अंतिम व्यक्ति के विकास की मिसाल बनी टिहरी की GPDP, सिल्वर SKOCH अवॉर्ड से बढ़ा उत्तराखंड का मान…..टिहरी गढ़वाल की ग्राम पंचायत विकास योजना को सिल्वर SKOCH अवॉर्ड, डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान हुए सम्मानित…. बुजुर्ग महिला से लेकर अनाथ मेधावी बच्चे तक की जरूरतों को बनाया विकास का आधार, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने राष्ट्रीय मंच पर साझा किया जनभागीदारी का अभिनव मॉडल,,पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान को SKOCH अवॉर्ड
अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की पहल को राष्ट्रीय सम्मान, टिहरी गढ़वाल की ग्राम पंचायत विकास योजना को मिला सिल्वर SKOCH अवॉर्ड.... महिला सभा और बाल सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों को योजनाओं में मिली प्राथमिकता, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने साझा किया समावेशी विकास का मॉडल, प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ विजन को बताया प्रेरणा

अंतिम व्यक्ति के विकास की मिसाल बनी टिहरी की GPDP, सिल्वर SKOCH अवॉर्ड से बढ़ा उत्तराखंड का मान…..टिहरी गढ़वाल की ग्राम पंचायत विकास योजना को सिल्वर SKOCH अवॉर्ड, डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान हुए सम्मानित….
बुजुर्ग महिला से लेकर अनाथ मेधावी बच्चे तक की जरूरतों को बनाया विकास का आधार, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने राष्ट्रीय मंच पर साझा किया जनभागीदारी का अभिनव मॉडल,,पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान को SKOCH अवॉर्ड
टिहरी गढ़वाल। ग्रामीण विकास की योजनाएं जब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों को केंद्र में रखकर बनाई जाती हैं, तो विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आती है। इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए टिहरी गढ़वाल जिले की ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को प्रतिष्ठित SKOCH Award की सिल्वर कैटेगरी में सम्मानित किया गया है। पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योजना निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिली इस उपलब्धि ने टिहरी गढ़वाल का गौरव बढ़ाया है।
यह सम्मान जिला पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड को ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत किए गए सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने परियोजना के प्रतिनिधि के रूप में सिल्वर SKOCH अवॉर्ड प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना की अवधारणा, उसके उद्देश्य और गांवों में योजनाओं के निर्माण के लिए अपनाई गई अभिनव कार्यप्रणाली को विस्तार से साझा किया।SKOCH Award की आधिकारिक रेटिंग वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह परियोजना पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास श्रेणी के अंतर्गत पंचायत राज–योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन उपश्रेणी में शामिल रही। परियोजना का नाम GPDP (Gram Panchayat) दर्ज है, जिसकी शुरुआत 20 सितंबर 2025 को दर्ज की गई है।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को केंद्र में रखकर बनाई गई विकास की योजना
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने SKOCH ग्रुप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पहचान है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पंचायती राज विभाग उत्तराखंड, केंद्र सरकार, विभागीय सचिव, निदेशक और पंचायती राज मंत्री के मार्गदर्शन एवं प्रयासों से ग्राम पंचायतों में विकास की नई अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है। पंचायती राज मंत्री का विजन रहा है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचे और उसकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए।
डॉ. खान ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना का मूल उद्देश्य ही यही है कि गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की आवश्यकताओं को समझकर उसके विकास के लिए योजनाएं तैयार की जाएं। जब योजनाओं का निर्माण वास्तविक जरूरतों के आधार पर होता है, तो उनका लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचता है।
गवाली गांव में अपनाई गई अभिनव कार्यप्रणाली बनी मिसाल
डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि टिहरी गढ़वाल के बूढ़ा केदार क्षेत्र के निकट स्थित गवाली गांव में ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करते समय एक नई और अभिनव कार्यप्रणाली अपनाई गई। इस गांव में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित भी पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि योजना निर्माण के दौरान महिला सभा और बाल सभा का आयोजन किया गया। महिला सभा में गांव की सबसे बुजुर्ग महिला को मंच पर बैठाकर उनकी जरूरतों और सुझावों के आधार पर विकास योजनाएं तैयार की गईं। यह पहल गांव की उस महिला के सम्मान और सहभागिता का प्रतीक बनी, जो सामान्य परिस्थितियों में विकास की मुख्यधारा से दूर रह सकती थी।
डॉ. खान ने कहा कि जब गांव की सबसे बुजुर्ग महिला को मंच पर बैठाया गया और उनकी जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। ग्रामीणों को भी यह महसूस हुआ कि विकास की योजनाएं अब समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल योजनाएं तैयार करना नहीं था, बल्कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति को यह विश्वास दिलाना था कि उसकी आवाज और उसकी जरूरतें भी विकास की प्राथमिकता हैं।
बाल सभा में गरीब मेधावी बच्चे की जरूरतों को मिली प्राथमिकता
ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत आयोजित बाल सभा का उल्लेख करते हुए डॉ. खान ने बताया कि गांव के एक मेधावी बच्चे को भी योजना निर्माण की प्रक्रिया में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि वह बच्चा पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था और उसके माता-पिता भी नहीं थे।
ऐसे बच्चे की जरूरतों को समझते हुए उसके लिए योजनाएं तैयार की गईं। डॉ. खान ने बताया कि बच्चे को आश्वस्त किया गया कि उसकी पढ़ाई से संबंधित फीस जमा कराने में भी सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना का वास्तविक उद्देश्य यही है कि गांव में कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरतों के कारण विकास से वंचित न रहे। महिला सभा और बाल सभा के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि बुजुर्ग महिलाओं, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आवाज योजनाओं में शामिल हो।
जनभागीदारी से मजबूत होगा ग्रामीण विकास
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और विकास संबंधी प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाएं तैयार करती हैं। इसमें ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय समस्याओं की पहचान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को विशेष महत्व दिया जाता है।
टिहरी गढ़वाल की इस परियोजना में महिला सभा और बाल सभा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को योजना निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करना एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया है।
डॉ. मोहम्मद मुस्तफा खान ने SKOCH ग्रुप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पंचायती राज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ उन सभी लोगों के प्रयासों का परिणाम है, जो गांवों के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने सम्मान समारोह में अवॉर्ड प्रदान करने वाले अधिकारियों का विशेष धन्यवाद भी किया।
टिहरी गढ़वाल की ग्राम पंचायत विकास योजना को मिला सिल्वर SKOCH अवॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि जब विकास की योजनाओं में जनभागीदारी, संवेदनशीलता और अंतिम व्यक्ति की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाती है, तो स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास राष्ट्रीय पहचान हासिल कर सकते हैं। यह उपलब्धि उत्तराखंड के ग्रामीण विकास के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।
सम्मानित सराहनीय पहल: टिहरी गढ़वाल की ग्राम पंचायत विकास योजना ने यह संदेश दिया है कि विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का नाम भी है।



