शारदीय कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट कांवड़ियों के साथ सौम्य व्यवहार और संवेदनशील ड्यूटी निभाने के निर्देश जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जोनल–सेक्टर मजिस्ट्रेटों संग समीक्षा बैठक

इन्तजार रजा हरिद्वार- शारदीय कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट
कांवड़ियों के साथ सौम्य व्यवहार और संवेदनशील ड्यूटी निभाने के निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जोनल–सेक्टर मजिस्ट्रेटों संग समीक्षा बैठक

हरिद्वार।
शारदीय कांवड़ यात्रा एवं आगामी शिवरात्रि पर्व को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रहा है। यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला सभागार में जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शारदीय कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में देश-प्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु एवं कांवड़ यात्री पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन की प्रत्येक व्यवस्था संवेदनशीलता, समन्वय और मानवीय दृष्टिकोण के साथ होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के साथ किसी भी स्तर पर कठोर या असंवेदनशील व्यवहार न किया जाए, बल्कि सौम्यता और सहयोग की भावना के साथ ड्यूटी निभाई जाए।
यातायात, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा अवधि के लिए सुदृढ़ यातायात डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और अफवाहों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर सतर्क निगरानी रखी जाए। एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कांवड़ मार्गों एवं प्रमुख स्थलों पर एम्बुलेंस, चिकित्सक दल, प्राथमिक उपचार केंद्र पूरी तरह क्रियाशील रहें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाए।
नगर निगम, जिला पंचायत एवं सिंचाई विभाग को गंगा घाटों, कांवड़ मार्गों और शिविर स्थलों पर नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम को विशेष रूप से मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वहीं जल संस्थान एवं विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा अवधि में निर्बाध पेयजल आपूर्ति और विद्युत आपूर्ति बनाए रखी जाए।
अतिक्रमण, मलबा और निर्माण कार्य पर सख्ती
जिलाधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों को नजीबाबाद राष्ट्रीय मार्ग पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मार्ग पर अवरोध नहीं होना चाहिए, जिससे दुर्घटना की संभावना बने।
सभी उपजिलाधिकारियों को गंगा घाटों एवं पुलों पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अपर रोड पर चल रहे निर्माण कार्य को कांवड़ यात्रा के दौरान पूर्णतः रोका जाए और मार्ग को दुरुस्त किया जाए।
खाद्य सुरक्षा और ओवररेटिंग पर कड़ी नजर
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा के दौरान होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों पर निर्धारित रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा कराई जाए। किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग या घटिया/एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग के निर्देश भी दिए गए।
मौके पर निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आज ही अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें और कमियों को तुरंत दूर करें।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, सीओ एसडीआरएफ सुशील रावत, ट्रैफिक इंचार्ज हितेश कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डी.के. सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शारदीय कांवड़ यात्रा श्रद्धा, सुरक्षा और संवेदनशीलता के साथ संपन्न कराई जाएगी, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



