27 ज्वालापुर विधानसभा की आवाज़, शिक्षा-स्वास्थ्य और पुल निर्माण की मांग तेज,, मा.दलीप कुमार ने मुख्यमंत्री धामी के नाम सौंपा प्रार्थना पत्र — कॉलेज, बड़ा अस्पताल और पुल निर्माण की उठी मांग, सेवा संकल्प का मा. दलीप कुमार ने उठाया बीड़ा,, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान जनता, समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री से,, सड़क से लेकर विधानसभा तक मा. दलीप कुमार की दौड़ शुरू

इन्तजार रजा हरिद्वार- 27 ज्वालापुर विधानसभा की आवाज़, शिक्षा-स्वास्थ्य और पुल निर्माण की मांग तेज,,
मा.दलीप कुमार ने मुख्यमंत्री धामी के नाम सौंपा प्रार्थना पत्र — कॉलेज, बड़ा अस्पताल और पुल निर्माण की उठी मांग, सेवा संकल्प का मा. दलीप कुमार ने उठाया बीड़ा,,
बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान जनता, समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री से,, सड़क से लेकर विधानसभा तक मा. दलीप कुमार की दौड़ शुरू
हरिद्वार/ज्वालापुर —
27 ज्वालापुर विधानसभा के निवासियों ने अपने क्षेत्र की महत्वपूर्ण समस्याओं, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और संपर्क साधनों के अभाव को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शीघ्र समाधान की अपील की है। इस संबंध में मास्टर दिलीप कुमार ने प्रदेश सरकार को औपचारिक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है, जिसमें क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को स्पष्ट रूप से रखा गया है। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि ज्वालापुर विधानसभा लगातार जनसंख्या और विस्तार में बढ़ रही है, लेकिन इसके अनुरूप यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने स्थानीय निवासियों को गंभीर संकट में डाल दिया है।
महाविद्यालय न होने से बालिकाओं की शिक्षा बाधित
मास्टर दिलीप कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में सबसे प्रमुख मुद्दा महाविद्यालय की मांग का रहा। उनका कहना है कि ज्वालापुर विधानसभा में आज तक एक भी सरकारी महाविद्यालय स्थापित नहीं किया गया है। इससे क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बच्चियां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं और महाविद्यालय दूर होने की वजह से वे आगे की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। यह स्थिति न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत प्रगति बल्कि क्षेत्र के विकास के लिए भी बाधक बन रही है।
बड़ा सरकारी अस्पताल न होने से जान जोखिम में
सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव भी ज्वालापुर क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रार्थना पत्र में लिखा गया है कि संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में एक भी बड़ा सरकारी चिकित्सालय उपलब्ध नहीं है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को 20-25 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार जीवन बचाना कठिन हो जाता है।स्थानीय जनता का कहना है कि यदि क्षेत्र में आधुनिक सुविधा युक्त बड़ा अस्पताल स्थापित किया जाए तो अनेक जिंदगियां समय पर इलाज से बचाई जा सकती हैं।
कोटा–मुरादनगर–खेड़ा के निवासियों का जीवन पानी पर निर्भर
पत्र में यह भी बताया गया है कि वर्षा ऋतु आते ही कोटा, मुरादनगर और खेड़ा गांव बाहरी संपर्क से कट जाते हैं। नदी पर पुल न होने से इन क्षेत्रों का संपर्क सड़क से पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे में चिकित्सा, शिक्षा, आपूर्ति और आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि बीमार व्यक्ति या गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना लगभग असंभव हो जाता है।

जनता को विकास की उम्मीद — मुख्यमंत्री अब क्या करेंगे?
ज्वालापुर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी इस पर संज्ञान लेकर जल्द प्रभावी निर्णय लेंगे और लंबे समय से लंबित इन मांगों को प्राथमिकता देंगे।
पत्र के अंत में मास्टर दिलीप कुमार ने लिखा है—
“श्रीमान जी, हमारी विधानसभा पिछड़े क्षेत्र के रूप में जानी जाती है। आपसे विनम्र अनुरोध है कि कॉलेज, अस्पताल एवं पुल निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कर क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करें।”
ज्वालापुर विधानसभा की यह मांग अब जनभावना बन चुकी है और यदि सरकार इस दिशा में जल्द कदम उठाती है, तो यह क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास के नए अध्याय में प्रवेश करेगा। जनता अब मुख्यमंत्री के निर्णय का इंतज़ार कर रही है।



