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पंचपुरी गढ़मीरपुर की बदहाल सड़कों पर फूटा जनाक्रोश: ‘वोट लेकर गायब हुए जनप्रतिनिधि’, एंड. यूनुस मलिक ने खोला मोर्चा,, “पथरी पुल से कुतुबपुर तक सड़क बनी हादसों का गढ़,, गढमीरपुर के चारों मुख्य मार्गो पर गहरे गड्ढे, अतिक्रमण और जाम से त्रस्त जनता की डीएम से गुहार,, पंचपुरी गढ़मीरपुर निर्णायक वोट बैंक का गढ होने के बावजूद गांव को मिला और मिल रहा सिर्फ झूठा आश्वासन’ — एंड. यूनुस मलिक ने विधायक रवि बहादुर समेत जनप्रतिनिधियों पर बोला हमला” पंचपुरी गढ़मीरपुर को नजरंदाज करने का आरोप,, आने वाले चुनाव 2027 में जनता देगी जवाब

इन्तजार रजा हरिद्वार- पंचपुरी गढ़मीरपुर की बदहाल सड़कों पर फूटा जनाक्रोश: ‘वोट लेकर गायब हुए जनप्रतिनिधि’, एंड. यूनुस मलिक ने खोला मोर्चा,,

“पथरी पुल से कुतुबपुर तक सड़क बनी हादसों का गढ़,, गढमीरपुर के चारों मुख्य मार्गो पर गहरे गड्ढे, अतिक्रमण और जाम से त्रस्त जनता की डीएम से गुहार,,

पंचपुरी गढ़मीरपुर निर्णायक वोट बैंक का गढ होने के बावजूद गांव को मिला और मिल रहा सिर्फ झूठा आश्वासन’ — एंड. यूनुस मलिक ने विधायक रवि बहादुर समेत जनप्रतिनिधियों पर बोला हमला” पंचपुरी गढ़मीरपुर को नजरंदाज करने का आरोप,, आने वाले चुनाव 2027 में जनता देगी जवाब

हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा का चर्चित और निर्णायक गांव पंचपुरी गढ़मीरपुर इन दिनों विकास नहीं बल्कि बदहाली की पहचान बन चुका है। गांव के चारों मुख्य एंट्री मार्ग इतने जर्जर और खस्ताहाल हो चुके हैं कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सड़कें जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं, गहरे गड्ढों में भरा पानी हादसों को खुला न्योता दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने गांव की सुध लेना तक जरूरी नहीं समझा।

अब इस मुद्दे पर एंड. यूनुस मलिक, स्थानीय निवासी गढ़मीरपुर हरिद्वार ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। एंड. यूनुस मलिक ने जिलाधिकारी हरिद्वार को शिकायत सौंपकर गांव के चारों मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण और अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विधायक रवि बहादुर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

एंड. यूनुस मलिक ने अपने शिकायती पत्र में कहा कि पथरी पुल से ग्राम कुतुबपुर तक जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से पूरी तरह बदहाल पड़ा हुआ है। सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि बरसात में पूरा रास्ता किसी तालाब जैसा नजर आता है। बाइक सवार आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं, स्कूली बच्चे खतरे के बीच स्कूल जाने को मजबूर हैं और बुजुर्गों के लिए रास्ते पर चलना तक मुश्किल हो गया है।

एंड. यूनुस मलिक ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब गांव की ओर झांकना भी जरूरी नहीं समझते। उनका कहना है कि ज्वालापुर विधानसभा का यह गांव चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है और यहां बड़ा वोट बैंक होने के बावजूद गांव को सिर्फ झूठे आश्वासन और कागजी विकास मिला है।उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा विधायकों ने भी इस क्षेत्र की अनदेखी की और अब कांग्रेस विधायक रवि बहादुर के कार्यकाल में भी हालात जस के तस बने हुए हैं। अगर कहीं थोड़ा बहुत काम हुआ भी तो केवल लीपापोती करके मामला शांत कर दिया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद सड़क फिर उखड़ गई।

एंड. यूनुस मलिक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने कई बार व्यक्तिगत रूप से विधायक रवि बहादुर से मिलकर सड़क निर्माण की मांग रखी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। उन्होंने कहा, “अगर गांव की मुख्य सड़कें ही टूटी रहेंगी तो फिर जनता जनप्रतिनिधियों से उम्मीद किस बात की करे? नेताओं को सिर्फ चुनाव के समय गांव याद आता है, उसके बाद जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।”

एंड. यूनुस मलिक ने गांव के भीतर बढ़ते अतिक्रमण पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोग मुख्य रास्तों पर ईंट, रेत, बजरी और निर्माण सामग्री डालकर रास्ता घेर लेते हैं। कई जगह ट्रैक्टर, बुग्गी, टेंपो और अन्य वाहन सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे गांव में हर समय जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।उन्होंने कहा कि गांव के बीचोंबीच बने मुख्य रास्ते अब अव्यवस्था का केंद्र बन चुके हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे रोजाना भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। कई बार एंबुलेंस तक समय पर गांव के अंदर नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है।

एंड. यूनुस मलिक ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के चारों मुख्य मार्गों का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए और अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि अगर किसी के पास वाहन खड़ा करने की जगह नहीं है तो वह निजी व्यवस्था करे, लेकिन सार्वजनिक रास्तों को कब्जाकर आम जनता को परेशान करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि गढ़मीरपुर से तेलीवाला तक का रास्ता कुछ हद तक ठीक है, लेकिन बाकी सभी संपर्क मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि गांव में आना-जाना तक दूभर हो जाता है।

एंड. यूनुस मलिक ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो गांव के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में जनता उन नेताओं को जवाब देगी जिन्होंने वर्षों तक गांव की समस्याओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने साफ कहा कि अब लोगों को भाषण और वादे नहीं बल्कि जमीन पर विकास चाहिए। गांव में लोगों के अंदर भारी नाराजगी है और अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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