अपराधअलर्टअवैध कब्जाअवैध धार्मिक स्थलों की बांढइन्वेस्टिगेशनउत्तर प्रदेशउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरेंकैबिनेट प्रस्तावजनसुनवाईधर्म और आस्थाध्वस्तीकरणनिरीक्षणपॉलिटिकल तड़काप्रतिबंधितप्रशासन

हरिद्वार मे अवैध दरगाह पर प्रशासन की फिर बड़ी कार्रवाई,, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की सरकारी ज़मीन से अतिक्रमण हटाने पहुँचा प्रशासन का बुल्डोजर, मचा हड़कंप,, धामी सरकार के आदेश पर अवैध धार्मिक ढाँचों के खिलाफ लगातार सख्त रुख जारी  एसडीएम सदर हरिद्वार जितेन्द्र कुमार और यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई

इन्तजार रजा हरिद्वार-हरिद्वार मे अवैध दरगाह पर प्रशासन की फिर बड़ी कार्रवाई,,

सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की सरकारी ज़मीन से अतिक्रमण हटाने पहुँचा प्रशासन का बुल्डोजर, मचा हड़कंप,,

धामी सरकार के आदेश पर अवैध धार्मिक ढाँचों के खिलाफ लगातार सख्त रुख जारी 

एसडीएम सदर हरिद्वार जितेन्द्र कुमार और यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में मंगलवार को प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई उस जगह पर हुई जहाँ लंबे समय से एक अवैध दरगाह का निर्माण किया गया था। प्रशासन के बुलडोजर के मौके पर पहुँचते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से दरगाह बनाए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब कब्जाधारी पीछे नहीं हटे, तो प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार सुबह बुलडोजर चलाने का फैसला लिया।

एसडीएम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई

कार्रवाई की अगुवाई एसडीएम सदर जितेन्द्र कुमार ने की। उनके साथ सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में पहले से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माण पर प्रहार किया, मौके पर भीड़ जुटने लगी। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी। थोड़ी ही देर में पूरा ढांचा जमींदोज कर दिया गया।

एसडीएम सदर हरिद्वार जितेन्द्र कुमार ने मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा—

“सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन जब कब्जाधारियों ने उसे अनदेखा किया तो मजबूरन बुलडोजर चलाना पड़ा।”सरकारी ज़मीन पर किसी का भी कब्जा नहीं चलेगा, प्रशासन पूरी तरह सजग है।

सरकार का साफ संदेश – अवैध धार्मिक ढाँचे नहीं बचेंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढाँचों को हटाने की मुहिम चलाई जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि चाहे कोई भी व्यक्ति या संस्था हो, सरकारी ज़मीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

एसडीओ सिंचाई विभाग भारत भूषण शर्मा ने बताया—

“यह जमीन सिंचाई विभाग की संपत्ति है, जिस पर वर्षों से अवैध कब्जा कर दरगाह बनाई गई थी। विभाग ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था, लेकिन जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन की मदद से कार्रवाई की गई। अब इस भूमि को विभागीय उपयोग के लिए सुरक्षित किया जाएगा।”अवैध दरगाह को नोटिस देने के बाद कार्रवाई की गई है, आगे भी यह मुहिम जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसी जगहों की पहचान की जा रही है जहाँ विभागीय जमीन पर अवैध निर्माण हुए हैं। आने वाले दिनों में उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में हड़कंप, जनता में उठे सवाल

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। कई लोग इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ ने कहा कि यह काम पहले होना चाहिए था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर ऐसे अतिक्रमण पहले ही हटा दिए जाते तो सरकारी संपत्तियों पर कब्जे की प्रवृत्ति बढ़ती नहीं।

एक स्थानीय निवासी ने कहा—

“सरकार ने सही किया है। सरकारी ज़मीनें जनता की हैं, किसी की निजी जागीर नहीं। जो भी कब्जा करेगा, उसे हटाया जाना चाहिए।”

हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि प्रशासन को ऐसे विवादित मामलों में धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए और कार्रवाई से पहले संवाद की कोशिश करनी चाहिए।

प्रशासन ने दी चेतावनी – अगली बार बिना नोटिस कार्रवाई

एसडीएम जितेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि आगे से विभागीय संपत्ति या सरकारी ज़मीन पर कब्जा करने वालों को किसी प्रकार की चेतावनी या नोटिस नहीं दिया जाएगा।

“अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। धामी सरकार का निर्देश है कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वालों को सख्त संदेश दिया जाए। यह कार्रवाई उसी दिशा में एक कदम है।”

उन्होंने कहा कि अवैध धार्मिक ढाँचे, झुग्गियाँ, दुकाने या किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध कब्जों के खिलाफ मुहिम तेज़

हरिद्वार प्रशासन ने बीते कुछ महीनों में कई अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। पहले भी सिंचाई विभाग और नगर निगम की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया था, लेकिन धार्मिक ढाँचों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन अब अधिक सख्त रुख अपना रहा है।

सूत्रों के अनुसार, रानीपुर, ज्वालापुर, भेल और कनखल क्षेत्र में भी ऐसी जमीनों की पहचान की जा रही है जिन पर धार्मिक या व्यावसायिक ढाँचे खड़े किए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जल्द ही उन पर भी कार्रवाई होगी।

हरिद्वार में हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि धामी सरकार अब किसी भी अवैध धार्मिक या गैर-धार्मिक अतिक्रमण को बख्शने के मूड में नहीं है। प्रशासनिक अमला पूरी सख्ती से मैदान में उतर चुका है और सरकारी जमीन को मुक्त कराने के लिए अभियान जारी रहेगा।

जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे किन-किन जगहों पर बुलडोजर चलेगा और क्या यह मुहिम पूरे जनपद में समान रूप से लागू होगी या नहीं।

Related Articles

Back to top button