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ऑकलैंड में गूंजा उत्तराखंड का नाम,, 🌐 “आउटलुक-2026” अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय अर्थव्यवस्था की दमदार प्रस्तुति,, 🤝 मंगलौर विधायक के सुपुत्र काजी सयैद सिराजुद्दीन की वैश्विक मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति

इन्तजार रजा हरिद्वार 🌍 ऑकलैंड में गूंजा उत्तराखंड का नाम,,

🌐 “आउटलुक-2026” अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय अर्थव्यवस्था की दमदार प्रस्तुति,,

🤝 मंगलौर विधायक के सुपुत्र काजी सयैद सिराजुद्दीन की वैश्विक मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति

हरिद्वार/देहरादून। न्यूजीलैंड की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्याख्यान शाला में उत्तराखंड के युवा छात्र काजी सयैद सिराजुद्दीन ने भारत का परचम लहराया। “आउटलुक-2026: ग्लोबल करंट्स टू लोकल इम्पेक्ट” विषय पर आयोजित इस वैश्विक कार्यशाला में विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों के छात्र, अर्थशास्त्री और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए।

इस प्रतिष्ठित मंच पर के छात्र एवं मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के सुपुत्र काजी सयैद सिराजुद्दीन ने छात्र प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए भारत के आर्थिक सुधारों, संरचनात्मक बदलावों और निरंतर विकास प्रक्रिया पर सशक्त प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री उपस्थित रहे। उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय, व्यापार विस्तार और सतत विकास की संभावनाओं पर विशेष बल दिया।

भारत की विकास यात्रा पर दमदार तर्क और तथ्य

काजी सयैद सिराजुद्दीन ने अपने प्रस्तुतीकरण में भारत की आर्थिक नीतियों में हुए व्यापक सुधारों, डिजिटल इंडिया अभियान, स्टार्टअप क्रांति, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और वैश्विक निवेश आकर्षण जैसे विषयों को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले एक दशक में आर्थिक पारदर्शिता, कर सुधार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और तकनीकी नवाचार के माध्यम से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी सशक्त पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति, डिजिटल भुगतान प्रणाली और आत्मनिर्भरता की नीति विश्व बाजार में नई संभावनाओं को जन्म दे रही है। उनके विचारों को उपस्थित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने गंभीरता से सुना और सराहा।

प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज विश्व अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने शिक्षा, कृषि, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्रों में भारत-न्यूजीलैंड सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।


प्रधानमंत्री लक्सन से विशेष मुलाकात, गौरव का क्षण

कार्यक्रम के उपरांत काजी सयैद सिराजुद्दीन ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से विशेष मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनके शोध आधारित प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आत्मीय संवाद के बीच प्रधानमंत्री ने उनके साथ सेल्फी भी ली, जो इस कार्यक्रम का सबसे यादगार क्षण बन गया।

यूनिवर्सिटी के प्रोक्टर ने प्रधानमंत्री को परिचय कराते हुए बताया कि काजी सिराजुद्दीन एक ऐसे राजनीतिक और सामाजिक परिवार से आते हैं, जिसकी लगभग सौ वर्षों की जनसेवा की परंपरा रही है।

उनके परदादा काजी अब्दुल वली अंग्रेजी शासनकाल में एमएलसी रहे। दादा काजी मोहिउद्दीन उत्तर प्रदेश में तीन बार कैबिनेट मंत्री, सात बार विधायक तथा उत्तराखंड के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष रहे। उनके पिता काजी निजामुद्दीन चार बार विधायक रहे हैं और वर्तमान में भी उत्तराखंड विधानसभा में सक्रिय सदस्य हैं।

प्रधानमंत्री लक्सन ने इस समृद्ध राजनीतिक विरासत की सराहना करते हुए काजी सिराजुद्दीन को एक होनहार और दूरदर्शी युवा बताया। उन्होंने सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपने साथ भोजन पर आमंत्रित किया, जो भारतीय छात्र समुदाय के लिए सम्मान का प्रतीक बना।


उत्तराखंड और हरिद्वार का बढ़ा मान

ऑकलैंड में आयोजित इस वैश्विक व्याख्यान शाला में काजी सयैद सिराजुद्दीन की भागीदारी ने उत्तराखंड और विशेष रूप से हरिद्वार का मान बढ़ाया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है।

यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी की वैश्विक सोच और क्षमता का प्रमाण है। जिस आत्मविश्वास और तथ्यों के साथ काजी सिराजुद्दीन ने भारत की आर्थिक मजबूती को प्रस्तुत किया, वह राज्य के लिए गौरव का विषय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युवा नेतृत्व की भागीदारी भारत की सॉफ्ट पावर को सशक्त करती है और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देती है।

ऑकलैंड में गूंजा यह संदेश स्पष्ट है—उत्तराखंड की युवा शक्ति अब वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रही है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास राज्य और देश के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।

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