, लाउडस्पीकर और अन्य व्यवस्थाओं को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। इस दौरान उपस्थित राजस्व कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का भी आरोप है। घटना के बाद कर्मचारियों में गहरी नाराजगी और असुरक्षा की भावना व्याप्त है।
लेखपाल संघ के जिला मंत्री अनुज यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को जनपद स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा। संघ की कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि 22 फरवरी 2026 तक यदि प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 23 फरवरी 2026 से जनपद हरिद्वार की सभी तहसीलों—लक्सर, भगवानपुर, रुड़की और हरिद्वार—के राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक अपने शासकीय कार्यों से विरत रहेंगे।
संघ ने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल सरकारी कार्यप्रणाली को बाधित करता है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे जनता के हित में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, ऐसे में उनके साथ हिंसक या अभद्र व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण की सूचना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की एवं संबंधित उपजिलाधिकारियों को भी भेजी गई है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों—रजिस्ट्रार कानूनगो संघ, मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ, राजस्व संग्रह अमीन संघ तथा भूलेख कंप्यूटर ऑपरेटर संघ—ने भी समर्थन का संकेत दिया है।अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में राजस्व कार्य पूरी तरह ठप होने की आशंका है, जिससे आम जनता को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।



