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मानसून और कांवड़ यात्रा से पहले हरिद्वार में आपदा प्रबंधन का बड़ा रिहर्सल, हर की पौड़ी पर हुआ हाई लेवल मॉक ड्रिल,, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रूप से परखी रेस्क्यू क्षमता, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा,, तहसीलदार सचिन चौधरी बोले— किसी भी आपदा में त्वरित राहत एवं बचाव हमारी प्राथमिकता, सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नियमित मॉक ड्रिल जारी रहेंगी।

मानसून और कांवड़ यात्रा से पहले हरिद्वार में आपदा प्रबंधन का बड़ा रिहर्सल, हर की पौड़ी पर हुआ हाई लेवल मॉक ड्रिल,,

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रूप से परखी रेस्क्यू क्षमता, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा,,

तहसीलदार सचिन चौधरी बोले— किसी भी आपदा में त्वरित राहत एवं बचाव हमारी प्राथमिकता, सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नियमित मॉक ड्रिल जारी रहेंगी।

हरिद्वार। आगामी मानसून और कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा हर की पौड़ी और श्यामपुर क्षेत्र में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लेते हुए अपनी आपदा प्रबंधन तैयारियों का प्रदर्शन किया।

मॉक ड्रिल के दौरान ऐसा परिदृश्य तैयार किया गया जिसमें अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने से हर की पौड़ी पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच जाती है और कुछ लोग नदी में बह जाते हैं। सूचना मिलते ही सभी विभाग तत्काल सक्रिय हुए और तय समय के भीतर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने आधुनिक उपकरणों और मोटर बोट की सहायता से राहत एवं बचाव अभियान चलाया, जबकि पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। स्वास्थ्य विभाग ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।

तहसीलदार हरिद्वार सचिन चौधरी ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य सभी विभागों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना तथा किसी भी आपात स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना है। उन्होंने कहा कि मानसून और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने आमजन और श्रद्धालुओं से भी अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें। प्रशासन का कहना है कि ऐसे अभ्यास भविष्य में किसी भी संभावित आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी तथा तेज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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