ई-रिक्शा संचालन/सत्यापन को लेकर परिवहन प्रशासन सख्त,, समयावधि आगामी दो महीने बाद बिना स्टिकर चलने वाला हर ई-रिक्शा होगा सीज,, 200 में से सिर्फ 80 पास, बाकी को अंतिम चेतावनी,, तीन चरणों की एसओपी, एक भी फेल तो एंट्री बंद,, नियम पूरे करो, वरना हरिद्वार की सड़को से बाहर हो जाओ ई रिक्शा:-निखिल शर्मा एआरटीओ हरिद्वार

इन्तजार रजा हरिद्वार- ई-रिक्शा संचालन/सत्यापन को लेकर परिवहन प्रशासन सख्त,,
समयावधि आगामी दो महीने बाद बिना स्टिकर चलने वाला हर ई-रिक्शा होगा सीज,,
200 में से सिर्फ 80 पास, बाकी को अंतिम चेतावनी,,
तीन चरणों की एसओपी, एक भी फेल तो एंट्री बंद,,
नियम पूरे करो, वरना हरिद्वार की सड़को से बाहर हो जाओ ई रिक्शा:-निखिल शर्मा एआरटीओ हरिद्वार
हरिद्वार।
शहर की सड़कों पर बेतरतीब और बिना सत्यापन दौड़ रहे ई-रिक्शाओं पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दे दी है कि निर्धारित दो माह की समयसीमा समाप्त होने के बाद बिना क्यूआर कोड स्टिकर, रूट बारकोड टिकट और चालक आईडी के चलने वाला हर ई-रिक्शा सीधी कार्रवाई की जद में आएगा। ऐसे वाहनों को न सिर्फ सीज किया जाएगा, बल्कि चालकों के खिलाफ नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन हरिद्वार निखिल शर्मा ने दो टूक कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यातायात सुरक्षा और यात्रियों की जान से जुड़ा गंभीर कदम है। नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
सत्यापन में फेल हुए 120 से ज्यादा ई-रिक्शा
एआरटीओ निखिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 200 से अधिक ई-रिक्शा सत्यापन के लिए पहुंचे, लेकिन गहन जांच के बाद केवल करीब 80 ई-रिक्शा ही प्रशासन द्वारा तय एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) पर खरे उतर सके।
इन्हीं पास ई-रिक्शाओं को क्यूआर कोड आधारित स्टिकर, रंगीन बारकोड और वैध चालक पहचान पत्र जारी किए गए हैं।
शेष 120 से अधिक ई-रिक्शा विभिन्न खामियों के चलते फेल पाए गए। कई मामलों में पुलिस सत्यापन अधूरा था, तो कई वाहन तकनीकी जांच में अनफिट निकले। तकनीकी आरआई द्वारा अस्वीकृत वाहनों को स्पष्ट रूप से स्टिकर देने से इनकार कर दिया गया है।
तीन चरणों की एसओपी, एक भी फेल तो एंट्री बंद
ई-रिक्शा संचालन के लिए प्रशासन ने तीन अनिवार्य चरण तय किए हैं—
- चालक का पूर्ण पुलिस सत्यापन
- ई-रिक्शा का तकनीकी परीक्षण
- सभी वैध दस्तावेजों की पूर्णता
एआरटीओ प्रशासन ने साफ किया कि इन तीनों में से किसी भी चरण में कमी पाए जाने पर न स्टिकर मिलेगा, न आईडी और न ही सड़क पर चलने की अनुमति।
प्रवर्तन दलों को नोटिस देने के निर्देश जारी, बहानेबाज़ी अब नहीं चलेगी
प्रशासन ने जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी प्रवर्तन दलों को नोटिस उपलब्ध करा दिए हैं, जो हर ई-रिक्शा चालक को सौंपे जाएंगे।
इन नोटिसों में एसओपी, समयसीमा, रूट बारकोड टिकट, क्यूआर कोड स्टिकर और रंगीन बारकोड से जुड़ी पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज है।
एआरटीओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि नोटिस मिलने के बाद “जानकारी नहीं थी” या “समय नहीं मिला” जैसे बहाने अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
परिवहन विभाग का साफ संदेश: नियम मानो या सड़क छोड़ो
परिवहन विभाग ने अंतिम रूप से स्पष्ट कर दिया है कि दो महीने की मोहलत पूरी होने के बाद केवल वही ई-रिक्शा शहर की सड़कों पर चलेंगे, जिनके पास क्यूआर कोड स्टिकर, रूट बारकोड टिकट और वैध चालक आईडी होगी।
बिना स्टिकर या बारकोड के पकड़ा गया हर ई-रिक्शा सीधे सीज होगा।
प्रशासन के इस सख्त रुख से न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरने, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब संदेश बिल्कुल साफ है—
नियम पूरे करो, वरना सड़क से बाहर हो जाओ।



