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18 माह से वेतन नहीं, इक़बालपुर शुगर मिल के कर्मचारियों का धरना 75वें दिन भी जारी,, कर्मचारियों का आरोप – वेतन में अनियमितता और ‘ले-ऑफ’ नोटिस में गड़बड़ी, सहायक गन्ना आयुक्त की जांच की मांग,, डीएम ने एसडीएम भगवानपुर को सौंपी जांच, कर्मचारियों की चेतावनी – न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा,, ‘ले-ऑफ’ नोटिस की वैधता और पारदर्शिता पर भी उठे सवाल

भगवानपुर क्षेत्र स्थित इकबालपुर की धनश्री एग्रो प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में लक्ष्मी शुगर मिल) में कार्यरत कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। लगभग 18 महीनों से वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों का धरना अब 75वें दिन में प्रवेश कर चुका है। कर्मचारियों का आरोप है कि मिल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनका बकाया वेतन अटका हुआ है, जबकि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके वेतन, पीएफ और अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द समाधान कराया जाए। वहीं जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम भगवानपुर को मामले की जांच सौंपी है। 26 वर्षों से नौकरी, फिर भी 18 माह से नहीं मिला वेतन

इन्तजार रजा हरिद्वार- 18 माह से वेतन नहीं, इक़बालपुर शुगर मिल के कर्मचारियों का धरना 75वें दिन भी जारी,,

कर्मचारियों का आरोप – वेतन में अनियमितता और ‘ले-ऑफ’ नोटिस में गड़बड़ी, सहायक गन्ना आयुक्त की जांच की मांग,,

डीएम ने एसडीएम भगवानपुर को सौंपी जांच, कर्मचारियों की चेतावनी – न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा,,

‘ले-ऑफ’ नोटिस की वैधता और पारदर्शिता पर भी उठे सवाल

हरिद्वार/भगवानपुर।
भगवानपुर क्षेत्र स्थित इकबालपुर की धनश्री एग्रो प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में लक्ष्मी शुगर मिल) में कार्यरत कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। लगभग 18 महीनों से वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों का धरना अब 75वें दिन में प्रवेश कर चुका है। कर्मचारियों का आरोप है कि मिल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनका बकाया वेतन अटका हुआ है, जबकि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके वेतन, पीएफ और अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द समाधान कराया जाए। वहीं जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम भगवानपुर को मामले की जांच सौंपी है।

26 वर्षों से नौकरी, फिर भी 18 माह से नहीं मिला वेतन

इकबालपुर शुगर मिल के कर्मचारी नवीन कुमार ने बताया कि वह पिछले 26 वर्षों से मिल में स्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से उन्हें वेतन नहीं मिला है।

नवीन कुमार का कहना है कि इतने लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और कई कर्मचारियों को कर्ज लेकर अपने परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी समस्या को लेकर कर्मचारी प्रशासन के पास पहुंचे और मांग की कि उनका बकाया वेतन दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक गन्ना आयुक्त कपिल मोहन द्वारा कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है, इसलिए उनकी जांच कराई जानी चाहिए।

सीएम पोर्टल से लेकर गन्ना मंत्री तक लगाई गुहार

कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कई स्तरों पर शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, साथ ही गन्ना मंत्री और संयुक्त गन्ना आयुक्त से भी मुलाकात की।

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने सभी अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी, लेकिन आज तक किसी ने भी उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया।

कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई में देरी होने से कर्मचारियों का भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है।

72 दिन से जारी धरना, प्रबंधन नहीं आया वार्ता के लिए

कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर पिछले 72 दिनों से मिल परिसर में धरना दे रहे हैं। लेकिन अब तक मिल प्रबंधन का कोई भी प्रतिनिधि धरना स्थल पर वार्ता के लिए नहीं आया।

कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही।

धरना दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

‘ले-ऑफ’ नोटिस की वैधता और पारदर्शिता पर भी उठे सवाल

मिल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को ले-ऑफ का नोटिस जारी किया गया है, जिसमें पेराई सत्र 2025-26 न चलने का कारण कर्मचारियों की हड़ताल बताया गया है।

लेकिन कर्मचारियों ने इस नोटिस को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि इसमें कई गंभीर खामियां हैं। कर्मचारियों के अनुसार नोटिस पर अधिशासी निदेशक के हस्ताक्षर नहीं हैं, न ही उसमें पत्रांक संख्या दर्ज है और न ही यह मिल के आधिकारिक लेटरहेड पर जारी किया गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि इस नोटिस में किसी प्रकार की सत्यता नहीं है और इसे केवल कर्मचारियों को भ्रमित करने के लिए लगाया गया है।

वेतन वितरण में अनियमितता के आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन वितरण के मामले में भी भारी अनियमितता बरती गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा जनवरी 2025 का 70 प्रतिशत वेतन दिलाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला।

कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों को ज्यादा भुगतान किया गया, जबकि कई कर्मचारियों को कुछ भी नहीं मिला। इस कारण कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पीएफ जमा न होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की परेशानी

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि मिल प्रबंधन द्वारा पिछले लगभग दो वर्षों से कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया गया।

इस अवधि में करीब 100 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं या सेवानिवृत्ति के करीब हैं, लेकिन पीएफ जमा न होने के कारण उनकी पेंशन भी शुरू नहीं हो पाई है।

कर्मचारियों का कहना है कि यह स्थिति उनके भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

डीएम ने एसडीएम को सौंपी जांच

कर्मचारियों की शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार ने मामले को गंभीरता से लिया है और एसडीएम भगवानपुर को पूरे मामले की जांच सौंप दी है।

कर्मचारियों का कहना है कि सभी कर्मचारी मिल परिसर में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई के आधार पर ही यह निर्णय लिया जाएगा कि धरना जारी रहेगा या आगे कोई नया कदम उठाया जाएगा।

कर्मचारियों को न्याय का इंतजार

इकबालपुर शुगर मिल का यह विवाद अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से उनका मेहनताना नहीं मिला, वहीं दूसरी ओर मिल प्रबंधन द्वारा ले-ऑफ का नोटिस जारी कर दिया गया है।

सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका इस मिल पर निर्भर है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन और अन्य अधिकार कब तक मिल पाते हैं। धरना दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल न्याय चाहिए और जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ✊📄

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