ज्वालापुर में सत्यापन अभियान से मचा हड़कंप,, कोतवाली ज्वालापुर पुलिस की मंडी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई,, SSP नवनीत सिंह के निर्देश पर 34 व्यक्तियों का ICGS पोर्टल से सत्यापन

इन्तजार रजा हरिद्वार- ज्वालापुर में सत्यापन अभियान से मचा हड़कंप,,
कोतवाली ज्वालापुर पुलिस की मंडी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई,,
SSP नवनीत सिंह के निर्देश पर 34 व्यक्तियों का ICGS पोर्टल से सत्यापन
हरिद्वार जनपद में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के स्पष्ट निर्देशों के बाद जनपदभर में संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने मंडी क्षेत्र में व्यापक चेकिंग कर हड़कंप मचा दिया।
प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा के निर्देशन तथा वरिष्ठ उप निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार के नेतृत्व में गठित टीम ने थाना क्षेत्रांतर्गत सब्जी मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर और सराय रोड पर सघन सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान सब्जी, फल, रेहड़ी-ठेली और फड़ लगाने वाले बाहरी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कोतवाली लाया गया।
अभियान के तहत कुल 34 व्यक्तियों का ICGS पोर्टल के माध्यम से आपराधिक इतिहास का सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा मौके पर ही दस्तावेजों की जांच की गई और जिन व्यक्तियों ने पूर्व में सत्यापन नहीं कराया था, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। 81 पुलिस अधिनियम के अंतर्गत 50 चालान किए गए और ₹12,500 का संयोजन शुल्क वसूला गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अनुशासन का स्पष्ट संदेश गया है।
इसके साथ ही मंडी के आढ़तियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। जिन आढ़तियों ने अपने यहां कार्यरत बाहरी मजदूरों और कर्मचारियों का सत्यापन नहीं कराया है, उनके विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 83 के अंतर्गत चालान कर माननीय न्यायालय भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्यापन में लापरवाही अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने मंडी के सभी आढ़तियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां कार्यरत प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति बिना सत्यापन कार्य करते पाया गया तो संबंधित आढ़ती और नियोक्ता के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “सत्यापन ही सुरक्षा की पहली ढाल है।” बाहरी व्यक्तियों की पहचान और रिकॉर्ड सत्यापन से संभावित अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। हरिद्वार पुलिस की यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रभावी प्रयास है।
पुलिस टीम में शामिल रहे:
वरिष्ठ उप निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, उप निरीक्षक रविंद्र जोशी, अपर उप निरीक्षक गंभीर तोमर, अपर उप निरीक्षक राकेश कुमार, कांस्टेबल धर्मेंद्र राणा, कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल मनोज डोभाल, कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार एवं कांस्टेबल राजपाल। हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा। सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार की जाती रहेगी।



