जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता — जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब,, 59 समस्याएं हुई दर्ज, 29 का हुआ मौके पर निस्तारण — शेष शिकायतों पर अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश,, जनहित सर्वोपरि: जिलाधिकारी बोले, “लोगों की समस्याओं पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
हरिद्वार के प्रशासनिक तंत्र ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में नागरिकों की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में 59 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 29 समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया।

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता — जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब,,
59 समस्याएं हुई दर्ज, 29 का हुआ मौके पर निस्तारण — शेष शिकायतों पर अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश,,
जनहित सर्वोपरि: जिलाधिकारी बोले, “लोगों की समस्याओं पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
हरिद्वार, 03 नवंबर 2025।
जनपद हरिद्वार के प्रशासनिक तंत्र ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में नागरिकों की भारी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में 59 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 29 समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया।
🌐 प्रशासनिक संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
जनपद वासियों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुनने और तत्काल निस्तारण के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई में जनता और प्रशासन का सीधा संवाद देखने को मिला।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनसुनवाई प्रशासन की पारदर्शी कार्यप्रणाली की रीढ़ है, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात कहने और समस्या के समाधान का अवसर मिलता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विभाग द्वारा लापरवाही या शिथिलता बरती गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने उपस्थित अधिकारियों को सख्त शब्दों में चेताया कि समस्याओं के निस्तारण में विलंब या असंवेदनशीलता जनता के भरोसे को तोड़ती है, इसलिए सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समयबद्धता के साथ निर्वहन करें।
🧾 जनता ने रखीं विविध समस्याएं, कई को मिला तत्काल समाधान
जनसुनवाई में आए 59 शिकायतकर्ताओं ने भूमि विवाद, अतिक्रमण, विद्युत, सड़क मरम्मत, राजस्व कार्य, शिक्षा और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं दर्ज कराईं।
नागरिकों की समस्याओं को जिलाधिकारी ने स्वयं सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य शिकायतें और निस्तारण:
- प्रकाश चंद, ग्राम सलेमपुर महदूद निवासी, ने अपने खेत से गुजरने वाले सरकारी चकरोड पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को तत्काल जांच कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए।
- ग्राम प्रधान देवराज, मूलदासपुर माजरा, ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्राम बढ़ेड़ी वाया माजरा मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत की मांग की। डीएम ने संबंधित विभाग को प्राथमिकता से सुधार कार्य करवाने के निर्देश दिए।
- इनम रावत, ग्राम हजाराग्रांट निवासी, ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास खराब सड़क की मरम्मत की मांग की। लोक निर्माण विभाग को इस पर शीघ्र कार्यवाही करने के आदेश दिए गए।
- नवेद अख्तर, मोहल्ला कस्साबान, ज्वालापुर निवासी, ने कटहरा बाजार में एसबीआई बैंक के पास फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने की शिकायत की। नगर निगम को मौके पर निरीक्षण और कार्रवाई के निर्देश मिले।
- दिनेश कुमार, ग्राम अटमलपुर बौंला निवासी, ने अपनी भूमि को दोबारा आबादी में दर्ज करने की मांग की। राजस्व अधिकारियों को आवश्यक सुधार की कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया।
- श्रीमती शशिबाला, अम्बेडकर नगर निवासी, ने अपनी भूमि खसरा संख्या 1129 और 1187 पर अतिक्रमण की शिकायत दी। जिलाधिकारी ने पैमाइश कर वास्तविक सीमा तय करने के आदेश दिए।
- ग्राम पंचायत सदस्य मंजू देवी, लालढांग वार्ड संख्या 11, ने बताया कि मार्ग अत्यंत क्षतिग्रस्त है और जलभराव की स्थिति बनी रहती है। डीएम ने तत्काल निरीक्षण और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
- अतमलपुर बौंला, शांतरशाह और खेड़ली गांवों के किसानों ने वन गुर्जरों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को संयुक्त कार्रवाई कर भूमि को मुक्त कराने के आदेश दिए।
⚖️ डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश — “समस्याओं के समाधान में न हो कोई देरी”
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि जनता को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि जनता की छोटी-छोटी समस्याएं प्रशासन की संवेदनशीलता की असली परीक्षा हैं।
“समस्याओं को सुनना ही पर्याप्त नहीं, उनका समाधान करना ही प्रशासन की वास्तविक जिम्मेदारी है,” जिलाधिकारी ने कहा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा साप्ताहिक रूप से की जाएगी, और जिन विभागों ने समयसीमा में समाधान नहीं किया, उनके अधिकारियों की उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई की जाएगी।
👥 प्रशासनिक अमला रहा सक्रिय और सजग
जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों ने भाग लेकर जनता की समस्याओं को सुना और मौके पर ही कई निस्तारण किए।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अधिकारी थे:
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र,
अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान,
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह,
जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,
मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार,
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह,
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी,
मुख्य क्रीड़ा अधिकारी शैफाली गुरांग,
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,
जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी,
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर (से.नि.) डॉ. सरिता पंवार,
और अपर परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल।
सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए शिकायतकर्ताओं से समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक आश्वासन दिया।
💬 जनता का भरोसा — “डीएम साहब सुनते भी हैं और समाधान भी करते हैं”
जनसुनवाई में आए कई नागरिकों ने कहा कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आने के बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया और भी अधिक प्रभावी हुई है।
ग्राम सलेमपुर के प्रकाश चंद ने कहा, “पहले हमारी शिकायतें सिर्फ फाइलों में रहती थीं, आज उसी समस्या पर आदेश मौके पर दे दिए गए।”
ज्वालापुर निवासी शशिबाला देवी ने कहा, “डीएम साहब जनता की बात ध्यान से सुनते हैं और अधिकारियों को तुरंत निर्देश देते हैं। यह जनता के लिए एक बड़ा भरोसा है।”
📢 निष्कर्ष — जनसुनवाई बनी जनता की आवाज़
हरिद्वार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल से शुरू हुई साप्ताहिक जनसुनवाई अब जनता के लिए उम्मीद का एक मजबूत मंच बन चुकी है।
प्रत्येक सोमवार को होने वाली इस बैठक में न केवल समस्याएं दर्ज होती हैं, बल्कि उनका मौके पर समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
यह पहल जनपद प्रशासन की संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
हरिद्वार के लिए यह जनसुनवाई सिर्फ शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का पुल बनती जा रही है।



