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हरिद्वार में नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध बिक्री पर शिकंजा निरीक्षण अभियान तेज,, QRT रिस्पॉन्स टीम की बड़ी कार्रवाई, 10 दवा दुकानों पर छापा,, 7 को नोटिस, 1 दुकान सील, ड्रग्स माफिया में हड़कंप,, बिना पर्चे दवा बिक्री पर सख्त चेतावनी

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध बिक्री पर शिकंजा निरीक्षण अभियान तेज,,

QRT रिस्पॉन्स टीम की बड़ी कार्रवाई, 10 दवा दुकानों पर छापा,,

7 को नोटिस, 1 दुकान सील, ड्रग्स माफिया में हड़कंप,,

बिना पर्चे दवा बिक्री पर सख्त चेतावनी

हरिद्वार।
जनपद हरिद्वार में नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक औषधियों की अवैध खरीद-फरोख्त पर प्रभावी नियंत्रण के लिए औषधि विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन कर दिया है। अपर आयुक्त महोदय के निर्देशों के क्रम में गठित इस विशेष टीम ने जनपद के सलेमपुर और लक्सर क्षेत्र के बसेड़ी इलाके में सघन निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाकर अवैध दवा कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बीते कुछ समय से इन क्षेत्रों में नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए औषधि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर QRT को सक्रिय किया और योजनाबद्ध तरीके से निरीक्षण अभियान चलाया गया।

10 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की सघन जांच

छापेमारी अभियान के दौरान कुल 10 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की गहनता से जांच की गई। टीम ने दवा भंडारण, बिक्री रजिस्टर, बिलिंग, चिकित्सकीय पर्चों की वैधता तथा फार्मासिस्ट की उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया।

निरीक्षण के दौरान राहत की बात यह रही कि NDPS अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधित कोई भी औषधि मौके पर नहीं पाई गई, लेकिन नियमों के उल्लंघन के कई गंभीर मामले सामने आए।

जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर 07 दवा दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, वहीं 01 दुकान की क्रय-विक्रय गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। इसके अतिरिक्त 02 थोक औषधि विक्रेताओं (Wholesalers) का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बिना पर्चे दवा बिक्री पर सख्त चेतावनी

क्विक रिस्पॉन्स टीम द्वारा सभी औषधि विक्रेताओं को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई कि नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक औषधियों का विक्रय केवल वैध चिकित्सकीय पर्चे पर ही किया जाए

इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में किसी भी प्रकार की दवा की बिक्री न की जाए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी दुकान पर नशे की दवाओं की अवैध बिक्री पाई जाती है, तो लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर आपराधिक मुकदमा तक दर्ज किया जा सकता है।

वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में कार्रवाई

यह पूरी निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई वरिष्ठ औषधि निरीक्षक श्रीमती अनीता भारती के नेतृत्व में संपन्न हुई। उनके साथ औषधि विभाग के अनुभवी अधिकारियों की एक मजबूत टीम मौके पर मौजूद रही, जिसमें—

  • श्री हरिश सिंह, औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
  • सुश्री मेघा, औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
  • श्री ऋषभ धामा, औषधि निरीक्षक, टिहरी
  • श्री हार्दिक भट्ट, औषधि निरीक्षक
  • श्री विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक, देहरादून

शामिल रहे। टीम ने समन्वय और सतर्कता के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि छिप न सके।

नशे के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति

उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। विशेषकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने के लिए नारकोटिक दवाओं की अवैध आपूर्ति पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

औषधि विभाग की यह कार्रवाई न केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए चेतावनी है, बल्कि उन ईमानदार दवा विक्रेताओं के लिए भी राहत है, जो नियमों का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं।

अनीता भारती, वरिष्ठ ड्रग्स इंस्पेक्टर, हरिद्वार

“जनपद में नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध बिक्री को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी दवा विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे केवल वैध चिकित्सकीय पर्चे पर ही दवाओं का विक्रय करें। भविष्य में भी इस प्रकार की निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

औषधि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल एक शुरुआत है। भविष्य में भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण, छापेमारी और प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी, ताकि अवैध औषधि विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

हरिद्वार में QRT की इस कार्रवाई से दवा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता ने भी प्रशासन की इस पहल को सराहा है। नशे के खिलाफ यह सख्ती निश्चित रूप से समाज को सुरक्षित और स्वस्थ दिशा में ले जाने की एक मजबूत कोशिश मानी जा रही है।

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