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काठा पीर उर्स बढ़ाने की मांग पर नहीं बनी बात! प्रशासनिक बैठक बेनतीजा, आज तय समय 4 जून को ही होगा उर्स का समापन कम श्रद्धालु पहुंचने से व्यापारियों और ठेकेदारों ने जताई चिंता, दो दिन अवधि बढ़ाने का रखा प्रस्ताव लेकिन नहीं मिली मंजूरी एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने कहा—“व्यवस्था और सुरक्षा सर्वोपरि”

काठा पीर उर्स बढ़ाने की मांग पर नहीं बनी बात! प्रशासनिक बैठक बेनतीजा, आज तय समय 4 जून को ही होगा उर्स का समापन

कम श्रद्धालु पहुंचने से व्यापारियों और ठेकेदारों ने जताई चिंता, दो दिन अवधि बढ़ाने का रखा प्रस्ताव लेकिन नहीं मिली मंजूरी

एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने कहा—“व्यवस्था और सुरक्षा सर्वोपरि”

इन्तजार रज़ा, हरिद्वार.. पथरी जंगल में स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह शाह मोहम्मद शाह उर्फ काठा पीर के सालाना उर्स की अवधि दो दिन बढ़ाने को लेकर बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक किसी अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच सकी। लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उर्स की वर्तमान स्थिति, श्रद्धालुओं की संख्या, व्यापारिक गतिविधियों और अवधि विस्तार के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई, लेकिन सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण उर्स को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न कराने का निर्णय लिया गया।

दरअसल, इस वर्ष आयोजित काठा पीर उर्स में अपेक्षित संख्या में श्रद्धालुओं के नहीं पहुंचने से मेले से जुड़े व्यापारियों और ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर संबंधित ठेकेदारों और व्यापारिक वर्ग की ओर से प्रशासन के समक्ष उर्स की अवधि दो दिन और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। उनका कहना था कि अतिरिक्त समय मिलने पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, जिससे व्यापारियों को कुछ राहत मिलेगी और आर्थिक नुकसान की भरपाई का अवसर प्राप्त होगा।

बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया गया। विभिन्न पक्षों ने अपनी-अपनी राय रखी। कुछ लोगों ने अवधि बढ़ाने के पक्ष में तर्क दिए तो कुछ ने प्रशासनिक और व्यवस्थागत कारणों का हवाला देते हुए निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव को उचित नहीं माना। लगभग दो घंटे तक चले विचार-विमर्श के बाद भी कोई ऐसा रास्ता नहीं निकल सका जिस पर सभी पक्ष सहमत हो सकें।

सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी आकलन किया। अधिकारियों का मानना था कि उर्स के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित पांच दिवसीय कार्यक्रम को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। ऐसे में अंतिम समय पर अवधि बढ़ाने से अतिरिक्त संसाधनों और व्यवस्थाओं की आवश्यकता पड़ेगी, जिससे नई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।

बैठक के बाद उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता उर्स का शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

डायरेक्टर एवं वरिष्ठ समाजसेवी वरीस अहमद ने कहा कि काठा पीर उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि क्षेत्र की साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर आयोजन की सफलता के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उर्स का समापन भी उसी श्रद्धा और अनुशासन के साथ होगा, जैसा इसकी परंपरा रही है।

बैठक में क्षेत्राधिकारी देवेंद्र नेगी, वरिष्ठ समाजसेवी वरीस अहमद, फुरकान अल्वी, चेयरमैन ताहिर हसन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने और प्रशासन का सहयोग करने का भरोसा दिलाया।गौरतलब है कि 31 मई से शुरू हुआ काठा पीर उर्स अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जून को ही संपन्न होगा। अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भले ही मंजूर नहीं हो पाया, लेकिन बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आयोजन की गरिमा को बनाए रखने में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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