उत्तराखंड पुलिस में 4600 ग्रेड पे का बिगुल: 2000-2002 बैच के जवानों के हक की लड़ाई तेज, DGP मुख्यालय ने दिखाई सख्ती!,, “कमल भदोरिया एडवोकेट की शिकायत पर पुलिस मुख्यालय सक्रिय, IG कार्मिक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश,, “सालों से वेतन विसंगति झेल रहे पुलिस कर्मियों को मिल सकती है बड़ी राहत, विभाग में तेज हुई चर्चाएं”

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड पुलिस में 4600 ग्रेड पे का बिगुल: 2000-2002 बैच के जवानों के हक की लड़ाई तेज, DGP मुख्यालय ने दिखाई सख्ती!,,
“कमल भदोरिया एडवोकेट की शिकायत पर पुलिस मुख्यालय सक्रिय, IG कार्मिक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश,,
“सालों से वेतन विसंगति झेल रहे पुलिस कर्मियों को मिल सकती है बड़ी राहत, विभाग में तेज हुई चर्चाएं”

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के वर्ष 2000, 2001 और 2002 बैच के पुलिस कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। लंबे समय से 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर आवाज उठा रहे पुलिस जवानों की लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। अधिवक्ता कमल भदोरिया द्वारा उठाए गए मामले पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने गंभीर रुख अपनाते हुए मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक, DGP कार्यालय ने 4600 ग्रेड पे से जुड़े प्रकरण में पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद पुलिस विभाग के भीतर हलचल तेज हो गई है और वर्षों से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे जवानों में उम्मीद की लहर दौड़ गई है।
जानकारों का कहना है कि 2000 से 2002 बैच के पुलिस कर्मी लंबे समय से वेतनमान में असमानता को लेकर नाराज चल रहे थे। उनका आरोप रहा है कि समान सेवा और अनुभव के बावजूद उन्हें वह ग्रेड पे नहीं दिया गया, जिसके वे हकदार हैं। कई बार यह मुद्दा विभागीय बैठकों और कर्मचारी संगठनों के माध्यम से उठाया गया, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
इसी बीच अधिवक्ता कमल भदोरिया ने पूरे मामले को मजबूती से उठाते हुए पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजी। शिकायत में कहा गया कि वर्षों से कठिन ड्यूटी निभा रहे पुलिस कर्मियों के साथ वेतनमान को लेकर अन्याय किया जा रहा है और उन्हें 4600 ग्रेड पे का लाभ दिया जाना चाहिए।मामले में पुलिस मुख्यालय के सक्रिय होने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार और विभाग जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो हजारों पुलिस कर्मियों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ विभागीय सम्मान और मनोबल में भी बढ़ोतरी होगी।
फिलहाल पूरे पुलिस महकमे की निगाहें मुख्यालय की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जवानों के बीच चर्चा है कि इस बार मामला सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वर्षों से लंबित मांग को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है।



