महिला पुलिसकर्मी पर आश्रम के मकान पर कब्जे के प्रयास का आरोप,, खाली प्लॉट की रजिस्ट्री के आधार पर 15 साल पुराने बने मकान पर अधिकार जताने का दावा गलत, शिकायत के बाद हटवाई गई नेम प्लेट,, ओशो आश्रम प्रबंधन ने उठाए महिला पुलिसकर्मी पर गंभीर सवाल,

महिला पुलिसकर्मी पर आश्रम के मकान पर कब्जे के प्रयास का आरोप,,
खाली प्लॉट की रजिस्ट्री के आधार पर 15 साल पुराने बने मकान पर अधिकार जताने का दावा गलत, शिकायत के बाद हटवाई गई नेम प्लेट,,
ओशो आश्रम प्रबंधन ने उठाए महिला पुलिसकर्मी पर गंभीर सवाल,
हरिद्वार। हरिद्वार के हजारा ग्रंट स्थित ओशो आश्रम क्षेत्र में एक भूमि विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। जिले में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी पर आश्रम के पुराने निर्मित मकान पर कथित कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बाद संबंधित मकान से महिला पुलिसकर्मी के नाम की नेम प्लेट हटवा दी गई। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी केवल आरोप प्रत्यारोप लगाए गए हैं और महिला पुलिसकर्मी का पक्ष सामने आना बाकी है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी निवासी रितु ग्रोवर ने ग्राम हजारा ग्रंट, परगना रुड़की, तहसील एवं जिला हरिद्वार स्थित खसरा संख्या 17/1 में अपने हिस्से की 450 वर्ग फुट (41.82 वर्ग मीटर) भूमि जुलाई 2026 के प्रथम सप्ताह में महिला पुलिसकर्मी के नाम रजिस्ट्री की थी। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार रजिस्ट्री में इस संपत्ति का उल्लेख खाली प्लॉट के रूप में किया गया है। दस्तावेजों में किसी प्रकार के निर्माण का जिक्र नहीं है।
वहीं, ओशो आश्रम प्रबंधन का आरोप है कि पिछले लगभग 15 वर्षों से आश्रम का निर्मित मकान आश्रम की जमीन पर मौजूद है। आश्रम का दावा है कि हाल ही में खरीदे गए प्लॉट के आधार पर महिला पुलिसकर्मी ने उस मकान पर अपने नाम की नेम प्लेट लगाकर अधिकार जताने का प्रयास किया था। शिकायत के बाद नेम प्लेट हटा दी गई। आश्रम प्रबंधन का यह भी कहना है कि उनके अनुसार, इससे पहले भी इस संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान रजिस्ट्री में भूमि को खाली प्लॉट ही दर्शाया गया था,। उनका आरोप है कि समय-समय पर अलग-अलग लोग इस मकान पर पहुंचकर अपना नाम लिख देते हैं, नेम प्लेट लगा देते हैं जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
आश्रम प्रबंधन ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मौके पर वर्षों पुराना निर्माण मौजूद हैदूसरी ओर, महिला पुलिसकर्मी के पति ने बताया कि उनकी पत्नी फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य लाभ के बाद अगले पांच से सात दिनों में वह पूरे मामले पर अपना विस्तृत पक्ष रखेंगी।
फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है। किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला पुलिसकर्मी का पक्ष सामने आने और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



