4 लाख के बदले वसूले 30 लाख! फिर भी नहीं भरा सूदखोर का पेट? पिरान कलियर में ब्याज के जाल में फंसे परिवार ने लगाई इंसाफ की गुहार,,“ “पुश्तैनी मकान बिक गया, बच्चे किराए के घर में पहुंचे… अब 25 लाख की और मांग! पीड़ित बोला — ‘टॉर्चर से आत्महत्या की कगार पर हूं’” “चेकों के दुरुपयोग, धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप — कलियर पुलिस से सूदखोरी गैंग पर सख्त कार्रवाई की मांग”

इन्तजार रजा हरिद्वार- “4 लाख के बदले वसूले 30 लाख! फिर भी नहीं भरा सूदखोर का पेट? पिरान कलियर में ब्याज के जाल में फंसे परिवार ने लगाई इंसाफ की गुहार,,“
“पुश्तैनी मकान बिक गया, बच्चे किराए के घर में पहुंचे… अब 25 लाख की और मांग! पीड़ित बोला — ‘टॉर्चर से आत्महत्या की कगार पर हूं’”
“चेकों के दुरुपयोग, धमकी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप — कलियर पुलिस से सूदखोरी गैंग पर सख्त कार्रवाई की मांग”

पिरान कलियर क्षेत्र में कथित सूदखोरी और अवैध ब्याज वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। क्षेत्र निवासी अफसर पुत्र गुलाम साबिर ने रुड़की निवासी अमित शहदेव पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पीड़ित का आरोप है कि चार लाख रुपये उधार लेने के बाद वह वर्षों तक अत्यधिक ब्याज और मानसिक उत्पीड़न के ऐसे जाल में फंस गया कि उसे अपना पुश्तैनी मकान तक बेचना पड़ा। इसके बावजूद आरोपी अब भी 25 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा है।

पीड़ित अफसार के अनुसार करीब चार से पांच वर्ष पहले उसने निजी जरूरत के चलते अमित शहदेव से चार लाख रुपये चेक के माध्यम से ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि शुरुआत में सामान्य लेनदेन बताकर पैसा दिया गया, लेकिन बाद में उस रकम पर अवैध और अत्यधिक चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाने लगा। धीरे-धीरे ब्याज की रकम इतनी बढ़ा दी गई कि पीड़ित आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट गया।
तहरीर में पीड़ित ने दावा किया है कि वह अब तक लगभग 30 लाख रुपये आरोपी को दे चुका है, जो मूलधन से कई गुना अधिक है। भारी रकम चुकाने के लिए उसे अपना पुश्तैनी मकान तक बेचना पड़ा। मकान बिकने के बाद आज वह अपने छोटे बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर है। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपी का लालच खत्म नहीं हुआ और अब वह “पेनल्टी” के नाम पर 25 लाख रुपये की नई मांग कर रहा है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि सुरक्षा के तौर पर उसने और उसके भाइयों ने कुछ चेक आरोपी को दिए थे, जिनका अब दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि आरोपी लगातार झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं, पीड़ित का कहना है कि आरोपी अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है और हिसाब-किताब के नाम पर बुलाकर गाली-गलौज और दबाव बनाता है।
तहरीर में लगाए गए आरोपों के मुताबिक लगातार धमकियों और आर्थिक दबाव के चलते पीड़ित गहरे मानसिक तनाव में पहुंच चुका है। उसने यहां तक कहा है कि अब वह आत्मघाती कदम उठाने जैसी स्थिति में पहुंच गया है। पीड़ित ने पुलिस से कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके और उसके परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी अन्य लोगों को इसी तरह ब्याज के जाल में फंसा चुका है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि संगठित सूदखोरी के नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि आरोपी की धमकियों के कारण पूरा परिवार दहशत में जी रहा है। बच्चों और परिजनों पर भी मानसिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर अवैध सूदखोरी के उस काले कारोबार को उजागर कर दिया है, जिसमें जरूरतमंद लोगों को पहले आसानी से पैसा देकर फंसाया जाता है और फिर ब्याज के नाम पर उनका आर्थिक व मानसिक शोषण किया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई न हो तो पीड़ित परिवार पूरी तरह बर्बाद हो जाते हैं अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर चार लाख रुपये के बदले 30 लाख रुपये लेने के बाद भी यदि किसी व्यक्ति से और वसूली की जा रही है तो ऐसे कथित सूदखोरों पर कानून का शिकंजा कब कसेगा? पिरान कलियर में उठे इस मामले ने लोगों के बीच भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।



