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सोमवती अमावस्या स्नान पर्व से पहले हरकी पैड़ी पहुंचे DM-SSP! मां गंगा की आरती में किया सहभाग, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों और यातायात व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण; अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश,, सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट; घाटों, पार्किंग, बैरिकेडिंग, जल पुलिस और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को किया गया और मजबूत,,

सोमवती अमावस्या स्नान पर्व से पहले हरकी पैड़ी पहुंचे DM-SSP! मां गंगा की आरती में किया सहभाग, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा,,

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों और यातायात व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण; अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश,,

सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट; घाटों, पार्किंग, बैरिकेडिंग, जल पुलिस और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को किया गया और मजबूत,,

सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के मद्देनजर हरिद्वार प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहे हैं। पर्व से एक दिन पूर्व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की भव्य आरती में सहभाग किया तथा प्रदेश और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि एवं सुरक्षित स्नान की कामना की।

आरती के दौरान दोनों अधिकारियों ने मां गंगा से जनकल्याण की प्रार्थना की और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुचारु व्यवस्थाओं का संकल्प दोहराया। हरकी पैड़ी पर आयोजित संध्या गंगा आरती में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर दिखाई दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी और एसएसपी ने हरकी पैड़ी क्षेत्र, ब्रह्मकुंड, प्रमुख घाटों, प्रवेश एवं निकास मार्गों, बैरिकेडिंग व्यवस्था तथा नियंत्रण कक्षों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि सोमवती अमावस्या का पर्व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि घाटों की साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रहें।

वहीं एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी भी लगातार निगरानी रखेंगे।

प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों की तैनाती की गई है। जल पुलिस, आपदा राहत दल, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता तथा अग्निशमन विभाग की टीमें भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखी गई हैं। प्रमुख घाटों पर सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पार्किंग स्थलों, यातायात डायवर्जन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बनाए गए मार्गों का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की जाएं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है तथा पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे निर्धारित यातायात योजना और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन की सहायता लें। अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को लेकर हरिद्वार पूरी तरह तैयार दिखाई दे रहा है। प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित स्नान व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हरकी पैड़ी पर मां गंगा की आरती में शामिल होकर DM और SSP ने जहां आध्यात्मिक आस्था का संदेश दिया, वहीं व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर प्रशासनिक तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया।

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