धोखाधड़ी के आरोपी को छुड़ाने के लिए UP पुलिस पर हमला करना पड़ गया भारी,, बाप को यूपी पुलिस की कस्टडी से छुड़ाने उतरा था बेटा, थार–स्कॉर्पियो से यूपी पुलिस वाहन पर जानलेवा टक्कर,, ज्वालापुर में कानून व्यवस्था को चुनौती, ज्वालापुर पुलिस ने किऐ 03 आरोपी गिरफ्तार, 7 नामजद

इन्तजार रजा हरिद्वार- धोखाधड़ी के आरोपी को छुड़ाने के लिए UP पुलिस पर हमला करना पड़ गया भारी,,
बाप को यूपी पुलिस की कस्टडी से छुड़ाने उतरा था बेटा, थार–स्कॉर्पियो से यूपी पुलिस वाहन पर जानलेवा टक्कर,,
ज्वालापुर में कानून व्यवस्था को चुनौती, ज्वालापुर पुलिस ने किऐ 03 आरोपी गिरफ्तार, 7 नामजद
हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से आई पुलिस टीम पर उस समय जानलेवा हमला कर दिया गया, जब वह धोखाधड़ी के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा रही थी। हमले में एक दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस वाहन को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना के बाद हरिद्वार पुलिस हरकत में आ गई है। अब तक 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 07 नामजद और 04 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना में प्रयुक्त थार और स्कॉर्पियो वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
दिनांक 03 फरवरी 2026 को थाना छपार, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के उप-निरीक्षक अनुराग सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित अभियुक्त संजय पुत्र राजपाल को गिरफ्तार कर ज्वालापुर क्षेत्र से वापस ले जा रहे थे। पुलिस टीम जब भूमानंद अस्पताल के पास पहुंची, तभी अचानक अभियुक्त के पुत्र ईशान्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस वाहन को घेर लिया।
आरोप है कि ईशान्त और उसके साथियों ने अपनी स्कॉर्पियो और थार गाड़ियों से पुलिस वाहन को बार-बार टक्कर मारी, ताकि आरोपी संजय को छुड़ाया जा सके। यह हमला इतना अचानक और आक्रामक था कि पुलिस टीम को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हमलावरों का उद्देश्य साफ था—सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए आरोपी को बलपूर्वक छुड़ाना।
पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला, वाहन क्षतिग्रस्त
इस हमले में उप-निरीक्षक अनुराग सिंह की टीम के तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हमले के दौरान पुलिस वाहन को भी गंभीर क्षति पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तरह से दबंगई के अंदाज में आए थे और उन्हें कानून का कोई भय नहीं था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ज्वालापुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही कोतवाली ज्वालापुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 03 अभियुक्तों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त थार व स्कॉर्पियो वाहनों को कब्जे में ले लिया।
उप-निरीक्षक अनुराग सिंह की लिखित तहरीर पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा अपराध संख्या 93/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 121(1), 132, 191(2), 324(4), 351(2), 352, 61(2) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम
- ईशान्त पुत्र संजय
- शिवम मलिक पुत्र अनुज मलिक
- अमन पुत्र गजेंद्र
(सभी निवासी: सुभाष नगर, कोतवाली ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार)
पुलिस के अनुसार, अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में ज्वालापुर पुलिस की सक्रिय भूमिका रही। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में—
- वरिष्ठ उप-निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार
- उप-निरीक्षक रविंद्र जोशी
- कांस्टेबल मनोज डोभाल
- कांस्टेबल भागचंद
- कांस्टेबल ताजवर चौहान
शामिल रहे।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, सख्त संदेश
घटना के बाद ज्वालापुर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पर हमला सीधे राज्य की कानून व्यवस्था पर हमला है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि यदि अपराधियों का हौसला इस कदर बढ़ेगा, तो कानून को और सख्ती से लागू करना जरूरी हो जाएगा। हरिद्वार पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है—दबंगई और कानून हाथ में लेने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



