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पतंजलि के सहयोग से त्रिपुरा बनेगा आर्गेनिक स्टेट,, जैविक खेती, योग-आयुर्वेद और वेलनेस टूरिज्म से खुलेगा विकास का नया अध्याय,, ऐतिहासिक एमओयू से लाखों को रोजगार, त्रिपुरा को मिलेगी नई पहचान

इन्तजार रजा हरिद्वार- पतंजलि के सहयोग से त्रिपुरा बनेगा आर्गेनिक स्टेट,,
जैविक खेती, योग-आयुर्वेद और वेलनेस टूरिज्म से खुलेगा विकास का नया अध्याय,,
ऐतिहासिक एमओयू से लाखों को रोजगार, त्रिपुरा को मिलेगी नई पहचान

त्रिपुरा को सतत, समावेशी और स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. श्री माणिक साहा जी की गरिमामयी उपस्थिति में त्रिपुरा प्रदेश सरकार और पतंजलि योगपीठ के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) संपन्न हुआ। इस समझौते के साथ ही त्रिपुरा को “आर्गेनिक स्टेट” के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है।

इस एमओयू के तहत पतंजलि योगपीठ और त्रिपुरा सरकार संयुक्त रूप से एग्रोफॉरेस्ट्री, जैविक कृषि, परंपरागत बीज संरक्षण, सप्लाई चेन प्रबंधन, मार्केटिंग, वेलनेस टूरिज्म, मूल्य आधारित शिक्षा, योग एवं आयुर्वेद, कौशल विकास, नवाचार एवं अनुसंधान, आईटी टेक्नोलॉजी तथा ग्रामीण विकास जैसे व्यापक क्षेत्रों में कार्य करेंगे। इसका उद्देश्य केवल कृषि सुधार नहीं, बल्कि समग्र सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को गति देना है।

पतंजलि योगपीठ त्रिपुरा को पूर्णतः आर्गेनिक स्टेट बनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी सहयोग और जैविक प्रमाणिकीकरण की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे राज्य के किसान रासायनिक खेती से मुक्त होकर जैविक खेती की ओर अग्रसर होंगे, जिससे न केवल भूमि और पर्यावरण सुरक्षित होगा बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इस पहल से राज्य में कृषि आधारित उद्योगों, प्रसंस्करण इकाइयों, सप्लाई चेन और मार्केटिंग नेटवर्क का विकास होगा। साथ ही योग, आयुर्वेद और वेलनेस टूरिज्म के विस्तार से त्रिपुरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। अनुमान है कि इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

समझौता कार्यक्रम के दौरान त्रिपुरा सरकार की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्रीमती सुकमा चकमा जी, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री पी. सरकार बनर्जी, पीसीसीएफ अधिकारी श्री आर. के. सामल जी, उद्योग निदेशक श्री दीपक कुमार जी सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पतंजलि की ओर से श्री पंकज शाह एवं डॉ. वेदप्रिया आर्य की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर यह विश्वास व्यक्त किया गया कि पूज्य स्वामी रामदेव जी के नेतृत्व में चल रहे योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण के देशव्यापी अभियान को त्रिपुरा में भी व्यापक सफलता मिलेगी। यह समझौता न केवल त्रिपुरा के विकास का नया द्वार खोलेगा, बल्कि राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान करेगा।

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