Daily Live Uttarakhand updateSIR महाभियानअलर्टआरोप निराधारइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरेंजनसुनवाईधर्म और आस्थानिरीक्षणपॉलिटिकल तड़काप्रतिबंधितप्रदर्शनप्रशासनसमीक्षा बैठक

वोटर लिस्ट पर प्रशासन का ‘ऑपरेशन क्लीन’! 8 अक्टूबर से हर बूथ पर बजेगा सत्यापन का बिगुल….. डीएम मयूर दीक्षित ने राजनीतिक दलों को दिया सीधा संदेश—न कोई पात्र वोटर छूटेगा, न अपात्र नाम बचेगा; 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर पहुंचेगी टीम…..  अब बूथ पर भी नजर… घर पर भी दस्तक!

वोटर लिस्ट पर प्रशासन का ‘ऑपरेशन क्लीन’! 8 अक्टूबर से हर बूथ पर बजेगा सत्यापन का बिगुल…..

डीएम मयूर दीक्षित ने राजनीतिक दलों को दिया सीधा संदेश—न कोई पात्र वोटर छूटेगा, न अपात्र नाम बचेगा; 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर पहुंचेगी टीम…..  अब बूथ पर भी नजर… घर पर भी दस्तक!

हरिद्वार। चुनावी मैदान सजने से पहले हरिद्वार में वोटर लिस्ट की ‘सर्जिकल जांच’ शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने मतदाता सूची को लेकर ऐसा अभियान तैयार किया है, जिसमें बूथ से लेकर घर की चौखट तक हर नाम की पड़ताल होगी। साफ संदेश है—वोटर असली है तो नाम रहेगा, पात्र है तो नाम जुड़ेगा और अगर नाम में गड़बड़ी मिली तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। बुधवार को एनआईसी सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मतदाता सूची को लेकर बड़ा एक्शन प्लान सामने आया।

8 से 10 अक्टूबर… हर बूथ बनेगा ‘जांच का अड्डा’

प्रशासन के मुताबिक 8 से 10 अक्टूबर तक हर बूथ पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यहां प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची को बारीकी से खंगाला जाएगा। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके बूथ लेवल एजेंटों को भी सूची की जांच में पूरी तरह सक्रिय रहने को कहा गया है। यानी अब किसी वोटर का नाम सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर उसकी मौजूदगी और पात्रता भी जांच के दायरे में होगी। डीएम मयूर दीक्षित ने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने स्तर पर भी मतदाता सूची का गंभीरता से परीक्षण करें। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है तो उसे नियमानुसार जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाए। वहीं किसी अपात्र या अनावश्यक रूप से दर्ज नाम को लेकर दावा-आपत्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत दाखिल की जा सकती है।

12 से 20 अक्टूबर… अब टीम पहुंचेगी सीधे वोटर के दरवाजे पर

लेकिन असली ‘एक्शन’ इसके बाद शुरू होगा। 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2 घर-घर जाकर वैध मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान मतदाता सूची में नए जोड़े गए नामों की भी जांच की जाएगी। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम अब तक सूची में नहीं आया है तो फॉर्म-6 के जरिए उसका नाम जोड़ा जाएगा। मतलब साफ है—वोटर लिस्ट अब सिर्फ दफ्तर की फाइल नहीं रहेगी, बल्कि प्रशासन की टीम उसे जमीन पर जाकर जांचेगी।

‘एक भी पात्र वोटर नहीं छूटना चाहिए’—डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।प्रशासन की कोशिश है कि मतदाता सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए। साथ ही ऐसे नामों की पहचान भी हो, जो नियमों के मुताबिक मतदाता सूची में नहीं होने चाहिए। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने बीएलए के माध्यम से बूथ स्तर पर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन का मानना है कि राजनीतिक दलों की भागीदारी से सत्यापन प्रक्रिया ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद होगी।

अब बूथ पर भी नजर… घर पर भी दस्तक!

इस पूरे अभियान को अगर फिल्मी अंदाज में समझें तो पहला सीन 8 अक्टूबर से बूथ पर शुरू होगा और दूसरा सीन 12 अक्टूबर से घर-घर चलेगा। पहले ड्राफ्ट रोल की बारीकी से जांच होगी। फिर बीएलओ और बीएलए-2 मैदान में उतरेंगे। पात्र मतदाता का नाम छूटा तो फॉर्म-6 से एंट्री होगी और किसी नाम को लेकर आपत्ति है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति दर्ज होगी। प्रशासन का लक्ष्य एकदम स्पष्ट है—मतदाता सूची साफ, सही और अपडेट हो।

राजनीतिक दल भी होंगे ‘ऑपरेशन क्लीन’ का हिस्सा

इस अभियान में प्रशासन अकेले मैदान में नहीं रहेगा। राजनीतिक दलों को भी उनके बीएलए के माध्यम से पूरी प्रक्रिया में शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही होना बेहद जरूरी है। इसलिए राजनीतिक दल अपने स्तर से भी सूची की पड़ताल करें और जहां भी कोई वैध शिकायत या कमी दिखाई दे, उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामने लाएं।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, आम आदमी पार्टी के प्रवीण कुमार सिंह और मोहन गुप्ता, सीपीआईएम के राजीव गर्ग, सहायक निर्वाचन अधिकारी अरुणेश पैन्यूली समेत संबंधित अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। फिलहाल हरिद्वार में वोटर लिस्ट को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। 8 अक्टूबर से बूथों पर जांच का बिगुल बजेगा और 12 अक्टूबर से टीमें घर-घर पहुंचेंगी। अब देखना यह है कि इस ‘ऑपरेशन क्लीन’ के बाद मतदाता सूची की तस्वीर कितनी साफ होती है।

Related Articles

Back to top button